नीट पर तमिलनाडु का रुख अटल — मंत्री निर्मल कुमार ने द्रमुक पर साधा निशाना
सारांश
मुख्य बातें
तमिलनाडु के मंत्री निर्मल कुमार ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को मदुरै में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार नीट (NEET) का विरोध आगे भी जारी रखेगी। उन्होंने नीट को पूरी तरह अनावश्यक बताया और कहा कि यह परीक्षा छात्रों व उनके परिवारों पर मानसिक दबाव बढ़ाती है, जबकि इससे कोई वास्तविक शैक्षणिक लाभ नहीं होता।
मंत्री का स्पष्ट बयान
निर्मल कुमार ने कहा, 'हमारा रुख बिल्कुल साफ है। नीट की कोई जरूरत नहीं है। यह परीक्षा छात्रों और उनके माता-पिता पर मानसिक दबाव और परेशानी बढ़ाती है। हम पहले भी कह चुके हैं कि इस परीक्षा से कोई वास्तविक लाभ नहीं है और इसे समाप्त कर दिया जाना चाहिए।' उन्होंने यह भी कहा कि जब भी समय आएगा, राज्य सरकार नीट के खिलाफ आवाज उठाने वालों में सबसे आगे रहेगी।
विरोध-प्रदर्शनों को सरकारी समर्थन
मंत्री ने बताया कि तमिलनाडु सरकार ने नीट-विरोधी सभी प्रदर्शनों के लिए आवश्यक अनुमति और सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि चाहे प्रदर्शन किसी भी संगठन या समूह की ओर से हो, प्रशासन ने लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का सम्मान करते हुए सभी को पूरा सहयोग दिया है।
द्रमुक पर आरोप
निर्मल कुमार ने द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि नीट के मुद्दे पर पार्टी की बातों पर भरोसा नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक के कई पूर्व मंत्रियों ने सत्ता में रहते हुए नीट का विरोध तो किया, लेकिन इसे खत्म कराने के लिए कोई ठोस या प्रभावी कदम नहीं उठाया। उनके अनुसार, पिछली द्रमुक सरकार ने ऐसे वादे किए जिन्हें वह पूरा नहीं कर सकी, जिससे लोगों को गुमराह किया गया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब नीट को लेकर देशभर में बहस तेज है और तमिलनाडु इस परीक्षा से छूट के लिए लंबे समय से केंद्र सरकार पर दबाव बनाता रहा है। गौरतलब है कि राज्य विधानसभा पहले ही नीट से छूट के लिए प्रस्ताव पारित कर चुकी है। मंत्री के ताजा बयान से स्पष्ट है कि तमिलनाडु सरकार इस मुद्दे पर अपनी स्थिति से पीछे हटने को तैयार नहीं है।