नीट अनियमितताओं पर कांग्रेस को सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का तीखा हमला

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नीट अनियमितताओं पर कांग्रेस को सवाल उठाने का नैतिक अधिकार नहीं: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का तीखा हमला

सारांश

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने नीट परीक्षा अनियमितताओं पर कांग्रेस के हमले का जवाब देते हुए कहा कि केपीएससी का पतन और भर्ती भ्रष्टाचार खुद कांग्रेस शासन की देन है — इसलिए उसे दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने 12 मई को बेंगलुरु में नीट अनियमितताओं पर कांग्रेस को नैतिक अधिकार से वंचित बताया।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि केपीएससी का पतन कांग्रेस प्रशासन के दौरान शुरू हुआ।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर आरोप — व्यवस्था सुधारने का वादा पूरा नहीं किया।
सरकारी पदों के लिए निश्चित वेतनमान की खुली चर्चा का माहौल कांग्रेस की देन बताया।
राजस्थान के प्रश्नपत्र लीक का हवाला देते हुए कहा — छिटपुट घटनाओं के लिए सरकार को पूरी तरह दोषी ठहराना उचित नहीं।

केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 12 मई को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं और कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) के कामकाज को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल अपने कार्यकाल के दौरान भर्ती निकाय के पतन के लिए स्वयं जिम्मेदार है, इसलिए उसे इस मुद्दे पर दूसरों को उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

केपीएससी पर कांग्रेस को घेरा

कुमारस्वामी ने कर्नाटक में परीक्षा प्रबंधन के संदर्भ में कांग्रेस सरकार के रिकॉर्ड पर सीधे सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "हमारे राज्य में कितनी बार परीक्षाएं स्थगित हुई हैं? क्या कांग्रेस शासन के दौरान अनियमितताएं नहीं हुईं? कांग्रेस केपीएससी में सुधार करने में विफल रही। आज लोग आयोग की दयनीय स्थिति के बारे में खुलकर बात करते हैं।" उनका कहना था कि आयोग का पतन कांग्रेस प्रशासन के दौरान ही शुरू हुआ और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार को उसी दौर में बढ़ावा मिला।

मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर निशाना

केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने व्यवस्था को साफ करने का वादा किया था, लेकिन कांग्रेस ने वास्तव में कुछ नहीं किया। कुमारस्वामी के अनुसार, सरकारी पदों के लिए निश्चित वेतनमानों को लेकर सार्वजनिक रूप से खुली चर्चाएं होती रहीं और यह माहौल कांग्रेस की देन है। यह ऐसे समय में आया है जब केपीएससी की कार्यप्रणाली पर राज्य में पहले से ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

राजस्थान का उदाहरण और सरकारों पर आरोप

राजस्थान में परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों का जिक्र करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि छिटपुट घटनाओं के लिए सरकारों को पूरी तरह दोषी ठहराना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, "कभी-कभी व्यक्तियों से भी गलतियां हो जाती हैं और हर घटना के लिए पूरी तरह से सरकार को दोषी ठहराना अनुचित है।" गौरतलब है कि कर्नाटक में कांग्रेस शासन के दौरान भी ऐसी घटनाएं कई बार हो चुकी हैं, जो इस विवाद को और गहरा करती हैं।

नैतिक अधिकार पर सवाल

कुमारस्वामी ने सीधे शब्दों में पूछा कि जब कांग्रेस के अपने शासन में इस तरह की अनियमितताएं हुई हैं, तो इस मुद्दे पर दूसरों को उपदेश देने का उसे क्या नैतिक अधिकार है। उनका यह हमला कांग्रेस द्वारा नीट परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर केंद्र सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों के जवाब में आया है। आने वाले दिनों में यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने की संभावना है, खासकर कर्नाटक में जहाँ भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि वर्तमान जवाबदेही से तय होना चाहिए। कर्नाटक में परीक्षा घोटालों का बार-बार दोहराया जाना बताता है कि समस्या संरचनागत है, न कि केवल राजनीतिक।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुमारस्वामी ने नीट अनियमितताओं पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस के अपने शासनकाल में केपीएससी का पतन हुआ और भर्ती प्रक्रियाओं में भ्रष्टाचार बढ़ा, इसलिए उसे इस मुद्दे पर दूसरों को उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है।
केपीएससी विवाद क्या है?
कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) पर भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। कुमारस्वामी का आरोप है कि इस आयोग की दुर्दशा कांग्रेस शासन के दौरान शुरू हुई।
कुमारस्वामी ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर क्या आरोप लगाए?
कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने व्यवस्था साफ करने का वादा किया था, लेकिन वास्तव में कुछ नहीं बदला और सरकारी पदों के लिए निश्चित वेतनमान की खुली चर्चाओं का माहौल कांग्रेस ने ही बनाया।
नीट परीक्षा अनियमितताओं पर केंद्र सरकार का क्या रुख है?
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने छिटपुट घटनाओं के लिए सरकार को पूरी तरह दोषी ठहराने को अनुचित बताया और राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाओं का हवाला दिया।
इस विवाद का कर्नाटक की राजनीति पर क्या असर होगा?
कर्नाटक में भर्ती परीक्षाओं का मुद्दा राजनीतिक रूप से संवेदनशील है और यह आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है, खासकर जब केपीएससी की कार्यप्रणाली पर पहले से सवाल उठ रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस