दतिया विधानसभा उपचुनाव का ऐलान, कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने गुरुवार, 3 जुलाई 2025 को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात के एक-एक विधानसभा क्षेत्र में उपचुनाव कराने की घोषणा की, जिसमें मध्य प्रदेश का दतिया विधानसभा क्षेत्र भी शामिल है। इस घोषणा के तुरंत बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग के फैसले पर तीखे सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है।
दतिया सीट का विवादित इतिहास
दतिया विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार राजेंद्र भारती ने वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी। उल्लेखनीय है कि भारती ने तत्कालीन शिवराज सिंह चौहान सरकार के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को इस चुनाव में पराजित किया था — जो उस चुनाव के सबसे चर्चित परिणामों में से एक था।
हालाँकि, बाद में न्यायालय के एक फैसले के तहत राजेंद्र भारती का चुनाव शून्य घोषित कर दिया गया। भारती की ओर से इस फैसले के विरुद्ध अपील दायर की गई है, जिस पर आगामी दिनों में सुनवाई संभावित बताई जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब अपील पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है और चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीख तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घोषणा को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि 'दतिया की जनता ने 2023 में कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती को भारी बहुमत से विधायक चुना था, लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग के षड्यंत्र के चलते उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई।'
सिंघार ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) जल्दबाजी में उपचुनाव कराकर इस सीट पर कब्ज़ा करना चाहती है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अभी से चुनावी तैयारियाँ शुरू कर दें और विश्वास जताया कि दतिया की जनता एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में मतदान करेगी।
तीन राज्यों में एक साथ उपचुनाव
चुनाव आयोग की इस घोषणा के तहत बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात — तीनों राज्यों में एक-एक विधानसभा सीट पर उपचुनाव होंगे। दतिया के अलावा अन्य दो सीटों पर भी राजनीतिक हलचल तेज़ होने की संभावना है। गौरतलब है कि उपचुनाव प्रायः तब होते हैं जब किसी विधायक की मृत्यु, इस्तीफा, अयोग्यता या न्यायालय द्वारा चुनाव निरस्त किए जाने की स्थिति उत्पन्न होती है।
आगे क्या होगा
दतिया सीट पर उपचुनाव की तारीखें अभी घोषित होनी हैं। इस बीच राजेंद्र भारती की अपील पर न्यायालय में सुनवाई होना बाकी है, जिसका परिणाम उपचुनाव की राजनीतिक दिशा पर असर डाल सकता है। BJP और कांग्रेस दोनों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुकी है — एक के लिए 2023 की हार का बदला, दूसरे के लिए जनादेश की पुनः स्थापना।