दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस का बड़ा फैसला: पूर्व विधायक राजेंद्र भारती पार्टी से निष्कासित
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजों से ठीक एक दिन पहले, 2 अगस्त को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को पार्टी से निष्कासित कर दिया। यह कार्रवाई उपचुनाव के दौरान भीतरघात के आरोपों के बाद की गई है, जिसने पार्टी के आंतरिक अनुशासन पर गंभीर सवाल खड़े किए।
निष्कासन की वजह: भीतरघात के आरोप
दतिया से कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने चुनाव प्रचार के दौरान खुलकर आरोप लगाया था कि पार्टी के भीतर से ही उनके अभियान को कमज़ोर किया जा रहा है। इन्हीं आरोपों के आधार पर संगठन ने राजेंद्र भारती को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से बाहर करने का निर्णय लिया। यह कदम नतीजों से पहले उठाया गया, जो दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व किसी भी आंतरिक विद्रोह को चुनावी जवाबदेही से जोड़ना चाहता था।
राजेंद्र भारती की पृष्ठभूमि और सीट का इतिहास
दतिया विधानसभा सीट पर यह उपचुनाव इसीलिए हुआ क्योंकि राजेंद्र भारती की विधानसभा सदस्यता न्यायालय के आदेश के बाद स्वतः समाप्त हो गई थी। दिल्ली की राउज एवेन्यू जिला अदालत ने 2 अप्रैल को कोऑपरेटिव बैंक घोटाले के मामले में उन्हें दोषी ठहराते हुए 3 वर्ष की सजा और ₹1 लाख का जुर्माना सुनाया था। सजा मिलते ही जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत उनकी सदस्यता खत्म हो गई। गौरतलब है कि 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने इसी सीट से जीत दर्ज की थी।
दोनों दलों की चुनावी तैयारी
कांग्रेस ने इस सीट को बचाने के लिए घनश्याम सिंह को अपना उम्मीदवार बनाया। उनके समर्थन में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने सक्रिय प्रचार किया।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 2023 की हार का हिसाब चुकाने के लिए नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोड शो के ज़रिए प्रचार की कमान संभाली, जिसमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए।
मतदान और मतगणना की स्थिति
दतिया में 30 जुलाई को शांतिपूर्वक मतदान संपन्न हुआ। जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार मतदान प्रतिशत 71.44% रहा, जो 2023 के 80% की तुलना में 8.76% कम है। वोटों की गिनती गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में सोमवार सुबह से शुरू होनी थी और 3 अगस्त की दोपहर तक परिणाम स्पष्ट होने की उम्मीद थी।
मुख्य मुकाबला और उम्मीदवार
इस उपचुनाव में कुल 21 उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन मुख्य टक्कर BJP के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह के बीच मानी जा रही है। आज़ाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव भी इस मुकाबले में हैं। नतीजा तय करेगा कि कांग्रेस अपनी यह सीट बचाने में सफल रही या नहीं।