गारंटी योजनाएं कर्नाटक-हिमाचल की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर रही हैं: कुमारस्वामी का बड़ा आरोप

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गारंटी योजनाएं कर्नाटक-हिमाचल की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर रही हैं: कुमारस्वामी का बड़ा आरोप

सारांश

केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने हासन में कांग्रेस की गारंटी योजनाओं को कर्नाटक और हिमाचल की आर्थिक बर्बादी का कारण बताया। 7.26 लाख करोड़ के कर्ज और मार्च की अटकी सैलरी का हवाला देते हुए उन्होंने 2,000 रुपए की योजना को छलावा करार दिया।

Key Takeaways

  • केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 23 अप्रैल को हासन में कांग्रेस की गारंटी योजनाओं को राज्यों की आर्थिक बर्बादी का जिम्मेदार ठहराया।
  • कर्नाटक सरकार पर 7.26 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज है और प्रति नागरिक 1 लाख रुपए से ज्यादा का ऋण बोझ है।
  • कर्नाटक के सरकारी कर्मचारियों को मार्च 2025 की सैलरी अभी तक नहीं मिली है।
  • हिमाचल प्रदेश में भी सैलरी संकट और वेतन कटौती की खबरें आ रही हैं।
  • कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ 2,000 रुपए देती है और दूसरी तरफ बिजली बिलशराब की कीमतें बढ़ाकर जनता पर बोझ डालती है।
  • इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एच.डी. रेवन्ना और दो प्रमुख मठों के स्वामीजी भी उपस्थित रहे।

हासन, 23 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को कांग्रेस सरकार की गारंटी योजनाओं पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि ये योजनाएं कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्थाओं को खोखला कर रही हैं। उन्होंने हासन जिले के होलेनरासिपुरा तालुका के उद्दानहोसहल्ली गांव में वीरंजनेय स्वामी मंदिर के जीर्णोद्धार समारोह में यह बात कही। कुमारस्वामी ने चेतावनी दी कि 2,000 रुपए की मासिक सहायता न तो परिवार का भला कर सकती है और न ही राज्य का विकास।

कर्ज के बोझ तले दबा कर्नाटक

कुमारस्वामी ने दावा किया कि कर्नाटक सरकार पर अब तक 7.26 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज जमा हो चुका है। इसका सीधा मतलब है कि राज्य के प्रत्येक नागरिक के सिर पर 1 लाख रुपए से ज्यादा का ऋण बोझ है। उन्होंने तीखे अंदाज में पूछा कि इस भारी कर्ज के लिए जिम्मेदार कौन है और इसे चुकाएगा कौन।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने अभी तक मार्च महीने की सैलरी सरकारी कर्मचारियों को नहीं दी है। यह स्थिति राज्य के वित्तीय कुप्रबंधन की गंभीर तस्वीर पेश करती है।

हिमाचल प्रदेश की भी बिगड़ी माली हालत

कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश का हवाला देते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि वहां भी सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा और सैलरी में कटौती की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे गारंटी योजनाओं के दुष्परिणाम का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार पहले भी वित्तीय संकट के कारण चर्चा में रही है। राज्य पर बढ़ते कर्ज और राजस्व की कमी के बीच गारंटी योजनाओं का बोझ वहन करना मुश्किल होता जा रहा है।

एक हाथ से देना, दूसरे हाथ से वसूलना

कुमारस्वामी ने सरकार की नीति पर व्यंग्य करते हुए कहा कि एक तरफ 2,000 रुपए दिए जाते हैं, वहीं दूसरी तरफ बिजली के बिल और शराब की कीमतों में बढ़ोतरी कर जनता की जेब खाली की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह आम जनता के साथ छल है।

उन्होंने महिलाओं से विशेष अपील की कि वे 2,000 रुपए की छोटी राशि के लालच में न आएं, क्योंकि इससे न बड़ी बीमारियों का इलाज होता है और न बच्चों की शिक्षा का खर्च उठाया जा सकता है।

शासन और भर्ती पर कांग्रेस सरकार को घेरा

अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल को याद करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि उनके शासन में स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली क्षेत्रों में उल्लेखनीय काम हुआ। उन्होंने दावा किया कि हजारों शिक्षकों की भर्ती पूरी पारदर्शिता के साथ की गई थी, जबकि मौजूदा सरकार एक भी भर्ती करने में सक्षम नहीं है।

उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे जाति के बजाय उम्मीदवार की ईमानदारी और कार्यक्षमता को कसौटी बनाकर वोट दें।

गहरा विश्लेषण: गारंटी राजनीति का दोधारी तलवार

कुमारस्वामी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के कई राज्यों में मुफ्त योजनाओं बनाम विकास की बहस तेज हो रही है। आर्थिक विशेषज्ञों का एक वर्ग लंबे समय से चेतावनी दे रहा है कि बिना राजस्व वृद्धि के लोकलुभावन योजनाएं राज्यों की वित्तीय स्थिति को नाजुक बना देती हैं।

कर्नाटक में 7.26 लाख करोड़ रुपए का कर्ज और मार्च की सैलरी का न मिलना — ये दोनों तथ्य अगर सही हैं, तो यह प्रशासनिक विफलता की गंभीर निशानदेही करते हैं। हालांकि कांग्रेस सरकार इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताती रही है।

आगामी दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कर्नाटक सरकार इन आरोपों का जवाब कैसे देती है और क्या वह अपनी गारंटी योजनाओं को जारी रखने के लिए नए वित्तीय स्रोत खोज पाती है।

इस कार्यक्रम में पूर्व मंत्री एच.डी. रेवन्ना ने भी संबोधन किया। किरिकोडली मठ के श्री श्री सांबा सदाशिव स्वामीजी और अराकलुगुडु स्थित चिलुमे मठ के श्री श्री जयदेव स्वामीजी ने अपना आशीर्वाद प्रदान किया। केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने वीरंजनेय स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।

Point of View

बल्कि एक गहरे आर्थिक प्रश्न की ओर इशारा है — क्या लोकलुभावन योजनाएं दीर्घकालिक विकास की कीमत पर खरीदी जा रही हैं? कर्नाटक में 7.26 लाख करोड़ का कर्ज और सैलरी संकट, हिमाचल में वेतन कटौती — ये आंकड़े बताते हैं कि गारंटी राजनीति का असली खामियाजा सरकारी कर्मचारी और आम करदाता भुगत रहे हैं। विडंबना यह है कि जो सरकार 'गरीब की मदद' का दावा करती है, वही बिजली और अन्य जरूरी वस्तुओं पर कर बढ़ाकर उसी गरीब की जेब काट रही है। मुख्यधारा की मीडिया इस विरोधाभास को अक्सर नजरअंदाज कर देती है, लेकिन यही वह बिंदु है जहां राजनीतिक वादे और आर्थिक हकीकत टकराती है।
NationPress
23/04/2026

Frequently Asked Questions

कुमारस्वामी ने गारंटी योजनाओं पर क्या कहा?
केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस की गारंटी योजनाएं कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद कर रही हैं। उन्होंने 2,000 रुपए की सहायता को नाकाफी बताते हुए इसे विकास का विकल्प मानने से इनकार किया।
कर्नाटक सरकार पर कितना कर्ज है?
कुमारस्वामी के अनुसार कर्नाटक सरकार पर 7.26 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कर्ज जमा हो गया है। इसका मतलब है कि राज्य के हर नागरिक पर 1 लाख रुपए से ज्यादा का ऋण बोझ है।
क्या कर्नाटक के सरकारी कर्मचारियों को सैलरी नहीं मिली?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि कर्नाटक सरकार ने मार्च महीने की सैलरी अभी तक सरकारी कर्मचारियों को नहीं दी है। उन्होंने इसे गारंटी योजनाओं के कारण उत्पन्न वित्तीय संकट का परिणाम बताया।
हिमाचल प्रदेश में वेतन कटौती की खबर क्यों आ रही है?
कुमारस्वामी के अनुसार कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश भी गारंटी योजनाओं के बोझ से दबकर वित्तीय संकट में है। वहां सरकारी कर्मचारियों को समय पर वेतन नहीं मिल रहा और सैलरी कटौती की खबरें भी सामने आ रही हैं।
कुमारस्वामी ने मतदाताओं से क्या अपील की?
उन्होंने मतदाताओं से आग्रह किया कि वे जाति के आधार पर नहीं, बल्कि नेता की ईमानदारी और कार्यक्षमता के आधार पर वोट दें। उन्होंने महिलाओं से विशेष रूप से कहा कि वे 2,000 रुपए जैसी छोटी राशि के लालच में न आएं।
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