23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट हर मोर्चे पर विफल, इसे खत्म करो — एमके स्टालिन का केंद्र पर तीखा हमला

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट हर मोर्चे पर विफल, इसे खत्म करो — एमके स्टालिन का केंद्र पर तीखा हमला

सारांश

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने नीट को 'पूरी तरह विफल' करार देते हुए केंद्र से इसे खत्म करने की माँग की। जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि यह परीक्षा सामाजिक न्याय को कमज़ोर करती है और कोचिंग माफिया को फायदा पहुँचाती है।

मुख्य बातें

DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 23 जुलाई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर नीट को हर मोर्चे पर विफल बताया।
स्टालिन ने कहा कि नीट ने पढ़ाई का केंद्र सरकारी स्कूलों से निजी कोचिंग संस्थानों की ओर स्थानांतरित कर दिया।
जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए स्टालिन ने केंद्र को चेतावनी दी।
DMK ने माँग की कि नीट को समाप्त कर न्यायसंगत और पारदर्शी मेडिकल प्रवेश प्रणाली लागू की जाए।
स्टालिन के अनुसार, ग्रामीण छात्र , सरकारी स्कूल और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग इस व्यवस्था में सबसे अधिक नुकसान उठाते हैं।

द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के अध्यक्ष और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने 23 जुलाई 2026 को केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए मांग की कि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) को तत्काल समाप्त किया जाए। उन्होंने कहा कि यह परीक्षा जिन उद्देश्यों के लिए लागू की गई थी, उनमें से किसी पर भी खरी नहीं उतरी — न शैक्षणिक दबाव कम हुआ, न व्यावसायीकरण रुका, न गुणवत्ता सुधरी। यह बयान ऐसे समय आया है जब देशभर के छात्र नीट में कथित अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर हैं।

एक्स पर स्टालिन का आरोप: कोचिंग माफिया को मिला फायदा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए स्टालिन ने कहा कि नीट ने पढ़ाई का केंद्र सरकारी स्कूलों से हटाकर निजी कोचिंग संस्थानों की ओर कर दिया है। उनके अनुसार, इससे मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों और उनके परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक व मानसिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नीट की खामियाँ केवल प्रक्रियागत नहीं, बल्कि इसकी पूरी व्यवस्था में गहरी जड़ें जमाए हुई हैं।

जंतर-मंतर आंदोलन और तमिलनाडु की पुरानी चेतावनी

स्टालिन ने एक दिन पहले नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु ने शुरुआत से ही आगाह किया था कि नीट बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और मेडिकल शिक्षा में असमान अवसरों को बढ़ावा देगा। गौरतलब है कि हाल के घटनाक्रमों ने राज्य की उन वर्षों पुरानी चिंताओं को सही साबित किया है।

स्टालिन ने केंद्र को सीधे शब्दों में चेतावनी दी: 'छात्रों का जारी विरोध प्रदर्शन केंद्र सरकार के लिए चेतावनी है। अब समय आ गया है कि केंद्र राज्यों पर भरोसा करे और नीट को समाप्त करे।'

सामाजिक न्याय पर DMK का रुख

DMK अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने शुरू से ही नीट का विरोध किया है, क्योंकि यह परीक्षा सामाजिक न्याय की अवधारणा को कमज़ोर करती है। उनके अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों, सरकारी स्कूलों और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्र इस व्यवस्था में सबसे अधिक नुकसान उठाते हैं। स्टालिन ने कहा कि सामाजिक न्याय में अग्रणी भूमिका निभाने वाला तमिलनाडु आज भी नीट को पूरी तरह खत्म करने की माँग पर अडिग है।

केंद्र से नई व्यवस्था की माँग

स्टालिन ने केंद्र सरकार से अपील की कि वह देशभर के छात्रों की बढ़ती चिंताओं को गंभीरता से ले और मेडिकल प्रवेश के लिए एक अधिक न्यायसंगत, पारदर्शी और समान अवसर सुनिश्चित करने वाली नई व्यवस्था लागू करे। उनका कहना था कि केवल प्रक्रियागत बदलावों से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा — नीट को पूरी तरह समाप्त करना ही एकमात्र विकल्प है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक दबाव और तेज होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार छात्र आंदोलन ने इसे राष्ट्रीय मंच दे दिया है। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार 'एक राष्ट्र, एक परीक्षा' के सिद्धांत से पीछे हटेगी, जो उसकी शिक्षा नीति की आधारशिला रही है। नीट के विकल्प के रूप में राज्य-आधारित प्रणाली की माँग तार्किक लग सकती है, लेकिन इसमें मेडिकल सीटों की खरीद-फरोख्त और कैपिटेशन फीस के पुराने दौर में लौटने का जोखिम भी है — जिसे रोकने के लिए ही नीट लाई गई थी। बिना किसी वैकल्पिक जवाबदेही ढाँचे के 'नीट हटाओ' की माँग राजनीतिक रूप से सुविधाजनक तो है, पर नीतिगत रूप से अधूरी है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एमके स्टालिन ने नीट पर क्या कहा?
DMK अध्यक्ष एमके स्टालिन ने 23 जुलाई 2026 को कहा कि नीट अपने घोषित उद्देश्यों — शैक्षणिक दबाव कम करना, व्यावसायीकरण रोकना और गुणवत्ता सुधारना — में से किसी पर भी खरी नहीं उतरी। उन्होंने केंद्र सरकार से नीट को तत्काल समाप्त करने की माँग की।
DMK नीट का विरोध क्यों करती है?
DMK का कहना है कि नीट सामाजिक न्याय को कमज़ोर करती है और ग्रामीण, सरकारी स्कूलों तथा आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के छात्रों के साथ भेदभाव करती है। पार्टी का आरोप है कि इस परीक्षा ने पढ़ाई का केंद्र स्कूलों से निजी कोचिंग संस्थानों की ओर कर दिया है।
जंतर-मंतर पर छात्र किसलिए प्रदर्शन कर रहे हैं?
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्र नीट में कथित अनियमितताओं के बाद परीक्षा प्रक्रिया में सुधार और नीट को पूरी तरह समाप्त करने की माँग कर रहे हैं। स्टालिन ने 22 जुलाई को इस आंदोलन का समर्थन किया था।
क्या नीट को खत्म करने से मेडिकल प्रवेश बेहतर होगा?
स्टालिन का कहना है कि केवल प्रक्रियागत बदलावों से काम नहीं चलेगा और नीट को पूरी तरह समाप्त कर एक न्यायसंगत, पारदर्शी और समान अवसर वाली नई व्यवस्था लागू करनी होगी। हालाँकि, आलोचकों का कहना है कि बिना वैकल्पिक जवाबदेही ढाँचे के यह माँग अधूरी है।
तमिलनाडु का नीट पर ऐतिहासिक रुख क्या रहा है?
तमिलनाडु वर्षों से नीट का विरोध करता आया है और राज्य विधानसभा ने नीट से छूट के लिए कई बार प्रस्ताव पारित किए हैं। स्टालिन के अनुसार, हाल की घटनाओं ने राज्य की उन पुरानी चिंताओं को सही साबित किया है जो वह शुरू से उठाता रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 17 घंटे पहले
  2. 23 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले