13 जुलाई 2026
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दतिया उपचुनाव: टिकट कटने के बाद भी नरोत्तम मिश्रा रैली में रोए, भाजपा उम्मीदवार आशुतोष के लिए माँगे वोट

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दतिया उपचुनाव: टिकट कटने के बाद भी नरोत्तम मिश्रा रैली में रोए, भाजपा उम्मीदवार आशुतोष के लिए माँगे वोट

सारांश

टिकट कटने का दर्द और पार्टी के प्रति निष्ठा — दतिया की रैली में नरोत्तम मिश्रा का यह भावुक संबोधन दोनों का मिश्रण था। छह बार के विधायक ने आँसुओं के बीच भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए वोट माँगे, और पार्टी को एकता का संदेश दिया।

मुख्य बातें

पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा 13 जुलाई 2026 को दतिया रैली में भावुक होकर रो पड़े — टिकट कटने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक संबोधन था।
मिश्रा ने भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए वोट माँगे और 16 जुलाई से प्रचार में सक्रिय रहने का वादा किया।
सभा में मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद थे।
दतिया विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता के बाद हो रहा है; मतदान 30 जुलाई , मतगणना 3 अगस्त ।
मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह , जीतू पटवारी और उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर विकास एजेंडा न होने का आरोप लगाया।

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा सोमवार, 13 जुलाई 2026 को दतिया में आयोजित एक बड़ी भाजपा रैली में भावुक होकर रो पड़े — यह उनका टिकट कटने के बाद पहला सार्वजनिक संबोधन था। मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी को जिताने की भावपूर्ण अपील की।

मुख्य घटनाक्रम

यह सभा भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी द्वारा नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद आयोजित की गई थी। मंच पर खड़े होते ही मिश्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं से तिवारी की जीत के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम करने का आह्वान किया। कुछ ही पलों में वे भावुक हो गए और आगे बोल नहीं सके। छह बार के विधायक मिश्रा हाथ जोड़कर वापस अपनी सीट पर बैठ गए, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारे लगाए।

नरोत्तम मिश्रा के शब्द

मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, 'मैं हर भाजपा कार्यकर्ता से अपील करता हूँ कि वह आशुतोष तिवारी की जीत के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करे। 16 जुलाई से लेकर चुनाव प्रचार के आखिरी दिन तक मैं लगातार आपके बीच रहूँगा। यह चुनाव किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि दतिया के सम्मान और विकास का है।'

अपने निर्वाचन क्षेत्र से दो दशक के जुड़ाव का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं आप सबसे केवल एक बात चाहता हूँ — दतिया की जनता की उसी समर्पण भावना के साथ सेवा करते रहिए। यदि ज़रूरत पड़े तो इस धरती के लोगों के लिए सब कुछ त्यागने के लिए तैयार रहिए।' इसके बाद वे आगे बोल नहीं सके।

दतिया के विकास का दावा और कांग्रेस पर हमला

टिकट न मिलने का सीधा उल्लेख किए बिना मिश्रा ने पिछले 20 वर्षों में दतिया के बदलाव की चर्चा की। उन्होंने कहा कि जब वे लगभग दो दशक पहले यहाँ चुनाव लड़ने आए थे, तब कांग्रेस सरकार के दौरान बुनियादी सुविधाएँ भी नहीं थीं — आज सड़कें बनी हैं, गाँवों तक विकास पहुँचा है और हवाई सेवाएँ भी शुरू हो गई हैं।

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है और वह भाजपा के आंतरिक मामलों को मुद्दा बनाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

आशुतोष तिवारी का संबोधन

नामांकन दाखिल करने के बाद आशुतोष तिवारी ने कहा, 'मैंने राजनीति में नरोत्तम मिश्रा जी से बहुत कुछ सीखा है। वे मेरे बड़े भाई जैसे हैं। मैं सभी भाजपा कार्यकर्ताओं और दतिया की जनता से आशीर्वाद और सहयोग चाहता हूँ। हम सब मिलकर भाजपा की जीत सुनिश्चित करेंगे।' गौरतलब है कि तिवारी को मिश्रा की जगह भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है।

उपचुनाव की पृष्ठभूमि और आगे की तारीखें

दतिया विधानसभा उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किए जाने के बाद कराया जा रहा है। मतदान 30 जुलाई को होगा और मतगणना 3 अगस्त को। यह ऐसे समय में आया है जब भाजपा के भीतर टिकट वितरण को लेकर असंतोष की खबरें सामने आ रही थीं — मिश्रा का यह सार्वजनिक समर्थन पार्टी के लिए एकता का संदेश देने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नरोत्तम मिश्रा दतिया रैली में क्यों रोए?
पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भाजपा द्वारा दतिया विधानसभा सीट का टिकट न दिए जाने के बाद पहली बार सार्वजनिक रैली में बोल रहे थे। अपने दो दशक के निर्वाचन क्षेत्र से जुड़ाव और पार्टी के प्रति निष्ठा व्यक्त करते हुए वे भावुक हो गए और आगे बोल नहीं सके।
दतिया उपचुनाव में भाजपा का उम्मीदवार कौन है?
भाजपा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार बनाया है। तिवारी ने 13 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और नरोत्तम मिश्रा की उपस्थिति में नामांकन पत्र दाखिल किया।
दतिया उपचुनाव कब होगा और मतगणना कब है?
दतिया विधानसभा उपचुनाव में मतदान 30 जुलाई 2026 को होगा और मतगणना 3 अगस्त 2026 को की जाएगी। यह उपचुनाव कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किए जाने के बाद आवश्यक हुआ।
दतिया उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया विधानसभा सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत अयोग्य घोषित किए जाने के कारण रिक्त हुई है। इसी कारण यह उपचुनाव कराया जा रहा है।
नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस नेताओं दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी और उम्मीदवार घनश्याम सिंह पर आरोप लगाया कि विपक्ष के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के आंतरिक मामलों को मुद्दा बनाकर राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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