चुनाव आयोग का ऐलान: बांकीपुर, दतिया और मांजलपुर में 30 जुलाई को उपचुनाव, 3 अगस्त को नतीजे
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने 2 जुलाई 2026 को बिहार, मध्य प्रदेश और गुजरात की तीन विधानसभा सीटों पर उपचुनाव की घोषणा की। बांकीपुर (बिहार), दतिया (मध्य प्रदेश) और मांजलपुर (गुजरात) — तीनों सीटों पर 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को परिणाम घोषित किए जाएँगे। तीनों सीटें अलग-अलग कारणों से रिक्त हुई हैं, जो इस उपचुनाव को राजनीतिक दृष्टि से विशेष रूप से महत्त्वपूर्ण बनाता है।
चुनावी कार्यक्रम
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, 6 जुलाई को आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होगा। उम्मीदवार 13 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं, जबकि 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जाँच होगी। 16 जुलाई नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी मतदान केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग किया जाएगा और पर्याप्त मशीनें उपलब्ध करा दी गई हैं।
दतिया सीट: अयोग्यता के बाद उपचुनाव
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता निलंबित किए जाने के बाद आवश्यक हो गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में भारती ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता नरोत्तम मिश्रा को 7,742 मतों के अंतर से हराया था — भारती को 88,977 वोट मिले थे, जबकि मिश्रा को 81,235। हालाँकि, इसी वर्ष एक फर्जीवाड़े के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद भारती को दतिया सीट से अयोग्य घोषित कर दिया गया।
मांजलपुर सीट: विधायक के निधन के बाद रिक्त
गुजरात की मांजलपुर विधानसभा सीट BJP विधायक योगेश नारायणदास पटेल के निधन के बाद खाली हुई। 2022 के विधानसभा चुनाव में BJP के टिकट पर जीते पटेल का पिछले महीने 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। यह सीट BJP के लिए परंपरागत रूप से मजबूत मानी जाती है।
बांकीपुर सीट: BJP अध्यक्ष के इस्तीफे के बाद रिक्त
बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। नवीन ने राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद विधानसभा से त्यागपत्र दिया था। यह सीट BJP के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न है, क्योंकि यह पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की पूर्व सीट है।
आगे क्या होगा
तीनों सीटों पर उपचुनाव न केवल रिक्त स्थान भरने की प्रक्रिया है, बल्कि यह तीन बड़े राज्यों में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों की मौजूदा ज़मीनी स्थिति का भी परीक्षण होगा। 3 अगस्त को घोषित होने वाले नतीजे राज्यों की राजनीतिक दिशा पर महत्त्वपूर्ण संकेत देंगे।