कर्नाटक: एचडी देवे गौड़ा का सिद्धारमैया पर तीखा हमला, कहा- 'सामाजिक न्याय का पालन नहीं करते'
सारांश
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बेंगलुरु, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवे गौड़ा ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि वे वास्तव में सामाजिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं करते।
ग्रेटर बेंगलुरु में जेडीएस सम्मेलन को संबोधित करते हुए 93 वर्षीय देवे गौड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री मुख्यतः राजनीतिक स्वार्थ के लिए सामाजिक न्याय के मुद्दों को उठाते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धारमैया को आत्म-निरीक्षण करना चाहिए और अपने आदर्शों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर सवाल उठाना चाहिए। सिद्धारमैया पर आरोप लगाया गया कि वे राजनीतिक लाभ के लिए इस अवधारणा का चयनात्मक उपयोग कर रहे हैं।
पिछली राजनीतिक घटनाओं को याद करते हुए देवे गौड़ा ने कहा कि कुछ एएचआईएनडीए नेताओं ने कुमारस्वामी सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और जेडीएस को कमजोर करने का प्रयास किया।
इन परिस्थितियों के जवाब में उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ गठबंधन का निर्णय उनकी सहमति से लिया गया था।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी (उनके बेटे) वर्तमान में केंद्रीय मंत्री के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं, लेकिन कुद्रेमुख और एचएमटी से संबंधित मुद्दों का हवाला देते हुए राज्य सरकार सहयोग नहीं कर रही है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य के हित से जुड़े मामलों का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए और पुष्टि की कि कुमारस्वामी दृढ़ संकल्प के साथ अपना कार्य जारी रखे हुए हैं।
उन्होंने बिहार में एनडीए गठबंधन की ताकत पर भी प्रकाश डाला और कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने नीतीश कुमार के नेतृत्व को मजबूत किया है, जिससे विश्वास और स्थिरता पर आधारित शासन को बढ़ावा मिला है।
इसके विपरीत, उन्होंने टिप्पणी की कि जेडीएस के प्रति कांग्रेस का रवैया विश्वास को ठेस पहुंचा रहा है, जिसके कारण पार्टी को एनडीए में शामिल होना पड़ा।
‘दरिद्र नारायण’ रैली का जिक्र करते हुए देवे गौड़ा ने एक मुस्लिम उम्मीदवार के समर्थन में आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति पर आलोचना की और कहा कि इस तरह की कार्रवाई सामाजिक न्याय के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने बताया कि सिद्धारमैया कार्यक्रम के अंत में ही पहुंचे, जो उनके अनुसार इस मुद्दे पर उनकी गंभीरता की कमी को दर्शाता है।
एक कड़े शब्दों में टिप्पणी करते हुए देवे गौड़ा ने वर्तमान राज्य सरकार को अपने छह दशकों के राजनीतिक जीवन में देखी गई सबसे खराब सरकार बताया।
उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता में असंतोष बढ़ रहा है और लोग मुंहतोड़ जवाब देने के मौके की प्रतीक्षा कर रहे हैं।