मुंबई के माझगाव में गणपति आगमन जुलूस पर अंडे फेंके, भायखला पुलिस ने FIR दर्ज की
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण मुंबई के माझगाव इलाके में 23 अगस्त 2026 की रात गणपति आगमन जुलूस के दौरान उस समय तनाव फैल गया जब कॉन्टिनेंटल हाइट्स इमारत के ऊपरी हिस्से से एक अज्ञात व्यक्ति ने जुलूस पर अंडा फेंका। करीब चार घंटे तक माहौल तनावपूर्ण रहा और 10,000 से 15,000 लोग सड़कों पर उतर आए। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की समझाइश के बाद सुबह तक स्थिति नियंत्रण में आई।
मुख्य घटनाक्रम
माझगांवचा मोरया मंडल के 150 से 200 कार्यकर्ता 23 अगस्त को दोपहर 3:30 बजे लालबाग के गणसंकुल से गणेश मूर्ति ट्रॉली में लेकर डॉ. बी.आर. अंबेडकर मार्ग, ई.एस. पाटणवाला रोड और रामभाऊ भोगले मार्ग होते हुए मंडप की ओर जुलूस निकाल रहे थे। रात 9:45 बजे के आसपास जब कार्यकर्ता कॉन्टिनेंटल हाइट्स सी विंग के सामने नाच रहे थे, तब इमारत की ऊपरी मंजिल से एक अंडा फेंका गया जो गणेश मूर्ति और नाचते कार्यकर्ताओं के बीच आकर गिरा।
पुलिस की प्रतिक्रिया
भायखला पुलिस स्टेशन ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 और 196 के तहत एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह मामला सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल (माझगावचा मोरया) के एक सदस्य की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है। घटना के बाद इलाके और गणेश पंडाल के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
मंडल का पक्ष
माझगांवचा मोरया मंडल के डिप्टी सेक्रेटरी विवेक राणे ने कहा, 'जब हम गणपति आगमन जुलूस निकाल रहे थे, तो पंडाल से सिर्फ 30 से 40 मीटर की दूरी पर स्थित इमारत में मौजूद कुछ असामाजिक तत्वों ने जुलूस पर अंडे फेंकना शुरू कर दिया। यह घटना आपत्तिजनक है। हम इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हैं।' एक स्थानीय निवासी ने भी कहा कि यदि दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं हुई तो वे हनुमान चालीसा का पाठ करेंगे।
आम जनता पर असर
घटना के बाद भीड़ ने कथित तौर पर उस इमारत पर पत्थर भी फेंके जहाँ से अंडे फेंके गए थे, और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की माँग की। यह ऐसे समय में आया है जब गणेशोत्सव पर्व के दौरान शहर में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी प्रशासन पर होती है। गौरतलब है कि मुंबई में धार्मिक जुलूसों के दौरान संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस आमतौर पर अतिरिक्त बंदोबस्त करती है।
क्या होगा आगे
पुलिस ने अज्ञात आरोपी की पहचान के लिए जाँच तेज कर दी है। इलाके में धारा 144 जैसे निवारक उपायों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रशासन का ध्यान अब गणेशोत्सव के शेष दिनों में शांति बनाए रखने पर केंद्रित है।