दतिया उपचुनाव: BJP के आशुतोष तिवारी और कांग्रेस के घनश्याम सिंह ने भरा नामांकन, 30 जुलाई को मतदान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने सोमवार, 13 जुलाई को अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। दोनों उम्मीदवार अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुँचे और औपचारिक रूप से चुनावी दंगल में उतरे।
नामांकन का घटनाक्रम
BJP प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव, BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह और वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल किया। पार्टी ने इस उपचुनाव के लिए 40 स्टार प्रचारकों की सूची भी जारी कर दी है, जिसमें पार्टी के तमाम दिग्गज नेताओं के नाम शामिल हैं।
कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, विधायक फूलसिंह बरैया, दतिया जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक दांगी और अन्य पदाधिकारियों की मौजूदगी में नामांकन दाखिल किया।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
यह उपचुनाव इसलिए आवश्यक हुआ क्योंकि कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को न्यायालय ने एक मामले में दो वर्ष से अधिक की सज़ा सुनाई, जिसके चलते उन्हें विधायक पद गँवाना पड़ा। इस प्रकार दतिया सीट रिक्त हुई और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित किया।
गौरतलब है कि दतिया सीट का राजनीतिक महत्त्व केवल संख्यात्मक नहीं है — यह क्षेत्र माँ पीताम्बरा पीठ के कारण धार्मिक दृष्टि से भी संवेदनशील माना जाता है और यहाँ की जनभावना चुनाव परिणाम पर गहरा असर डालती है।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया
नामांकन के बाद कांग्रेस नेताओं ने कहा कि माँ पीताम्बरा के आशीर्वाद और दतिया की जागरूक जनता एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा जताएगी। उन्होंने BJP पर अहंकार, तानाशाही और जनविरोधी राजनीति का आरोप लगाते हुए कहा कि जनता इसका लोकतांत्रिक जवाब देगी।
चुनाव कार्यक्रम
ECI द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्रों की समीक्षा 14 जुलाई को होगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 16 जुलाई है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 4 अगस्त को मतगणना की जाएगी। दोनों प्रमुख दलों के नामांकन के साथ अब चुनावी प्रचार तेज़ होने की संभावना है।