9 जुलाई 2026
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दिल्ली में मानसून से पहले DDA ने हटाई 57,000 मीट्रिक टन गाद, LG टीएस संधू की सीधी निगरानी

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दिल्ली में मानसून से पहले DDA ने हटाई 57,000 मीट्रिक टन गाद, LG टीएस संधू की सीधी निगरानी

सारांश

मानसून से ठीक पहले दिल्ली में DDA ने 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाकर पिछले साल का रिकॉर्ड 70% से पीछे छोड़ा। LG टीएस संधू की सीधी निगरानी में चले इस अभियान में छह ज़ोन, केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और 24×7 हेल्पलाइन शामिल हैं।

मुख्य बातें

DDA ने 9 जुलाई 2025 तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई — पिछले वर्ष के 33,380 मीट्रिक टन से 70% अधिक ।
उपराज्यपाल टीएस संधू स्वयं नाला सफाई कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और एजेंसियों की तैयारियों की नियमित समीक्षा कर रहे हैं।
दिल्ली को छह क्षेत्रों में बाँटा गया — पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका; पहले तीन में काम पूरा, बाकी अंतिम चरण में।
केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष , 24×7 हेल्पलाइन और मोबाइल पंपिंग यूनिट तैनात की गई हैं।
बेहतर जल निकासी से मानसून के दौरान जलभराव की घटनाएँ कम होने और यातायात सुचारु रहने की उम्मीद है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने उपराज्यपाल टीएस संधू की प्रत्यक्ष निगरानी में मानसून-पूर्व नाला सफाई अभियान के तहत अब तक 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटा दी है — जो पिछले वर्ष के 33,380 मीट्रिक टन की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी है। 9 जुलाई को एक अधिकारी ने बताया कि पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी क्षेत्रों में यह कार्य पूरा हो चुका है, जबकि नरेला, रोहिणी और द्वारका में काम अंतिम चरण में है।

मुख्य घटनाक्रम

DDA ने दिल्ली को छह क्षेत्रों — पूर्वी, दक्षिणी, उत्तरी, नरेला, रोहिणी और द्वारका — में विभाजित कर मिशन मोड में यह अभियान चलाया, ताकि योजना, निगरानी और समय-सीमा पर नियंत्रण रखा जा सके। अधिकारियों के अनुसार, कार्य की गति बढ़ाने के लिए जमीनी स्तर पर नियमित प्रगति-समीक्षा की गई।

LG की भूमिका और निर्देश

उपराज्यपाल टीएस संधू लगातार विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और स्वयं नाला सफाई कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। उनके निर्देशों के अनुपालन में DDA ने जमीनी कार्य की रफ्तार बढ़ाई और प्रगति पर नज़र रखी, जिससे इस वर्ष की सफाई का पैमाना पिछले वर्षों से काफी आगे निकल गया।

बाढ़ प्रबंधन की व्यापक तैयारी

नाला सफाई के अतिरिक्त DDA ने एक केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और सभी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अलग-अलग बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। जलभराव की शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए 24×7 हेल्पलाइन भी शुरू की जा रही है। संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल पंपिंग यूनिट तैनात की गई हैं, ताकि बारिश का जमा पानी जल्द निकाला जा सके।

आम जनता पर असर

DDA के अनुसार, बड़े पैमाने पर की गई इस सफाई से नालों की जल-वहन क्षमता बढ़ेगी और बारिश के पानी की निकासी में सुधार होगा। इससे जलभराव की घटनाएँ कम होंगी और मानसून के दौरान यातायात अधिक सुचारु रहेगा। निकाली गई गाद का तत्काल निपटान और संवेदनशील इलाकों की निरंतर निगरानी शहर की समग्र तैयारी को और मज़बूत करती है।

क्या होगा आगे

यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में मानसून दस्तक दे चुका है और भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। गौरतलब है कि पिछले कई वर्षों में दिल्ली की जल निकासी व्यवस्था की खामियाँ बाढ़ और जलभराव की स्थिति में उजागर होती रही हैं। इस वर्ष की बेहतर तैयारी उन आलोचनाओं के जवाब के रूप में देखी जा रही है। अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ समन्वय जारी रहेगा और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नज़र रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 मीट्रिक टन गाद हटाने का आँकड़ा प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी मानसून की पहली भारी बारिश होगी — दिल्ली के निचले इलाके हर साल जलभराव की त्रासदी झेलते हैं, चाहे सफाई के दावे कितने भी बड़े हों। गौरतलब है कि पिछले वर्षों में भी पूर्व-मानसून अभियानों की घोषणाएँ होती रही हैं, फिर भी ITO, मिंटो रोड और पूर्वी दिल्ली के कई इलाके डूबते रहे। इस बार LG की प्रत्यक्ष निगरानी और छह-ज़ोन की संरचना जवाबदेही का एक बेहतर ढाँचा ज़रूर देती है, पर बिना स्वतंत्र सत्यापन और वास्तविक समय के जलभराव डेटा के, यह अभियान भी पिछले वर्षों की तरह केवल कागज़ी उपलब्धि बनकर रह सकता है।
RashtraPress
9 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

DDA ने इस साल मानसून से पहले कितनी गाद हटाई है?
DDA ने 9 जुलाई 2025 तक दिल्ली की नालियों से 57,000 मीट्रिक टन से अधिक गाद हटाई है, जो पिछले वर्ष के 33,380 मीट्रिक टन की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक है।
दिल्ली के किन क्षेत्रों में नाला सफाई का काम पूरा हो गया है?
पूर्वी, दक्षिणी और उत्तरी दिल्ली में नाला सफाई का काम पूरा हो चुका है। नरेला, रोहिणी और द्वारका क्षेत्रों में यह काम अंतिम चरण में है।
LG टीएस संधू इस अभियान में क्या भूमिका निभा रहे हैं?
उपराज्यपाल टीएस संधू स्वयं विभिन्न एजेंसियों की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं और नाला सफाई कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देशों के अनुपालन में DDA ने जमीनी कार्य की गति बढ़ाई है।
जलभराव से निपटने के लिए DDA ने क्या इंतज़ाम किए हैं?
DDA ने केंद्रीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष और सभी इंजीनियरिंग क्षेत्रों में अलग-अलग बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। इसके अलावा 24×7 हेल्पलाइन शुरू की जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर मोबाइल पंपिंग यूनिट तैनात की गई हैं।
इस साल की नाला सफाई से दिल्लीवासियों को क्या फायदा होगा?
DDA के अनुसार बड़े पैमाने पर की गई इस सफाई से नालों की जल-वहन क्षमता बढ़ेगी, जलभराव की घटनाएँ कम होंगी और मानसून के दौरान यातायात अधिक सुचारु रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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