24 अगस्त 2026
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मुंबई के माझगाव में गणपति आगमन जुलूस पर अंडे फेंके, भायखला पुलिस ने FIR दर्ज की

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मुंबई के माझगाव में गणपति आगमन जुलूस पर अंडे फेंके, भायखला पुलिस ने FIR दर्ज की

सारांश

मुंबई के माझगाव में गणपति आगमन जुलूस पर अंडे फेंके जाने की घटना ने चार घंटे तक तनाव बनाए रखा, 10,000 से 15,000 लोग सड़कों पर उतरे। भायखला पुलिस ने BNS की धारा 296 और 196 के तहत FIR दर्ज कर जाँच शुरू की है।

मुख्य बातें

23 अगस्त 2026 की रात 9:45 बजे माझगाव में गणपति जुलूस पर कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत से अंडा फेंका गया।
घटना के बाद करीब 10,000 से 15,000 लोग सड़कों पर आए; माहौल चार घंटे तनावपूर्ण रहा।
भायखला पुलिस स्टेशन ने BNS धारा 296 और 196 के तहत अज्ञात आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज की।
मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की।
सुबह तक शांति बहाल; इलाके और गणेश पंडाल के बाहर पुलिस बल तैनात ।

दक्षिण मुंबई के माझगाव इलाके में 23 अगस्त 2026 की रात गणपति आगमन जुलूस के दौरान उस समय तनाव फैल गया जब कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत के ऊपरी हिस्से से एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर अंडा फेंका। करीब चार घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा और 10,000 से 15,000 लोग सड़कों पर उतर आए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद सुबह तक स्थिति नियंत्रण में आई।

मुख्य घटनाक्रम

माझगांवचा मोरया मंडल के 150 से 200 कार्यकर्ता 23 अगस्त को दोपहर 3:30 बजे लालबाग के गणसंकुल से गणेश मूर्ति ट्रॉली में लेकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर मार्ग, ई.एस. पाटणवाला रोड और रामभाऊ भोगले मार्ग होते हुए मंडप की ओर जुलूस निकाल रहे थे। रात 9:45 बजे के आसपास जब कार्यकर्ता कॉन्टिनेंटल हाइट्स सी विंग के सामने नाच रहे थे, तब इमारत की ऊपरी मंजिल से एक अंडा फेंका गया जो गणेश मूर्ति और नाचते कार्यकर्ताओं के बीच आकर गिरा।

पुलिस की प्रतिक्रिया

भायखला पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 196 के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह मामला सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल (माझगावचा मोरया) के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। घटना के बाद इलाके और गणेश पंडाल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

मंडल का पक्ष

माझगांवचा मोरया मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे ने कहा, 'जब हम गणपति आगमन जुलूस निकाल रहे थे, तो पंडाल से सिर्फ 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित इमारत में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने जुलूस पर अंडे फेंकना शुरू कर दिया। यह घटना आपत्तिजनक है। हम इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।' एक स्थानीय निवासी ने भी कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।

आम जनता पर असर

घटना के बाद भीड़ ने कथित तौर पर उस इमारत पर पत्थर भी फेंके जहाँ से अंडे फेंके गए थे, और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब गणेशोत्सव पर्व के दौरान शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर होती है। गौरतलब है कि मुंबई में धार्मिक जुलूसों के दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आमतौर पर अतिरिक्त बंदोबस्त करती है।

क्या होगा आगे

पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान के लिए जाँच तेज कर दी है। इलाके में धारा 144 जैसे निवारक उपायों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन का ध्यान अब गणेशोत्सव के शेष दिनों में शांति बनाए रखने पर केंद्रित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जैसा कि 10,000 से 15,000 लोगों का सड़कों पर उतरना दर्शाता है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने में तत्परता दिखाई, लेकिन भीड़ द्वारा इमारत पर पत्थरबाजी यह बताती है कि प्रतिक्रिया भी कानून की सीमाएँ तोड़ रही थी। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन उत्सव के शेष दिनों में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए पर्याप्त निवारक तंत्र लागू करेगा, या यह मामला भी महज FIR तक सीमित रह जाएगा।
RashtraPress
24 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

माझगाव गणपति जुलूस विवाद में क्या हुआ?
23 अगस्त 2026 की रात करीब 9:45 बजे दक्षिण मुंबई के माझगाव में गणपति आगमन जुलूस के दौरान कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत के ऊपरी हिस्से से एक अज्ञात व्यक्ति ने अंडा फेंका, जो गणेश मूर्ति और नाचते कार्यकर्ताओं के बीच गिरा। इसके बाद करीब चार घंटे तक तनाव बना रहा और हजारों लोग सड़कों पर उतर आए।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की?
भायखला पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 196 के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज कर जाँच शुरू की है। यह मामला माझगांवचा मोरया मंडल के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है।
BNS की धारा 296 और 196 क्या हैं?
BNS की धारा 296 धार्मिक सभाओं में बाधा डालने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने से संबंधित है, जबकि धारा 196 दो समुदायों या धर्मों के बीच शत्रुता या घृणा को बढ़ावा देने के अपराध से जुड़ी है। इन दोनों धाराओं के तहत दोषी पाए जाने पर कारावास का प्रावधान है।
माझगांवचा मोरया मंडल ने क्या माँग की है?
मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है। मंडल का कहना है कि यह घटना जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने की नीयत से की गई।
अभी इलाके में स्थिति कैसी है?
पुलिस की समझाइश के बाद 24 अगस्त की सुबह तक शांति बहाल हो गई। माझगाव इलाके और गणेश पंडाल के बाहर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। जाँच जारी है और आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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