दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर से 'आप' नेता चंद वोहरा को किया गिरफ्तार, दलित कार्यकर्ता की संपत्ति हड़पने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस ने आम आदमी पार्टी (AAP) की नेशनल काउंसिल के सदस्य चंद वोहरा को 17 अगस्त को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार किया। उन पर दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के जैतपुर एक्सटेंशन में पार्टी के ही एक दलित कार्यकर्ता राकेश कुमार की संपत्ति पर कथित तौर पर अवैध कब्जा करने का गंभीर आरोप है। इस मामले में लगाई गई धाराओं के तहत अधिकतम 10 वर्ष के कारावास का प्रावधान है।
मामले की पृष्ठभूमि
चंद वोहरा, जैतपुर से AAP पार्षद हेमा वोहरा के पति हैं। शिकायतकर्ता राकेश कुमार के अनुसार, 2019 में वोहरा ने एक निजी राजनीतिक कार्यालय खोलने के बहाने जैतपुर एक्सटेंशन स्थित उनका खाली प्लॉट अपने कब्जे में ले लिया था। जब राकेश कुमार ने करीब एक वर्ष बाद अपनी संपत्ति वापस माँगनी शुरू की, तो वोहरा ने कथित तौर पर 2022 तक मामले को टालते रहे।
गौरतलब है कि 2022 के अंत में हेमा वोहरा जैतपुर से नगर निगम पार्षद चुनी गईं। भाजपा नेताओं के अनुसार, इसके बाद राकेश कुमार को कथित रूप से परेशान किया जाने लगा।
मुख्य घटनाक्रम
राकेश कुमार की शिकायत के मुताबिक, गिरफ्तारी से करीब तीन सप्ताह पहले वोहरा ने कथित तौर पर संपत्ति की पहली मंजिल पर रखा उनका सामान सड़क पर फेंक दिया। इसके बाद राकेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। जाँच के बाद पुलिस ने प्लॉट पर कब्जे की कथित साजिश से जुड़ी अतिरिक्त धाराएँ भी मामले में जोड़ दीं।
यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही कई राजनीतिक दबावों का सामना कर रही है। पार्टी के अपने ही दलित कार्यकर्ता द्वारा पार्टी नेता के खिलाफ शिकायत दर्ज कराना राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मामला बन गया है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मीडिया प्रमुख एवं प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने राकेश कुमार के साथ हुए कथित अन्याय की कड़ी निंदा की और त्वरित पुलिस कार्रवाई की माँग की। BJP के मुख्य प्रवक्ता अनिल गुप्ता के साथ मिलकर कपूर ने AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और नेता सौरभ भारद्वाज की इस मामले में चुप्पी पर सवाल उठाए।
BJP नेताओं ने केजरीवाल से माँग की कि वे दलित कार्यकर्ता को उसके प्लॉट का कब्जा वापस दिलाएँ और वोहरा दंपती को पार्टी से तत्काल निष्कासित करें। कपूर ने यह भी कहा कि चंद वोहरा पार्टी के शुरुआती दिनों से ही केजरीवाल के करीबी रहे हैं और उन्होंने स्वयं 2017 में जैतपुर से नगर निगम चुनाव लड़ा था।
आम आदमी पार्टी की स्थिति
अब तक AAP के किसी वरिष्ठ नेता ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। पार्टी की ओर से केजरीवाल और भारद्वाज की चुप्पी ने विपक्षी दलों को निशाना साधने का अवसर दिया है।
आगे क्या होगा
गिरफ्तारी के बाद चंद वोहरा को दिल्ली लाया जाएगा, जहाँ मामले की आगे की न्यायिक प्रक्रिया होगी। मामले में लगाई गई धाराएँ गंभीर हैं और दोषसिद्धि पर 10 वर्ष तक की सजा हो सकती है। यह मामला दिल्ली की राजनीति में दलित अधिकारों और पार्टी आंतरिक जवाबदेही के व्यापक सवालों को भी सामने लाता है।