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दिल्ली में अवैध निर्माण पर सख्ती: LG संधू का MCD को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

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दिल्ली में अवैध निर्माण पर सख्ती: LG संधू का MCD को समयबद्ध कार्रवाई का निर्देश

सारांश

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने MCD को अवैध निर्माणों पर ‘समयबद्ध’ कार्रवाई का स्पष्ट निर्देश दिया है। मानसून-पूर्व नालों की सफाई, धूल नियंत्रण, PM-UDAY के तेज़ क्रियान्वयन और दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड के पुनर्गठन के साथ, यह राजधानी के शहरी शासन को कसने की एक बहुस्तरीय कोशिश है।

मुख्य बातें

दिल्ली LG तरनजीत सिंह संधू ने 3 जून को MCD समीक्षा बैठक में अवैध निर्माणों पर समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए।
भवन उपनियमों के कड़े प्रवर्तन और मानसून-पूर्व नालियों की सफाई, धूल नियंत्रण तथा कचरा निपटान पर ज़ोर।
PM-UDAY योजना के शीघ्र क्रियान्वयन और पार्कों के पुनरुद्धार के लिए CSR ढाँचे की समीक्षा।
संधू ने मंगलवार को दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड के पुनर्गठन को मंज़ूरी दी; अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे।
चंद्र प्रकाश गोयल को केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) के विशेषज्ञ सदस्य के रूप में नामित किया गया।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 3 जून को दिल्ली नगर निगम (MCD) की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को राजधानी में अवैध निर्माणों पर अंकुश लगाने हेतु ‘समयबद्ध रणनीति’ लागू करने का निर्देश दिया। बैठक का केंद्र-बिंदु मजबूत शहरी शासन, बेहतर नागरिक अवसंरचना और संरचनात्मक सुरक्षा को मज़बूत करने वाली व्यापक कार्ययोजना तैयार करना रहा।

मुख्य निर्देश और प्राथमिकताएँ

संधू ने एक्स पर साझा एक पोस्ट में बताया कि बैठक में भवन उपनियमों के कड़े प्रवर्तन पर ज़ोर दिया गया, ताकि अनधिकृत संरचनात्मक विस्तार पर लगाम लगाई जा सके। MCD को अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई के लिए निश्चित समयसीमा वाली योजना बनाने को कहा गया।

मानसून से पहले की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा हुई — इनमें वर्षा जल निकासी नालियों की सफाई व गाद हटाना, धूल नियंत्रण के लिए सड़कों एवं फुटपाथों की मरम्मत, और कचरा निपटान प्रक्रिया में तेज़ी लाना शामिल है।

जनकल्याणकारी पहलों पर ज़ोर

उपराज्यपाल ने कहा कि बैठक में अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के लिए PM-UDAY योजना के शीघ्र क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही सार्वजनिक पार्कों के पुनरुद्धार हेतु सहभागी CSR ढाँचे को अंतिम रूप देने पर भी विचार-विमर्श हुआ।

संधू ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समावेशी विकास के दृष्टिकोण से प्रेरित होकर हम दिल्ली के प्रत्येक निवासी को सुरक्षित, सुनियोजित, स्वच्छ और गरिमापूर्ण जीवन वातावरण प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।’

दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड का पुनर्गठन

इससे पहले मंगलवार को संधू ने दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (DRMB) के पुनर्गठन को मंज़ूरी दी थी। यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदावरमन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत लिया गया।

पुनर्गठित बोर्ड की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव करेंगे, जबकि DDA के उपाध्यक्ष इसके सदस्य होंगे। इसमें पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय, MCD आयुक्त, NDMC अध्यक्ष, CPWD महानिदेशक, दिल्ली पुलिस, राजस्व विभाग तथा पर्यावरण एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल किए गए हैं।

निगरानी और विशेषज्ञ भागीदारी

ज़मीनी कार्यों की निगरानी के लिए दिल्ली सरकार के प्रधान मुख्य वन संरक्षक को सदस्य सचिव नियुक्त किया गया है। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (CEC) का प्रतिनिधित्व करने हेतु चंद्र प्रकाश गोयल को विशेषज्ञ सदस्य के रूप में जोड़ा गया है।

गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय आया है जब दिल्ली मानसून-पूर्व जलभराव, वायु प्रदूषण और अनियोजित निर्माण से जुड़ी पुरानी चुनौतियों से जूझ रही है। आने वाले हफ्तों में MCD की कार्रवाई की रूपरेखा और DRMB की पहली बैठक से इन प्राथमिकताओं की दिशा स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर ज़मीन पर अनधिकृत निर्माण तेज़ी से बढ़ते रहे। असली परीक्षा यह होगी कि क्या MCD सार्वजनिक डैशबोर्ड पर कार्रवाई के आँकड़े और समयरेखाएँ साझा करता है, या यह आदेश भी फ़ाइलों में दब जाता है। DRMB का पुनर्गठन स्वागत-योग्य है, पर इसकी प्रभावशीलता तभी आँकी जा सकेगी जब रिज क्षेत्र में अतिक्रमण के लंबित मामलों पर ठोस फैसले आएँ। PM-UDAY की रफ़्तार भी दिल्ली की राजनीतिक रूप से संवेदनशील अनधिकृत कॉलोनियों के लिए निर्णायक मानी जाएगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली LG ने MCD को क्या निर्देश दिए हैं?
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने 3 जून की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में MCD को अनधिकृत निर्माणों के विरुद्ध समयबद्ध रणनीति लागू करने और भवन उपनियमों के कड़े प्रवर्तन का निर्देश दिया। साथ ही मानसून-पूर्व नालियों की सफाई, सड़कों की मरम्मत और कचरा निपटान में तेज़ी लाने को कहा गया।
PM-UDAY योजना क्या है और दिल्ली में इसका क्या महत्व है?
PM-UDAY योजना दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के निवासियों को संपत्ति अधिकार प्रदान करने की केंद्र सरकार की पहल है। LG ने अधिकारियों को इसके शीघ्र क्रियान्वयन के निर्देश दिए हैं, ताकि लाखों निवासियों को कानूनी सुरक्षा मिल सके।
दिल्ली रिज मैनेजमेंट बोर्ड (DRMB) के पुनर्गठन का आधार क्या है?
DRMB के पुनर्गठन को मंज़ूरी सर्वोच्च न्यायालय के टी.एन. गोदावरमन थिरुमुलपाद बनाम भारत संघ मामले में दिए गए निर्देशों और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत दी गई है। पुनर्गठित बोर्ड की अध्यक्षता दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव करेंगे।
पुनर्गठित DRMB में कौन-कौन शामिल हैं?
बोर्ड में DDA उपाध्यक्ष, पर्यावरण व आवास मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी, MCD आयुक्त, NDMC अध्यक्ष, CPWD महानिदेशक, दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, राजस्व व पर्यावरण विभागों के प्रधान सचिव शामिल हैं। प्रधान मुख्य वन संरक्षक सदस्य सचिव होंगे और चंद्र प्रकाश गोयल विशेषज्ञ सदस्य के रूप में CEC का प्रतिनिधित्व करेंगे।
मानसून से पहले MCD किन कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है?
MCD को वर्षा जल निकासी नालियों की सफाई व गाद हटाने, धूल कम करने के लिए सड़कों व फुटपाथों की मरम्मत, और स्वच्छता मानकों को मज़बूत करने के लिए कचरा निपटान प्रक्रिया में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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