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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 28 से 30 मई तक धारा 163 लागू, 5 या अधिक लोगों की सभा पर रोक

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नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 28 से 30 मई तक धारा 163 लागू, 5 या अधिक लोगों की सभा पर रोक

सारांश

बकरीद और संभावित किसान आंदोलन की पृष्ठभूमि में गौतमबुद्धनगर पुलिस ने नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 28 से 30 मई तक धारा 163 लागू की है। बिना अनुमति सभा, ड्रोन उड़ान, हथियार प्रदर्शन और भड़काऊ सोशल मीडिया पोस्ट पर पाबंदी है; उल्लंघन पर बीएनएस धारा 223 के तहत कार्रवाई होगी।

मुख्य बातें

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने 28 से 30 मई 2026 तक नोएडा और ग्रेटर नोएडा में बीएनएसएस-2023 की धारा 163 लागू की।
बिना पूर्व अनुमति 5 या अधिक व्यक्तियों की सभा, जुलूस या प्रदर्शन पूरी तरह प्रतिबंधित।
ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी-वीडियोग्राफी पर रोक; रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर बंद।
तलवार, भाला, त्रिशूल सहित हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन वर्जित; सिख समुदाय के कृपाण को छूट।
भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री और अफवाह फैलाने पर विशेष निगरानी; उल्लंघन पर बीएनएस धारा 223 के तहत कार्रवाई।

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर ने 27 मई 2026 को नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस)-2023 की धारा 163 लागू करने का आदेश जारी किया। यह प्रतिबंधात्मक आदेश 28 मई से 30 मई 2026 तक — कुल तीन दिनों के लिए — प्रभावी रहेगा। बिना पूर्व अनुमति के 5 या अधिक व्यक्तियों की किसी भी सभा, जुलूस या प्रदर्शन पर पूर्ण रोक रहेगी।

आदेश क्यों जारी किया गया

पुलिस आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि ईद-उल-अजहा (बकरीद) के अवसर पर कुर्बानी, नमाज और धार्मिक आयोजन प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही विभिन्न किसान एवं अन्य संगठनों द्वारा धरना-प्रदर्शन की संभावना को भी देखते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग किए जाने की आशंका के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि त्योहारी मौसम में संवेदनशील क्षेत्रों में निवारक प्रतिबंध लगाना उत्तर प्रदेश पुलिस की स्थापित कार्यशैली का हिस्सा रहा है।

मुख्य प्रतिबंध और नियम

आदेश के अनुसार पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त या पुलिस उपायुक्त की लिखित पूर्वानुमति के बिना कोई भी सार्वजनिक जमावड़ा, जुलूस या प्रदर्शन नहीं किया जा सकेगा। ड्रोन कैमरे से फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगाया गया है; केवल अधिकृत अनुमति पर ही इसका उपयोग संभव होगा।

लाउडस्पीकर और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी नियम लागू किए गए हैं। रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक इनका प्रयोग पूरी तरह वर्जित रहेगा। धार्मिक स्थलों पर ध्वनि की अधिकतम सीमा तय की गई है।

हथियार और विस्फोटक सामग्री पर पाबंदी

सार्वजनिक स्थानों पर तलवार, भाला, फरसा, त्रिशूल, चाकू, लाठी, डंडा, हॉकी, ज्वलनशील पदार्थ और विस्फोटक सामग्री लेकर चलने पर पूर्ण प्रतिबंध है। हालाँकि, सिख समुदाय द्वारा धार्मिक परंपरा के अंतर्गत रखे जाने वाले कृपाण को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। शादी-बारात समारोहों में हर्ष फायरिंग और सार्वजनिक स्थानों पर शराब या मादक पदार्थों के सेवन पर भी रोक रहेगी।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर विशेष निगरानी

किसी भी समुदाय की भावनाएँ भड़काने वाले भाषण, वीडियो, ऑडियो या सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अफवाह फैलाने वालों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। धार्मिक स्थलों, दीवारों या सार्वजनिक स्थानों पर धार्मिक झंडे, बैनर या पोस्टर लगाने पर भी रोक है।

उल्लंघन पर कार्रवाई

पुलिस कमिश्नरेट ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें। तीन दिन की यह अवधि समाप्त होने के बाद स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगे के निर्णय अपेक्षित हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी व्यापकता — ड्रोन प्रतिबंध से लेकर सोशल मीडिया निगरानी तक — यह सवाल उठाती है कि क्या ऐसे व्यापक आदेश आनुपातिक हैं या नागरिक स्वतंत्रता पर अनावश्यक अंकुश। त्योहारी मौसम में शांति बनाए रखना ज़रूरी है, लेकिन किसान संगठनों के वैध विरोध को भी इसी आदेश की छतरी में लाना, असहमति की जगह को सीमित करता है। उत्तर प्रदेश में ऐसे आदेश बार-बार जारी होते हैं, पर उनके वास्तविक प्रभाव और समीक्षा का कोई सार्वजनिक ढाँचा नहीं है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नोएडा-ग्रेटर नोएडा में धारा 163 क्या है और यह कब तक लागू रहेगी?
बीएनएसएस-2023 की धारा 163 एक निवारक प्रतिबंधात्मक आदेश है जो किसी क्षेत्र में सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगाने का अधिकार देती है। गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने यह आदेश 28 मई से 30 मई 2026 तक तीन दिनों के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लागू किया है।
यह प्रतिबंध क्यों लगाया गया है?
ईद-उल-अजहा (बकरीद) के धार्मिक आयोजनों और विभिन्न किसान व अन्य संगठनों द्वारा संभावित धरना-प्रदर्शन को देखते हुए असामाजिक तत्वों द्वारा शांति भंग की आशंका के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है।
इस दौरान क्या-क्या प्रतिबंधित है?
बिना अनुमति 5 या अधिक लोगों की सभा, ड्रोन से फोटोग्राफी, रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर, सार्वजनिक स्थानों पर हथियार प्रदर्शन, हर्ष फायरिंग, शराब सेवन और भड़काऊ सोशल मीडिया सामग्री पर पाबंदी है। धार्मिक स्थलों पर बैनर-पोस्टर लगाना भी वर्जित है।
क्या धार्मिक परंपराओं के लिए कोई छूट है?
हाँ, सिख समुदाय द्वारा धार्मिक परंपरा के अंतर्गत रखे जाने वाले कृपाण को हथियार प्रतिबंध से छूट दी गई है। इसके अलावा, बकरीद से जुड़े धार्मिक आयोजन — नमाज और कुर्बानी — प्रस्तावित हैं, जो आदेश के दायरे से बाहर हैं।
नियम तोड़ने पर क्या कार्रवाई होगी?
आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल देने की अपील भी की है।
राष्ट्र प्रेस
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