13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दतिया उपचुनाव: टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा बोले — 'कार्यकर्ता की भूमिका में आशुतोष तिवारी के लिए काम करूंगा'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दतिया उपचुनाव: टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा बोले — 'कार्यकर्ता की भूमिका में आशुतोष तिवारी के लिए काम करूंगा'

सारांश

दतिया उपचुनाव में टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा ने विरोध की बजाय समर्पण का रास्ता चुना — 'मरते दम तक पार्टी में रहूंगा' कहकर उन्होंने BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए प्रचार का ऐलान किया। कार्यकर्ताओं का बवाल थमेगा या नहीं, यह असली सवाल है।

मुख्य बातें

नरोत्तम मिश्रा को दतिया उपचुनाव का टिकट नहीं मिला; BJP ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया।
मिश्रा ने कहा — 'मेरी भूमिका कार्यकर्ता की है, मैं आशुतोष तिवारी के लिए काम करूंगा।' टिकट कटने के बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में असंतोष और बवाल देखा गया।
दिल्ली में वरिष्ठ पार्टी नेताओं से मुलाकात के बाद मिश्रा ने BJP की प्रचंड बहुमत से जीत का दावा किया।
मिश्रा ने आशुतोष तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होने और सक्रिय प्रचार की घोषणा की।

मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने 13 जुलाई को स्पष्ट किया कि दतिया उपचुनाव में टिकट न मिलने के बावजूद वे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषित उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए एक समर्पित कार्यकर्ता की तरह प्रचार करेंगे। उन्होंने दावा किया कि इस उपचुनाव में BJP प्रचंड बहुमत से जीत दर्ज करेगी।

मुख्य घटनाक्रम

BJP ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया, जिसके बाद नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों में असंतोष देखा गया और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। इस माहौल के बीच मिश्रा ने सार्वजनिक रूप से पार्टी के निर्णय के पक्ष में बयान दिया।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'मेरी भूमिका कार्यकर्ता की है और यह मुझे पता है। मैं प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के लिए काम करूंगा।' उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हो चुकी है।

नरोत्तम मिश्रा की प्रतिक्रिया

मिश्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, 'चुनाव में टिकट की इच्छा हर कार्यकर्ता रखता है, लेकिन पार्टी में टिकट किसी एक व्यक्ति को ही मिल सकता है। पार्टी जिसे भी उम्मीदवार बनाती है, सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी होती है कि वे मिलकर उसकी जीत के लिए काम करें।'

उन्होंने आगे जोड़ा, 'पार्टी ने मुझे बहुत अवसर दिए हैं और कई बार विधायक बनाया है। मुझे जितना मौका मिला, वह पर्याप्त है। मैं संतुष्ट हूं और मरते दम तक पार्टी में रहूंगा।' मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि टिकट न मिलने को लेकर उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी नहीं है।

संगठन सर्वोपरि का संदेश

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, 'इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि पार्टी से बड़ा कोई व्यक्ति नहीं होता। संगठन हमेशा सर्वोपरि होता है और पार्टी नेतृत्व के फैसले को सम्मान के साथ स्वीकार करना प्रत्येक कार्यकर्ता का कर्तव्य है।'

उन्होंने यह भी बताया कि वे आशुतोष तिवारी के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम में शामिल होंगे और चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। गौरतलब है कि नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश BJP के वरिष्ठतम नेताओं में से एक हैं और दतिया सीट से उनका गहरा जनाधार रहा है।

आगे की राह

दतिया उपचुनाव में BJP के लिए यह परीक्षा इसलिए भी अहम है क्योंकि पार्टी को अपने ही एक प्रभावशाली नेता के समर्थकों को एकजुट करना होगा। नरोत्तम मिश्रा की सार्वजनिक वफादारी की घोषणा से पार्टी को आंतरिक मतभेदों को शांत करने में मदद मिल सकती है। अब देखना होगा कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का असंतोष किस हद तक थमता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो BJP की 'प्रचंड जीत' का दावा खोखला साबित हो सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दतिया उपचुनाव में BJP का उम्मीदवार कौन है?
BJP ने दतिया उपचुनाव के लिए आशुतोष तिवारी को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया है। पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर यह निर्णय लिया गया।
नरोत्तम मिश्रा का टिकट क्यों काटा गया?
इस बारे में BJP नेतृत्व ने कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया है। नरोत्तम मिश्रा ने स्वयं कहा कि पार्टी दूरगामी सोच के साथ निर्णय लेती है और उन्हें इस फैसले से कोई नाराजगी नहीं है।
नरोत्तम मिश्रा दतिया उपचुनाव में क्या भूमिका निभाएंगे?
नरोत्तम मिश्रा ने कहा है कि वे एक कार्यकर्ता की भूमिका में BJP उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के लिए प्रचार करेंगे। वे तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
दतिया उपचुनाव में BJP की जीत की कितनी संभावना है?
नरोत्तम मिश्रा ने दावा किया है कि BJP दतिया उपचुनाव में प्रचंड बहुमत से जीतेगी। हालांकि, टिकट कटने के बाद कार्यकर्ताओं में असंतोष देखा गया है, जो पार्टी के लिए एक आंतरिक चुनौती बन सकता है।
नरोत्तम मिश्रा कौन हैं?
नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री और BJP के वरिष्ठ नेता हैं। वे कई बार दतिया सीट से विधायक रह चुके हैं और इस क्षेत्र में उनका मजबूत जनाधार है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 18 घंटे पहले
  2. 18 घंटे पहले
  3. 21 घंटे पहले
  4. 22 घंटे पहले
  5. कल
  6. कल
  7. कल
  8. 2 दिन पहले