नेपाल का बड़ा फैसला: गुम या चोरी पासपोर्ट की जानकारी 24 घंटे में इंटरपोल को देना अनिवार्य
सारांश
मुख्य बातें
नेपाल सरकार के विदेश मंत्रालय ने 17 सितंबर 2026 को एक अहम प्रक्रिया लागू की है, जिसके तहत गुम हुए, चोरी हुए या रद्द किए गए नेपाली पासपोर्ट का विवरण 24 घंटे के भीतर इंटरपोल के डेटाबेस में अपडेट करना अनिवार्य होगा। यह कदम पासपोर्ट के संभावित दुरुपयोग — जैसे आतंकवाद, मानव तस्करी और अवैध अंतरराष्ट्रीय यात्रा — को रोकने की दिशा में उठाया गया है।
नई प्रक्रिया क्या है
'इंटरपोल के साथ गुम हुए, चोरी हुए और रद्द किए गए पासपोर्ट की जानकारी अपडेट करने की प्रक्रिया, 2026' के तहत, पासपोर्ट विभाग इन मामलों को संभालने के लिए समर्पित अधिकारी नियुक्त करेगा। ये अधिकारी नेपाल पुलिस के इंटरपोल नेशनल सेंट्रल ब्यूरो (NCB), काठमांडू के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
इंटरपोल के 'स्टोलन एंड लॉस्ट ट्रैवल डॉक्यूमेंट्स' (SLTD) डेटाबेस में जो जानकारी दर्ज की जाएगी, उसमें पासपोर्ट का प्रकार, पासपोर्ट नंबर, जारी होने और समाप्ति की तारीख, तथा दस्तावेज़ के खोने, चोरी होने या रद्द होने की तारीख और संभावित स्थान शामिल होंगे। अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) विश्व का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय पुलिस नेटवर्क है, जो 196 सदस्य देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों को जोड़ता है।
पासपोर्ट खोने पर क्या करना होगा
नई प्रक्रिया के अनुसार, यदि किसी नेपाली नागरिक का पासपोर्ट गुम हो जाता है या चोरी हो जाता है, तो पासपोर्ट धारक या उनके अधिकृत प्रतिनिधि को पासपोर्ट विभाग को लिखित में सूचित करना होगा। यदि धारक विदेश में है, तो उन्हें निकटतम नेपाली राजनयिक मिशन को व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से सूचना देनी होगी।
सूचना मिलने पर पासपोर्ट विभाग अपने सिस्टम में दस्तावेज़ की पुष्टि करेगा, उसे 'खोया हुआ' या 'चोरी हुआ' के रूप में चिह्नित करेगा और उसके इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए ज़रूरी नियंत्रण लागू करेगा। विदेशों में स्थित राजनयिक मिशनों को भी रिपोर्ट मिलते ही तत्काल पासपोर्ट विभाग को सूचना भेजनी होगी और संबंधित व्यक्ति को यह स्पष्ट करना होगा कि वह पासपोर्ट अब वैध नहीं है।
किन मामलों को मिलेगी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि आतंकवाद, संगठित अपराध, मानव तस्करी और अवैध अंतरराष्ट्रीय यात्रा जैसे तत्काल जोखिम से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर बिना देरी के इंटरपोल को सूचित किया जाएगा। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया में फर्जी यात्रा दस्तावेज़ों के ज़रिए अंतरराष्ट्रीय सीमाएँ पार करने की घटनाओं को लेकर वैश्विक चिंता बढ़ी है।
इस कदम का महत्व
गौरतलब है कि अब तक नेपाल में गुम या चोरी पासपोर्ट की जानकारी इंटरपोल तक पहुँचाने की कोई सुव्यवस्थित और समयबद्ध प्रणाली नहीं थी। नई प्रक्रिया इस अंतर को पाटने का प्रयास है और यह सुनिश्चित करती है कि नेपाल-जारी खोए या चोरी हुए पासपोर्ट की जानकारी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध हो। विशेषज्ञों के अनुसार, SLTD डेटाबेस तभी प्रभावी होता है जब सदस्य देश इसे तत्परता से अपडेट करते हैं — और यह नियम नेपाल की उस दिशा में प्रतिबद्धता को संस्थागत रूप देता है।
आगे क्या होगा
पासपोर्ट विभाग अब एक केंद्रीकृत प्रणाली के ज़रिए गायब और चोरी हुए पासपोर्ट का रिकॉर्ड रखेगा और इंटरपोल NCB के साथ नियमित समन्वय करेगा। यह प्रक्रिया बुधवार, 17 सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है। सभी नेपाली राजनयिक मिशनों को भी इस नई प्रणाली के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं।