गांधी नगर हत्याकांड: आरोपी अरवाज़ गिरफ्तार, कैंची से की थी कृष्ण कुमार की हत्या
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के शाहदरा जिले की गांधी नगर थाना पुलिस ने 9 जून 2026 को एक हत्या मामले में एफआईआर दर्ज होने के मात्र आठ घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। रघुवरपुरा-2 स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री में शराब पीने के दौरान हुए विवाद में 27 वर्षीय अरवाज़ ने साथी कर्मचारी कृष्ण कुमार को कैंची घोंप दी थी, जिससे उनकी मौत हो गई।
घटनाक्रम
4 जून 2026 की रात गांधी नगर के रघुवरपुरा-2 स्थित एक गारमेंट फैक्ट्री परिसर में कुछ कर्मचारी शराब पी रहे थे। इसी दौरान आपसी विवाद हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी अरवाज़ ने पहले टाइगर नामक कर्मचारी पर हमला किया और फिर कृष्ण कुमार को कैंची से घायल कर दिया।
5 जून को डॉ. हेडगेवार अस्पताल से सूचना मिली कि कृष्ण कुमार को चाकू लगने की चोट के साथ भर्ती कराया गया है। पुलिस अस्पताल पहुँची, लेकिन घायल व्यक्ति अपनी स्थिति के कारण हमलावर की पहचान बताने में असमर्थ था। बाद में वह बिना मेडिकल स्टाफ को सूचित किए अस्पताल से चला गया और पुलिस के संपर्क करने पर भी कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया।
6 जून को जीटीबी अस्पताल से सूचना मिली कि कृष्ण कुमार की चोटों के कारण मौत हो गई है। इसके बाद मामले में हत्या के एंगल से जाँच शुरू की गई।
जाँच टीम और कार्रवाई
एसीपी गांधी नगर मनस्वी वशिष्ठ के मार्गदर्शन और डीसीपी शाहदरा राजेंद्र प्रसाद मीणा की निगरानी में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में इंस्पेक्टर राज कुमार (एसएचओ), इंस्पेक्टर रॉबिन सिंह, एसआई विकास कुमार, हेड कांस्टेबल राहुल चौधरी और हेड कांस्टेबल अमन बंसल शामिल थे।
चश्मदीदों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 7 जून को गांधी नगर थाने में बीएनएस की धारा 103(1) के तहत एफआईआर संख्या 216/2026 दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की।
गिरफ्तारी और बरामदगी
लगातार प्रयासों के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने के आठ घंटे के भीतर आरोपी अरवाज़ (27 वर्ष) को दिल्ली के उत्तम नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल खून से सनी कैंची और घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद किए।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
जाँच में सामने आया कि आरोपी अरवाज़ पहले भी वर्ष 2019 में संगम विहार थाने में दर्ज हत्या के प्रयास के एक मामले में शामिल रह चुका है। यह तथ्य मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जाँच जारी रखे हुए है।