कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू से की मुलाकात, राजधानी के मुद्दों पर चर्चा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने 12 जून 2025 को दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू से लोक निवास में मुलाकात की। अधिकारियों के अनुसार, यह संक्षिप्त बैठक राजधानी से जुड़े प्रमुख प्रशासनिक मुद्दों पर विचार-विमर्श के लिए आयोजित की गई थी।
बैठक का विवरण
लोक निवास की ओर से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की गई जानकारी में बताया गया कि उपराज्यपाल टीएस संधू ने केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल से गुरुवार को लोक निवास में भेंट की। बैठक में दिल्ली से संबंधित प्रशासनिक और नागरिक विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
रेनवाटर हार्वेस्टिंग पर उपराज्यपाल के निर्देश
इससे पहले उपराज्यपाल संधू ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA), दिल्ली नगर निगम (MCD) और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में मानसून से पूर्व रेनवाटर हार्वेस्टिंग (वर्षा जल संचयन) तैयारियों की समीक्षा की गई।
संधू ने अपने एक्स पोस्ट में कहा, 'संरचनात्मक मरम्मत में तेजी लाने और यह सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश और सख्त समय-सीमा तय की गई कि मानसून के मौसम से पहले ही सभी रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पूरी तरह से चालू हो जाएं।' अधिकारियों को पाइपिंग, नालियों और स्टोरेज टैंक की मरम्मत तय समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश भी दिए गए।
उपराज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया कि दिल्ली भर में सभी रेनवाटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं की कुल स्थापित क्षमता का व्यापक आकलन किया जाए, ताकि भविष्य की योजना, भूजल पुनर्भरण और दीर्घकालिक जल संरक्षण के लिए एक मजबूत आधार तैयार हो सके।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की पहल
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घोषणा की कि राज्य सरकार ने राजधानी के 75 सीएमश्री स्कूलों में मौजूदा रेनवाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को पुनः चालू करने का निर्णय लिया है। उनके अनुसार, इस पहल से सालाना लगभग 50 करोड़ लीटर वर्षा जल संचयन क्षमता विकसित होने की उम्मीद है।
सरकार इन स्कूलों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग के लिए 'एहसास' मॉडल अपनाएगी। यह मॉडल 2021 में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया था और कम लागत, न्यूनतम स्थान की आवश्यकता तथा लगभग शून्य रखरखाव के लिए जाना जाता है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में मानसून पूर्व तैयारियाँ जोरों पर हैं और जल संरक्षण को लेकर केंद्र व राज्य दोनों स्तरों पर समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। गौरतलब है कि दिल्ली प्रतिवर्ष मानसून के दौरान जलभराव और जल संकट दोनों का एक साथ सामना करती है — ऐसे में रेनवाटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देना दीर्घकालिक समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।