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दतिया उपचुनाव 30 जुलाई को: कांग्रेस ने भारती की अयोग्यता को BJP-चुनाव आयोग की 'साजिश' बताया

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दतिया उपचुनाव 30 जुलाई को: कांग्रेस ने भारती की अयोग्यता को BJP-चुनाव आयोग की 'साजिश' बताया

सारांश

दतिया उपचुनाव की तारीख तय होते ही कांग्रेस और BJP आमने-सामने आ गई हैं। विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता — जो 2023 में नरोत्तम मिश्रा को हराकर जीते थे — को कांग्रेस 'साजिश' बता रही है। 30 जुलाई का यह मुकाबला ग्वालियर-चंबल की राजनीति की नई इबारत लिखेगा।

मुख्य बातें

चुनाव आयोग ने 2 जुलाई 2026 को दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव की घोषणा की।
राजेंद्र भारती को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट' के तहत अयोग्य घोषित किया गया।
कांग्रेस नेता उमंग सिंघार ने अयोग्यता को BJP और चुनाव आयोग की 'साजिश' बताया।
2023 में भारती ने तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों से हराया था।
नामांकन 6-13 जुलाई , मतदान 30 जुलाई , मतगणना 3 अगस्त को होगी।
अटकलें हैं कि नरोत्तम मिश्रा BJP के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं।

चुनाव आयोग (ECI) ने 2 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव कराने की घोषणा की। इस घोषणा के तुरंत बाद भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने अपने विधायक राजेंद्र भारती की अयोग्यता को भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग की मिलीभगत से रची गई 'साजिश' करार दिया। यह उपचुनाव 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट' के तहत भारती को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद अयोग्य घोषित किए जाने के कारण आवश्यक हुआ।

मुख्य घटनाक्रम

चुनाव आयोग के जारी कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन पत्र 6 से 13 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे। 14 जुलाई को नामांकन की जाँच होगी और 16 जुलाई तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को मतगणना की जाएगी।

यह उपचुनाव ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण दतिया सीट पर हो रहा है, जिसे दोनों प्रमुख दलों के लिए एक अहम राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि भारती को 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया की जनता ने भारी बहुमत से चुना था और उनकी अयोग्यता एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा है। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से उपचुनाव की तैयारी तत्काल शुरू करने की अपील की।

सिंघार ने कहा, 'दतिया की जनता ने 2023 में राजेंद्र भारती को भारी बहुमत से चुना था। एक साजिश के तहत उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई। BJP उपचुनाव के ज़रिए इस सीट पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रही है, लेकिन जनता एक बार फिर कांग्रेस पर भरोसा जताएगी।'

2023 का जनादेश और दतिया की राजनीतिक अहमियत

2023 के विधानसभा चुनावों में राजेंद्र भारती ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों के अंतर से पराजित कर इस सीट पर BJP के दीर्घकालिक वर्चस्व को समाप्त किया था। यह जीत कांग्रेस के लिए प्रतीकात्मक रूप से भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि मिश्रा उस समय प्रदेश सरकार में एक प्रमुख चेहरा थे।

गौरतलब है कि ग्वालियर-चंबल क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है और यहाँ के चुनाव परिणाम प्रदेश की राजनीति की दिशा तय करने में सहायक माने जाते हैं।

BJP की रणनीति और संभावित उम्मीदवार

BJP इस सीट को पुनः प्राप्त करने के लिए पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर पार्टी के उम्मीदवार हो सकते हैं, हालाँकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। दूसरी ओर, कांग्रेस इस सीट को बनाए रखने और 2023 की जीत को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध दिख रही है।

आगे क्या होगा

30 जुलाई का यह उपचुनाव दोनों दलों के लिए एक निर्णायक मुकाबला होगा। कांग्रेस जहाँ इसे अपने जनादेश की पुनर्पुष्टि के रूप में देख रही है, वहीं BJP के लिए यह एक खोई हुई प्रतिष्ठित सीट को वापस पाने का अवसर है। 3 अगस्त को आने वाले परिणाम ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीतिक दशा और दिशा दोनों को प्रभावित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन भारती की अयोग्यता की परिस्थितियाँ और उपचुनाव का समय दोनों दलों के लिए एक-दूसरे पर दबाव बनाने का अवसर बन गए हैं। असली सवाल यह है कि क्या दतिया की जनता एक बार फिर वही फैसला सुनाएगी जो उसने 2023 में सुनाया था, या BJP प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में नरोत्तम मिश्रा के ज़रिए वापसी करेगी। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र की राजनीतिक नब्ज़ 3 अगस्त को साफ़ होगी।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दतिया विधानसभा उपचुनाव क्यों हो रहा है?
कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद 'रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपुल एक्ट' के तहत अयोग्य घोषित किया गया, जिससे दतिया विधानसभा सीट रिक्त हो गई। इसी कारण चुनाव आयोग ने 30 जुलाई 2026 को उपचुनाव कराने की घोषणा की।
दतिया उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम क्या है?
नामांकन 6 से 13 जुलाई तक स्वीकार किए जाएंगे, 14 जुलाई को जाँच और 16 जुलाई तक नाम वापसी होगी। मतदान 30 जुलाई और मतगणना 3 अगस्त 2026 को होगी।
कांग्रेस ने 'साजिश' का आरोप क्यों लगाया?
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने कहा कि राजेंद्र भारती को 2023 में दतिया की जनता ने भारी बहुमत से चुना था और उनकी अयोग्यता BJP और चुनाव आयोग की मिलीभगत का नतीजा है। कांग्रेस का आरोप है कि BJP इस उपचुनाव के ज़रिए वह सीट वापस लेना चाहती है जो उसने 2023 में गँवाई थी।
2023 में दतिया सीट पर क्या हुआ था?
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने मध्य प्रदेश के तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों के अंतर से हराया था। इस जीत ने दतिया सीट पर BJP के दीर्घकालिक वर्चस्व को समाप्त कर दिया था।
दतिया उपचुनाव में BJP का संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है?
राजनीतिक हलकों में अटकलें हैं कि पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर BJP के उम्मीदवार हो सकते हैं, हालाँकि पार्टी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है।
राष्ट्र प्रेस
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