दतिया उपचुनाव 2026: आजाद समाज पार्टी के दामोदर सिंह यादव बोले — भय और भ्रष्टाचार से मुक्ति होगी पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
दतिया विधानसभा उपचुनाव 2026 की तारीख घोषित होते ही राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हो गई हैं। भारत निर्वाचन आयोग ने मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) को मतदान की तारीख तय की है। इसी कड़ी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव ने अपनी चुनावी रणनीति और क्षेत्र की मौजूदा समस्याओं पर खुलकर बात की।
मैदान में मज़बूती से उतरी आजाद समाज पार्टी
दामोदर सिंह यादव ने कहा, 'दो तरह के छात्र होते हैं — एक वे जो सिर्फ परीक्षा से पहले पढ़ते हैं और दूसरे वे जो पूरे साल तैयारी करते हैं। हम दूसरी श्रेणी में आते हैं।' उनके अनुसार आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के कार्यकर्ता पिछले लगभग तीन महीनों से दतिया के ग्रामीण और शहरी इलाकों में जमीनी स्तर पर सक्रिय हैं।
यादव ने दावा किया कि सेक्टर और बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की तैनाती पूरी हो चुकी है और पोलिंग एजेंटों की व्यवस्था भी सुनिश्चित कर ली गई है। उन्होंने बताया कि वे स्वयं 100 से अधिक गाँवों में जनसभाएँ कर चुके हैं और दतिया शहर में भी लगातार कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
भय और भ्रष्टाचार: क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या
दतिया की मौजूदा स्थिति पर टिप्पणी करते हुए यादव ने कहा कि क्षेत्र में इस समय सबसे बड़ी समस्या भय और भ्रष्टाचार की है। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता नरोत्तम मिश्रा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि लगभग 18 वर्षों तक उनके राजनीतिक प्रभाव के कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना रहा।
यादव का आरोप है कि बिना पद के भी राजनीतिक दबाव बनाए रखा गया, जिससे स्थानीय जनता प्रभावित होती रही। उन्होंने कहा कि मिश्रा के हालिया बयानों में जनता से माफी माँगने की प्रवृत्ति दिखती है, लेकिन 'यदि यह केवल एक वर्ष की गलती होती तो जनता माफ कर देती — लंबे समय तक चले हालातों के बाद अब जनता बदलाव के मूड में है।' (ये दामोदर सिंह यादव के अपने आरोप हैं; नरोत्तम मिश्रा का पक्ष उपलब्ध नहीं है।)
चुनावी प्राथमिकताएँ: रोज़गार, किसान और वंचित वर्ग
यादव ने अपने चुनावी एजेंडे को स्पष्ट करते हुए कहा कि जनसमर्थन मिलने पर उनकी पहली प्राथमिकता दतिया को भय और भ्रष्टाचार से मुक्त करना होगी। इसके अतिरिक्त बेरोज़गार युवाओं को रोज़गार उपलब्ध कराना, किसानों की समस्याओं का समाधान करना तथा मज़दूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा करना उनकी मुख्य योजनाओं में शामिल है।
राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह
गौरतलब है कि दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव ऐसे समय में हो रहा है जब मध्य प्रदेश में राजनीतिक पुनर्गठन की प्रक्रिया जारी है। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के लिए यह उपचुनाव अपनी उपस्थिति दर्ज कराने का महत्त्वपूर्ण अवसर है। विभिन्न दलों की रणनीतियाँ स्पष्ट होने के साथ 30 जुलाई 2026 को होने वाला मतदान यह तय करेगा कि दतिया की जनता किस दिशा में बदलाव चाहती है।