25 जुलाई 2026
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डीडीएमए बैठक: उपराज्यपाल संधू ने मानसून तैयारियों की समीक्षा की, बाढ़-जलभराव पर जीरो टॉलरेंस का निर्देश

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डीडीएमए बैठक: उपराज्यपाल संधू ने मानसून तैयारियों की समीक्षा की, बाढ़-जलभराव पर जीरो टॉलरेंस का निर्देश

सारांश

मानसून से पहले दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण सक्रिय हो गया है। उपराज्यपाल संधू की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाढ़, जलभराव, अग्नि सुरक्षा और हीटवेव — सभी मोर्चों पर जीरो टॉलरेंस का संदेश दिया गया। पूर्व अग्निवीरों की भर्ती का सुझाव और एटीआर की समय-सीमा इस बार की बैठक की खास बातें रहीं।

मुख्य बातें

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में 8 जून 2026 को डीडीएमए की बैठक आयोजित हुई।
बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता , मंत्री आशीष सूद और प्रवेश साहिब सिंह उपस्थित रहे।
बाढ़, जलभराव और आपदा प्रबंधन में किसी भी लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू करने के निर्देश दिए गए।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति की संभावना तलाशने का सुझाव आया।
विभिन्न अधिकारी टीमों को निर्धारित समय-सीमा में एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) सौंपने के निर्देश दिए गए।
अवैध इमारतों पर कार्रवाई और फायर सेफ्टी लाइसेंस के कथित दुरुपयोग पर भी विस्तृत चर्चा हुई।

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में 8 जून 2026 को आयोजित दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में राजधानी की आपदा प्रबंधन व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा और मानसून-पूर्व तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश साहिब सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक में अवैध इमारतों के खिलाफ जारी कार्रवाई, फायर सेफ्टी लाइसेंस के कथित दुरुपयोग और भविष्य में आपदा जोखिम घटाने के उपायों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने बढ़ते शहरीकरण और घनी आबादी वाले इलाकों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर भी चर्चा की। उपराज्यपाल के आधिकारिक एक्स हैंडल से बैठक की तस्वीरें साझा की गईं।

मानसून और हीटवेव तैयारी

बैठक में गर्मी से जुड़ी आपदाओं, हीटवेव की स्थिति और मानसून-पूर्व तैयारियों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बरसात के मौसम में संभावित जलभराव और बाढ़ जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। संबंधित विभागों को सभी सुरक्षा और प्रबंधन मानकों को सख्ती से लागू करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।

अग्निशमन सेवा में रिक्त पदों पर चर्चा

फायर सेफ्टी व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से दिल्ली अग्निशमन सेवा में रिक्त पदों को भरने पर भी विचार किया गया। बैठक में सुझाव आया कि इन पदों पर पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए, ताकि प्रशिक्षित और अनुशासित मानव संसाधन का उपयोग हो सके। अधिकारियों का मानना है कि इससे फायर विभाग की कार्यक्षमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है।

एक्शन टेकन रिपोर्ट की समय-सीमा

पिछले सप्ताह गठित विभिन्न अधिकारियों की टीमों को निर्देश दिया गया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपनी 'एक्शन टेकन रिपोर्ट' (एटीआर) प्रस्तुत करें। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की रणनीति और आवश्यक सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में मानसून के दस्तक देने से पहले आपदा प्रबंधन तंत्र को चाक-चौबंद करने की माँग बढ़ रही है।

आम नागरिकों पर असर

बैठक में स्पष्ट किया गया कि नियमों को लागू करते समय आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि दिल्ली जैसे महानगर में आपदा जोखिम कई गंभीर चुनौतियाँ प्रस्तुत करता है, लेकिन इसे संस्थागत क्षमता बढ़ाने और आपदा प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के अवसर के रूप में भी देखा जाना चाहिए। अगली समीक्षा बैठक में एटीआर के आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसके बाद भी दिल्ली की सड़कें जुलाई-अगस्त में जलमग्न हो जाती हैं। 'जीरो टॉलरेंस' जैसे शब्द नए नहीं हैं — असली सवाल यह है कि एटीआर की समय-सीमा और अग्निवीर भर्ती का सुझाव ज़मीन पर कितनी जल्दी उतरता है। अवैध निर्माण और फायर सेफ्टी लाइसेंस के दुरुपयोग जैसी पुरानी समस्याओं का बैठक में उल्लेख होना यह भी दर्शाता है कि पिछली कार्रवाइयाँ पर्याप्त नहीं रहीं। जब तक जवाबदेही के ठोस तंत्र नहीं बनते, ये बैठकें नीयत की घोषणा तो हैं, पर नतीजे की गारंटी नहीं।
RashtraPress
25 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडीएमए की बैठक 8 जून 2026 को किसकी अध्यक्षता में हुई?
यह बैठक दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू की अध्यक्षता में हुई। इसमें मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मंत्री आशीष सूद और प्रवेश साहिब सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
डीडीएमए बैठक में मानसून को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बरसात के मौसम में संभावित जलभराव और बाढ़ से निपटने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए। सभी विभागों को सुरक्षा मानकों के पालन में किसी भी लापरवाही पर 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
दिल्ली अग्निशमन सेवा में रिक्त पदों को भरने के लिए क्या सुझाव आया?
बैठक में सुझाव दिया गया कि रिक्त पदों पर पूर्व अग्निवीरों की नियुक्ति की संभावनाओं का अध्ययन किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इससे फायर विभाग की कार्यक्षमता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता में सुधार हो सकता है।
एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) क्या है और इसे कब तक देना होगा?
पिछले सप्ताह गठित अधिकारियों की टीमों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर एटीआर प्रस्तुत करनी होगी। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की रणनीति और सुधारात्मक कदम तय किए जाएंगे।
डीडीएमए बैठक में अवैध इमारतों और फायर सेफ्टी पर क्या चर्चा हुई?
बैठक में अवैध इमारतों के खिलाफ जारी कार्रवाई और फायर सेफ्टी लाइसेंस के कथित दुरुपयोग पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही यह भी तय किया गया कि नियम लागू करते समय आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी न हो।
राष्ट्र प्रेस
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