दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026: धारा-163 लागू, जुलूस-सभा-प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया जिले में दतिया विधानसभा उपचुनाव-2026 के मद्देनजर 11 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा-163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए हैं। दतिया अनुभाग में बिना प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार की सभा, जुलूस, प्रदर्शन या रैली आयोजित करना तत्काल प्रभाव से वर्जित कर दिया गया है।
प्रतिबंध की वजह
दतिया अनुविभागीय अधिकारी की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि 10 जुलाई 2026 की रात्रि झांसी-ग्वालियर हाईवे पर हुई चक्का जाम की घटना से कानून एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई। ऐसी परिस्थितियों की पुनरावृत्ति रोकने और जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
गौरतलब है कि उपचुनाव के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में इस प्रकार के निवारक आदेश जारी करना प्रशासन की मानक प्रक्रिया है, लेकिन हाईवे पर चक्का जाम जैसी घटना ने प्रशासन को तत्काल कार्रवाई पर मजबूर किया।
आदेश में क्या-क्या प्रतिबंधित
जारी आदेश के अनुसार, दतिया अनुभाग में निम्नलिखित गतिविधियाँ पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगी:
बिना वैधानिक अनुमति के सभा, जुलूस, प्रदर्शन या रैली का आयोजन वर्जित है। सार्वजनिक स्थानों पर हथियार, लाठी, तलवार, भाला, फरसा, चाकू अथवा अन्य घातक वस्तुओं के साथ भ्रमण एवं प्रदर्शन पर रोक रहेगी। पाँच या उससे अधिक व्यक्तियों का एक साथ एकत्रित होना भी प्रतिबंधित किया गया है।
इसके अलावा, बिना अनुमति लाउडस्पीकर एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग नहीं होगा। सोशल मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक या अन्य माध्यमों से भड़काऊ, आपत्तिजनक अथवा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली सामग्री के प्रसारण पर भी पाबंदी लगाई गई है।
सांप्रदायिक सौहार्द पर विशेष जोर
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि किसी भी प्रकार के भड़काऊ भाषण, नारे, पोस्टर या बैनर — जिनसे सांप्रदायिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था प्रभावित होने की संभावना हो — पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। साथ ही भारतीय निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने संपत्ति विरूपण अधिनियम, 1994, मध्य प्रदेश कोलाहल नियंत्रण अधिनियम, 1985 एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियम, 2000 के प्रावधानों के सख्त अनुपालन के भी निर्देश जारी किए हैं।
किन पर लागू नहीं होगा आदेश
यह प्रतिबंधात्मक आदेश पुलिस, सुरक्षा बलों, होमगार्ड, केंद्रीय सुरक्षा बलों के अधिकृत जवानों, प्रशासनिक अधिकारियों, न्यायिक अधिकारियों एवं विधि द्वारा अधिकृत व्यक्तियों पर लागू नहीं होगा। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू है और उपचुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक प्रभावी रहने की संभावना है।