आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत, तिहाड़ जेल से रिहा

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आई-पैक निदेशक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत, तिहाड़ जेल से रिहा

सारांश

आई-पैक के निदेशक विनेश चंदेल की तिहाड़ से रिहाई महज़ एक जमानत नहीं — यह उस राजनीतिक परामर्श संस्था के लिए बड़ी साँस है जो कई विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति की धुरी रही है। ईडी की जांच अभी जारी है, इसलिए असली लड़ाई अभी बाकी है।

Key Takeaways

विनेश चंदेल को 2 मई 2026 को पटियाला हाउस कोर्ट से जमानत मिली और वे तिहाड़ जेल से रिहा हुए। ₹2 लाख रुपये का बॉन्ड जमा करने के बाद रिहाई के आदेश जारी किए गए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जांच की थी, जो अभी जारी है। जमानत शर्तों में नियमित रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होना और बिना अनुमति देश न छोड़ना शामिल है। आई-पैक कई राज्यों में विपक्षी दलों की चुनावी रणनीति बनाने में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।

इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (आई-पैक) के निदेशक एवं सह-संस्थापक विनेश चंदेल को 2 मई 2026 को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत प्रदान कर दी, जिसके बाद वे तिहाड़ जेल से रिहा होकर बाहर आ गए। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में की गई जांच के चलते उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अदालत ने लंबी सुनवाई के बाद कुछ शर्तों के साथ उनकी रिहाई के आदेश जारी किए।

जमानत की शर्तें और कानूनी प्रक्रिया

चंदेल के अधिवक्ता अभिषेक ने राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए बताया,

Point of View

हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। जमानत मिलना न्यायिक प्रक्रिया की जीत है, लेकिन मामला अभी बंद नहीं हुआ — ईडी की आगे की कार्रवाई यह तय करेगी कि यह मामला राजनीतिक हस्तक्षेप था या वास्तविक वित्तीय अनियमितता।
NationPress
02/05/2026

Frequently Asked Questions

विनेश चंदेल कौन हैं और आई-पैक क्या है?
विनेश चंदेल इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी (आई-पैक) के निदेशक और सह-संस्थापक हैं। आई-पैक एक राजनीतिक परामर्श संस्था है जो चुनाव प्रबंधन, रणनीति और कैंपेनिंग का काम करती है और कई राज्यों में विपक्षी दलों के साथ काम कर चुकी है।
विनेश चंदेल को किस मामले में गिरफ्तार किया गया था?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया था। इस मामले की जांच ईडी द्वारा की जा रही थी और गिरफ्तारी के बाद उन्हें तिहाड़ जेल भेजा गया था।
पटियाला हाउस कोर्ट ने जमानत देते समय क्या शर्तें लगाई हैं?
अदालत ने ₹2 लाख रुपये का बॉन्ड जमा करने, नियमित रूप से जांच अधिकारी के सामने पेश होने और बिना अनुमति देश न छोड़ने की शर्तें लगाई हैं। इन सभी शर्तों का पालन करने के बाद ही रिहाई के आदेश जारी किए गए।
विनेश चंदेल की रिहाई के बाद ईडी क्या कदम उठा सकती है?
विनेश चंदेल जमानत पर बाहर हैं, लेकिन ईडी की जांच अभी जारी है। एजेंसी आगे अतिरिक्त साक्ष्य जुटाकर चार्जशीट दाखिल कर सकती है या अदालत में जमानत को चुनौती दे सकती है।
आई-पैक पर विनेश चंदेल की गिरफ्तारी का क्या असर पड़ा?
चंदेल की गिरफ्तारी से आई-पैक के संचालन और उसकी राजनीतिक गतिविधियों पर काफी असर पड़ा था। उनकी रिहाई के बाद संगठन के कार्यकर्ताओं ने इसे न्याय की जीत बताया है और उम्मीद जताई है कि संगठन फिर से पूरी क्षमता से काम कर सकेगा।
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