दिल्ली हाईकोर्ट ने राजेंद्र भारती की याचिका खारिज की, दतिया उपचुनाव 3 अगस्त को तय
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली हाईकोर्ट ने 10 जुलाई को कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की वह याचिका खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने 1998 के दतिया कोऑपरेटिव रूरल डेवलपमेंट बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दी गई सजा को चुनौती दी थी। इस फैसले से मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव के रास्ते की अंतिम कानूनी अड़चन दूर हो गई है और 3 अगस्त को मतदान तय कार्यक्रम के अनुसार होगा।
मामले की पृष्ठभूमि
यह मामला 1998 में दतिया कोऑपरेटिव रूरल डेवलपमेंट बैंक में फिक्स्ड डिपॉजिट से जुड़ी कथित अनियमितताओं से संबंधित है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, डिपॉजिट की अवधि बढ़ाने और ब्याज का दावा करने के लिए बैंक के रिकॉर्ड में हेरफेर की गई थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के निदेशक मंडल के अध्यक्ष और संस्थान के ट्रस्टी के पद पर थे।
दिल्ली की एक विशेष अदालत ने 1 अप्रैल को भारती को आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं के तहत दोषी ठहराया था। 2 अप्रैल को अदालत ने तीन साल की जेल और जुर्माने की सजा सुनाई।
अयोग्यता और उपचुनाव की घोषणा
दोषसिद्धि के बाद जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत भारती को विधायक पद के लिए अयोग्य घोषित किया गया। इस अधिनियम के अनुसार, दो वर्ष या उससे अधिक की सजा पाने वाले जनप्रतिनिधि स्वतः अयोग्य हो जाते हैं। इसके बाद दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित की गई और चुनाव आयोग (ECI) ने उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया।
हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के तर्क
भारती की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी. चिदंबरम ने तर्क दिया कि यह विवाद मूलतः दीवानी प्रकृति का था, आपराधिक नहीं। उन्होंने बताया कि बैंक ने पूर्व में इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय में दीवानी विवाद के रूप में प्रस्तुत किया था, जहाँ दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो गया था। चिदंबरम ने यह भी कहा कि समझौते की राशि अभी तक मिलनी बाकी है और फिक्स्ड डिपॉजिट बैंक के पास ही है। हालाँकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के आदेश में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।
दतिया उपचुनाव का कार्यक्रम
चुनाव आयोग के अनुसार, नामांकन 13 जुलाई तक भरे जा सकते हैं, 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जाँच होगी और 17 जुलाई नाम वापस लेने की अंतिम तिथि है। 3 अगस्त को मतदान और 6 अगस्त को मतगणना होगी। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है।
राजनीतिक महत्व
यह फैसला मध्य प्रदेश की राजनीति में अहम माना जा रहा है। दतिया उपचुनाव में सत्ताधारी BJP और कांग्रेस के बीच सीधे मुकाबले की उम्मीद है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में पार्टियाँ स्थानीय जनाधार मजबूत करने में जुटी हैं। हाईकोर्ट के इस फैसले ने कानूनी अनिश्चितता को समाप्त कर दोनों दलों को उम्मीदवार घोषित करने का स्पष्ट संकेत दे दिया है।