दतिया उपचुनाव: नरोत्तम मिश्रा का संकल्प — 'सोच, शब्द और कर्म से आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने 13 जुलाई को औपचारिक रूप से नामांकन पत्र दाखिल किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
मिश्रा का संकल्प: पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका में
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने नामांकन कार्यक्रम में शिरकत करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को इस कार्यक्रम के लिए व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित किया था। मिश्रा ने कहा, 'मुझे किसी और की भूमिका की चिंता नहीं है। मैं अपनी भूमिका जानता हूं — एक पार्टी कार्यकर्ता की भूमिका। सोच, शब्द और कर्म से पूरी निष्ठा के साथ मैं आशुतोष के लिए पूरे दिल से काम करूंगा।'
उन्होंने आगे कहा, 'अभी मेरी भूमिका यह सुनिश्चित करना है कि भारतीय जनता पार्टी दतिया विधानसभा उपचुनाव जीते।' मिश्रा की यह टिप्पणी उस पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब दतिया में भाजपा के भीतर आंतरिक असंतोष की चर्चाएं थीं।
पार्टी में असंतोष पर मिश्रा का जवाब
दतिया उपचुनाव से पहले भाजपा के भीतर कथित मतभेदों के सवाल पर मिश्रा ने कहा, 'जहां तक मुझे पता है, कल सभी लोग प्रदेश अध्यक्ष की बैठक में शामिल हुए थे। उनके मतभेद सुलझ गए होंगे, वरना वे वहां नहीं होते।' यह बयान भाजपा की आंतरिक एकता को रेखांकित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
खंडेलवाल और सारंग का भरोसा
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'नॉमिनेशन की प्रक्रिया में हमारे साथ मुख्यमंत्री मोहन यादव, हमारे वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा, हमारे प्रभारी महेंद्र सिंह शामिल हुए। भारतीय जनता पार्टी भारी बहुमत से यह चुनाव जीतेगी।' उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं की एकजुटता को जीत का आधार बताया।
मंत्री विश्वास सारंग ने भी भाजपा की जीत पर पूरा भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार के माध्यम से दतिया के हर घर तक विकास पहुंचाना भाजपा का मुख्य चुनावी लक्ष्य है और प्रत्याशी आशुतोष तिवारी निश्चित रूप से विजयी होंगे।
दतिया उपचुनाव का राजनीतिक संदर्भ
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ रही है। यह उपचुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटी है। नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेता का सक्रिय रूप से प्रचार में उतरना पार्टी के लिए इस सीट के महत्व को दर्शाता है।
आगे क्या
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही दतिया उपचुनाव का प्रचार अभियान अब तेज होने की संभावना है। भाजपा की पूरी प्रदेश नेतृत्व टीम इस सीट पर ध्यान केंद्रित कर रही है, और आने वाले दिनों में बड़े नेताओं की रैलियां व जनसंपर्क अभियान देखने को मिल सकते हैं।