तमिलनाडु स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अरुणराज ने नीट विरोध दोहराया, सरकारी अस्पतालों में मरीज देखभाल सुधारने का निर्देश

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तमिलनाडु स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अरुणराज ने नीट विरोध दोहराया, सरकारी अस्पतालों में मरीज देखभाल सुधारने का निर्देश

सारांश

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. केजी अरुणराज ने मद्रास मेडिकल कॉलेज में पहली समीक्षा बैठक में नीट के खिलाफ राज्य का अडिग रुख दोहराया और इसे राज्यों के अधिकारों पर हमला बताया। साथ ही उन्होंने सरकारी अस्पतालों में मरीज देखभाल को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया।

मुख्य बातें

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री डॉ.
केजी अरुणराज ने 20 मई 2026 को मद्रास मेडिकल कॉलेज, चेन्नई में पहली आधिकारिक समीक्षा बैठक की।
मंत्री ने नीट को राज्यों के संवैधानिक अधिकारों पर अतिक्रमण और गरीब-वंचित छात्रों के लिए बाधा बताते हुए विरोध दोहराया।
उन्होंने केंद्रीकृत व्यवस्थाओं के ज़रिए देश पर एकरूपता थोपने की कोशिश की आलोचना की।
सरकारी अस्पतालों में मरीज देखभाल की गुणवत्ता सुधारना और जनता का भरोसा बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता घोषित की।
अरुणराज स्वयं MMC के पूर्व छात्र हैं; उन्होंने अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों को बेहतर उपचार मानक अपनाने का निर्देश दिया।

तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. केजी अरुणराज ने 20 मई 2026 को चेन्नई स्थित मद्रास मेडिकल कॉलेज (MMC) में अपनी पहली आधिकारिक समीक्षा बैठक के दौरान नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट (नीट) के प्रति राज्य सरकार के विरोध को एक बार फिर दृढ़ता से दोहराया। उन्होंने नीट को राज्यों के संवैधानिक अधिकारों पर अतिक्रमण और आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्गों के लिए मेडिकल शिक्षा की राह में रोड़ा बताया। इसके साथ ही उन्होंने राज्यभर के सरकारी अस्पतालों में मरीज देखभाल के स्तर को बेहतर बनाने को अपनी प्राथमिकता घोषित किया।

नीट पर अडिग रुख

डॉ. अरुणराज ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'हमने बार-बार अपना रुख स्पष्ट किया है। हम नीट के पक्ष में नहीं हैं और इसका विरोध जारी रखेंगे। यह राज्यों के अधिकारों के खिलाफ है और गरीब तथा वंचित पृष्ठभूमि के छात्रों को प्रभावित करता है।' उन्होंने केंद्रीकृत व्यवस्थाओं के ज़रिए एक विविध देश पर एकरूपता थोपने की कोशिश की भी आलोचना की और कहा कि शिक्षा नीतियों में अलग-अलग राज्यों की सामाजिक एवं शैक्षिक परिस्थितियों को ध्यान में रखना अनिवार्य है।

गौरतलब है कि तमिलनाडु में लगातार सरकारों — चाहे वे AIADMK की हों या DMK की — का यह मानना रहा है कि नीट ग्रामीण और आर्थिक रूप से पिछड़े छात्रों पर असमान बोझ डालती है। यह ऐसे समय में आया है जब देशभर में नीट की प्रासंगिकता और निष्पक्षता पर बहस एक बार फिर तेज़ हुई है।

मद्रास मेडिकल कॉलेज में समीक्षा बैठक

मंत्री ने MMC में अपनी पहली आधिकारिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और डॉक्टरों तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बेहतर उपचार मानक अपनाने और अस्पताल परिसर में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर जनता का भरोसा बढ़ाना और साफ-सुथरे, कुशल वातावरण में इलाज उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

MMC से स्वयं मेडिकल की पढ़ाई कर चुके डॉ. अरुणराज ने अपने पुराने शिक्षण संस्थान में एक आधिकारिक पद पर लौटने पर व्यक्तिगत संतोष भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'एमएमसी मेरा कॉलेज है। मैंने यहाँ से मेडिकल की पढ़ाई की है और मैं यहाँ लौटकर खुश हूँ।'

मरीज देखभाल पर सरकार का जोर

स्वास्थ्य सेवा के दृष्टिकोण को स्पष्ट करते हुए डॉ. अरुणराज ने कहा, 'अंतिम परिणाम वही महत्वपूर्ण है, जो मरीजों को मिलने वाली देखभाल की गुणवत्ता को दर्शाता है। अच्छी स्वास्थ्य सेवा और अस्पताल का अच्छा अनुभव हर व्यक्ति का बुनियादी अधिकार है।' उन्होंने सभी अधिकारियों और स्वास्थ्यकर्मियों से सरकार के स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम को ज़मीनी स्तर पर लागू करने में पूरा सहयोग देने का आग्रह किया।

आगे क्या

तमिलनाडु सरकार ने संकेत दिया है कि नीट के विरुद्ध अपनी चिंताएँ वह केंद्र सरकार के समक्ष उठाती रहेगी। साथ ही, राज्य के सरकारी चिकित्सा संस्थानों में सुधार की प्रक्रिया को गति देने के लिए नीतिगत बदलावों की घोषणा आने वाले समय में अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके लिए मापनीय लक्ष्यों और जवाबदेही ढाँचे का अभाव अभी भी स्पष्ट है। जब तक नीति घोषणाएँ ज़मीनी क्रियान्वयन में नहीं बदलतीं, ये बैठकें प्रतीकात्मक बनकर रह जाने का जोखिम उठाती हैं।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तमिलनाडु सरकार नीट का विरोध क्यों करती है?
तमिलनाडु सरकार का मानना है कि नीट राज्यों के शिक्षा संबंधी संवैधानिक अधिकारों को कमज़ोर करती है और ग्रामीण तथा आर्थिक रूप से कमज़ोर छात्रों पर असमान बोझ डालती है। राज्य की लगातार सरकारें — DMK और AIADMK दोनों — इस रुख पर एकमत रही हैं।
डॉ. केजी अरुणराज ने मद्रास मेडिकल कॉलेज में क्या निर्देश दिए?
डॉ. अरुणराज ने 20 मई 2026 को MMC में अपनी पहली समीक्षा बैठक में डॉक्टरों और अधिकारियों को बेहतर उपचार मानक अपनाने, अस्पताल में सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाने और सरकारी स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम को ज़मीनी स्तर पर लागू करने का निर्देश दिया।
नीट विवाद में तमिलनाडु का रुख केंद्र से कैसे अलग है?
केंद्र सरकार नीट को मेडिकल प्रवेश में एकरूपता और पारदर्शिता लाने का ज़रिया मानती है, जबकि तमिलनाडु इसे राज्य की विविध सामाजिक-शैक्षिक परिस्थितियों की अनदेखी करने वाली केंद्रीकृत व्यवस्था बताता है। राज्य ने इस मुद्दे पर विधानसभा में प्रस्ताव भी पारित किए हैं।
तमिलनाडु में सरकारी अस्पतालों की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. अरुणराज ने मरीज देखभाल की गुणवत्ता और अस्पताल के अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने सभी स्वास्थ्यकर्मियों को साफ-सुथरे और कुशल वातावरण में इलाज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है, हालाँकि विशिष्ट नीतिगत घोषणाएँ अभी आनी बाकी हैं।
डॉ. केजी अरुणराज का मद्रास मेडिकल कॉलेज से क्या संबंध है?
डॉ. केजी अरुणराज स्वयं मद्रास मेडिकल कॉलेज के पूर्व छात्र हैं और उन्होंने वहीं से अपनी मेडिकल की पढ़ाई पूरी की थी। एक आधिकारिक पद पर अपने पुराने संस्थान में लौटने पर उन्होंने व्यक्तिगत संतोष व्यक्त किया।
राष्ट्र प्रेस
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