भोपाल में अंडर-18 हॉकी: पुरुष टीम ने ऑस्ट्रेलिया को 6-3 से हराकर सीरीज 1-1 की, महिलाओं की लगातार तीसरी हार
सारांश
मुख्य बातें
भारत की अंडर-18 पुरुष हॉकी टीम ने सोमवार, 18 मई को भोपाल के उद्धव दास मेहता (भाई जी) सेंट्रल साई सेंटर में ऑस्ट्रेलिया को 6-3 से हराकर चार मैचों की सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। वहीं, भारत की अंडर-18 महिला हॉकी टीम को उसी दिन ऑस्ट्रेलिया के हाथों 1-2 से हार झेलनी पड़ी — यह महिला टीम की सीरीज में लगातार तीसरी हार रही।
पुरुष मैच: पहले हाफ में ही तय हुई बढ़त
पुरुष टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक रवैया अपनाया। 10वें मिनट में आकाश दीप ने पहला गोल दागकर भारत को बढ़त दिलाई। इसके चार मिनट बाद शाहरुख अली ने 14वें मिनट में दूसरा गोल जड़ा।
दूसरे क्वार्टर में केतन कुशवाहा (25') और रोमित पाल (26') ने लगातार गोल कर भारत की बढ़त को 4-0 तक पहुँचा दिया। तीसरे क्वार्टर में कुशवाहा ने 40वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया, और अंश बहूतरा ने 45वें मिनट में छठा गोल करके भारत की स्थिति और मजबूत की।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से ओवेन टेलर (23'), ऑस्कर फ्रीमैन (29') और जैक वेलर (32') ने एक-एक गोल किए। हालाँकि, अंतिम क्वार्टर में भारतीय डिफेंस ने मोर्चा संभाले रखा और 6-3 की जीत सुनिश्चित की।
महिला मैच: बराबरी के बाद भी नहीं बची बढ़त
महिला मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने 5वें मिनट में एनेलीज कुलेन के गोल से पहले ही बढ़त बना ली। पहले क्वार्टर के अंत में भारत ने जोरदार वापसी की — संदीपा कुमारी ने 15वें मिनट में शानदार गोल कर स्कोर 1-1 कर दिया।
लेकिन दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया ने स्टेला बार्थोलोम्यूज के 17वें मिनट के गोल से फिर बढ़त हासिल कर ली। भारतीय डिफेंस ने दूसरे हाफ में ऑस्ट्रेलिया को और गोल करने से रोका, मगर मेजबान टीम बराबरी का गोल नहीं कर सकी और मैच 1-2 से गँवा बैठी।
सीरीज का अब तक का हिसाब
पुरुष सीरीज की बात करें तो पहला मैच 2-2 से ड्रॉ रहा था, दूसरे में ऑस्ट्रेलिया ने 3-1 से जीत दर्ज की, और सोमवार को भारत ने 6-3 से जीत के साथ सीरीज 1-1 की। महिला सीरीज में भारत को अब तक तीनों मैचों में हार मिली है — शुक्रवार को 3-4, रविवार को 1-4, और सोमवार को 1-2।
आगे क्या
पुरुष और महिला, दोनों टीमें बुधवार को उद्धव दास मेहता (भाई जी) सेंट्रल साई सेंटर, भोपाल में सीरीज का चौथा मैच खेलेंगी। पुरुष टीम के लिए यह सीरीज बराबरी बनाए रखने या बढ़त लेने का मौका होगा, जबकि महिला टीम के सामने लगातार हार का सिलसिला तोड़ने की चुनौती होगी।