क्या पश्चिम बंगाल में फरक्का से चाकुलिया तक सड़क-रेल जाम के पीछे कोई बड़ा कारण है?
सारांश
Key Takeaways
- फरक्का से चाकुलिया तक सड़क और रेल यातायात में अराजकता।
- भाजपा ने राज्य प्रशासन की नाकामी पर सवाल उठाए।
- बेलडांगा में नेशनल हाईवे को ब्लॉक किया गया।
- यात्रियों को खाने-पीने की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
- टीएमसी पर असामाजिक तत्वों का समर्थन देने का आरोप।
कोलकाता, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के फरक्का सहित कई क्षेत्रों में सड़क और रेल यातायात अवरुद्ध किया जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया है कि पिछले दो दिनों से फरक्का से चाकुलिया तक अराजकता बढ़ती जा रही है, जो कि जंगल की आग की तरह फैल रही है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी का कहना है कि मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में नेशनल हाईवे को असामाजिक तत्वों ने लगभग 3 घंटे से पूरी तरह से बंद कर दिया है। वहाँ लगातार पत्थरबाजी हो रही है और ट्रेनों को जबरदस्ती रोका गया है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, "पूरा इलाका बदमाशों, गुंडों और लफंगों के कब्जे में है। अब तक पुलिस की कोई कार्रवाई नहीं दिख रही है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं, जो डरे हुए हैं और जिनके पास खाना-पानी नहीं है। राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही है।"
सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के डीजीपी से अनुरोध किया कि वे फोर्स भेजें और इलाके पर दोबारा नियंत्रण स्थापित करें।
उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "संदेश बहुत साफ है कि पश्चिम बंगाल राज्य प्रशासन की पकड़ से बाहर जा रहा है और असामाजिक तत्व व दंगाई कब्जा कर रहे हैं। उन्हें सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस पार्टी का समर्थन प्राप्त है, जिससे वे सामान्य स्थिति को बिगाड़ने के लिए जब चाहें और जो चाहें कर सकें।"
भाजपा की राज्य इकाई ने सोशल मीडिया पर लिखा, "पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था बेकाबू होती जा रही है। फरक्का से चाकुलिया तक हर जगह अराजकता फैली हुई है। बेलडांगा (मुर्शिदाबाद) में नेशनल हाईवे को घंटों तक ब्लॉक कर दिया गया है। ट्रेनों को जबरन रोका गया है और लगातार पत्थरबाजी जारी है। यह टीएमसी के जंगल राज का असली चेहरा है, जहां असामाजिक तत्व, दंगाई और गुंडे राजनीतिक संरक्षण में राज कर रहे हैं, जबकि प्रशासन मूक दर्शक बना हुआ है।