दीपक सिंगला की ED गिरफ्तारी पर BJP का वार: 'AAP बनी आर्थिक अपराधियों की पनाहगाह'
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने 19 मई 2025 को कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा पूर्वी दिल्ली के आम आदमी पार्टी (AAP) नेता दीपक सिंगला की एक बड़े बैंक ऋण घोटाले में गिरफ्तारी ने पार्टी का 'एक और काला चेहरा' उजागर किया है। सचदेवा के अनुसार, कथित काले धन से संपत्ति खरीद, कर चोरी और बैंक ऋण धोखाधड़ी के ये आरोप AAP के भीतर वित्तीय अनियमितताओं के बढ़ते पैटर्न की ओर इशारा करते हैं।
मुख्य आरोप और गिरफ्तारी का संदर्भ
सचदेवा ने कहा कि दीपक सिंगला पर करोड़ों रुपये के बैंक ऋण के कथित अवैध दुरुपयोग का आरोप है, जिससे दिल्लीवासी 'स्तब्ध' हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि सिंगला तीन चुनाव लड़ चुके नेता हैं, जो कथित तौर पर बैंक ऋण लेकर धोखाधड़ी में संलिप्त रहे। उल्लेखनीय है कि ये आरोप अभी जाँच के दायरे में हैं और न्यायालय में सिद्ध नहीं हुए हैं।
AAP नेताओं पर आरोपों का इतिहास: BJP का पक्ष
दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख प्रवीण शंकर कपूर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 'AAP आर्थिक अपराधियों के लिए एक पनाहगाह बन गई है।' उन्होंने कहा कि दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन पर कथित फर्जी कंपनियाँ चलाने और रिश्वतखोरी के मामले 2018-19 में सामने आए थे, जिन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 'राजनीतिक साजिश' बताकर खारिज कर दिया था। कपूर के अनुसार, इसके बाद AAP के कई नेता एक के बाद एक रिश्वतखोरी के आरोपों में गिरफ्तार होते रहे।
पंजाब और दिल्ली — दोहरा मोर्चा
सचदेवा ने पंजाब के मंत्री संजीव अरोरा का भी उल्लेख किया, जो कथित तौर पर GST घोटाले के सिलसिले में जाँच के दायरे में हैं। उनके अनुसार, अरोरा और सिंगला से जुड़े हालिया मामले भ्रष्टाचार का एक नया आयाम प्रस्तुत करते हैं — जो दिल्ली की शराब नीति या लोक निर्माण विभाग के घोटालों से अलग प्रकृति के हैं। AAP की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया तत्काल उपलब्ध नहीं हुई।
सचदेवा की माँग
भाजपा अध्यक्ष सचदेवा ने केजरीवाल से माँग की कि वे कम से कम संजीव अरोरा और दीपक सिंगला को पार्टी से तत्काल निष्कासित करें। उन्होंने कहा कि जिस तरह वित्तीय घोटाले के आरोपी सत्येंद्र जैन को पार्टी में बनाए रखा गया, वह जनता के साथ विश्वासघात है। यह माँग राजनीतिक दबाव की रणनीति के रूप में देखी जा रही है, क्योंकि दिल्ली में विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा सत्ता में है।
आगे क्या
ED की जाँच जारी है और दीपक सिंगला की गिरफ्तारी के बाद मामले की अगली सुनवाई न्यायालय में होनी है। आलोचकों का कहना है कि इन गिरफ्तारियों का राजनीतिक समय देखते हुए इनकी निष्पक्षता पर सवाल उठाए जाने चाहिए, जबकि भाजपा का तर्क है कि कानून अपना काम कर रहा है।