बेंगलुरु नगर निकाय चुनाव: सीएम सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम शिवकुमार में सत्ता संघर्ष, कुमारस्वामी का बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने मंगलवार, 12 मई को बेंगलुरु में मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि ग्रेटर बेंगलुरु प्राधिकरण (जीबीए) चुनावों के संचालन को लेकर कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच गहरी आंतरिक कलह चल रही है। कुमारस्वामी के अनुसार, दोनों नेता अपने-अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए परस्पर विरोधी रणनीतियाँ अपना रहे हैं।
मुख्य आरोप: दो बैठकें, दो विरोधी रुख
कुमारस्वामी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने उपमुख्यमंत्री शिवकुमार की अनुपस्थिति में चुनाव अधिकारियों की बैठक बुलाई और जीबीए चुनाव जल्द कराने पर जोर दिया। इसके बाद, कुमारस्वामी के आरोप के अनुसार, शिवकुमार ने एक अलग बैठक आयोजित की और कथित तौर पर मुख्यमंत्री पर किसी भी परिस्थिति में चुनाव न कराने का दबाव डाला।
कुमारस्वामी ने कहा कि एक पक्ष मुख्यमंत्री की कुर्सी बचाने के लिए चुनाव चाहता है, जबकि दूसरा पक्ष अंततः मुख्यमंत्री पद पर कब्जा करने की अपनी संभावनाएँ मजबूत करने के लिए चुनाव स्थगित करना चाहता है।
सर्वोच्च न्यायालय में याचिका और 90 दिनों का विस्तार
कर्नाटक राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) ने सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर कर बेंगलुरु नगर निकाय चुनावों के लिए 90 दिनों का विस्तार माँगा है। ये चुनाव लंबे समय से लंबित हैं। कुमारस्वामी ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार जनगणना जैसे बहाने बनाकर चुनावों को सितंबर तक टालने की कोशिश कर रही है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार भी जल्द से जल्द चुनाव कराने की इच्छुक है, लेकिन प्रक्रियात्मक मुद्दों को पहले दुरुस्त करना ज़रूरी है। उन्होंने कहा,