क्या कांग्रेस अवैध गतिविधियों को छुपाने के लिए वीबी-जी राम जी योजना पर हमला कर रही है: एचडी कुमारस्वामी?
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस सरकार पर अवैध गतिविधियों को छुपाने का आरोप।
- "राज्यपाल वापस जाओ" नारा केवल राजनीतिक नाटक है।
- किसानों का हित सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
- राज्य सरकार को केंद्र के साथ सहयोग करना चाहिए।
- सिर्फ तमाशे से समाधान नहीं निकलेंगे।
मांड्या (कर्नाटक), 23 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कर्नाटक में कांग्रेस सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि राज्य कांग्रेस द्वारा उठाए गए "राज्यपाल वापस जाओ" के नारे से कुछ भी हासिल नहीं होगा और यह केवल एक राजनीतिक नाटक है।
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि आत्मनिरीक्षण करने के बजाए, कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पिछले ढाई वर्षों में किए गए अन्याय और अवैध गतिविधियों को छुपाने के लिए विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जी राम जी) योजना के खिलाफ झूठा अभियान चला रही है।
मेलुकोटे विधानसभा क्षेत्र के शिवल्ली गांव में नवनिर्मित श्री मरम्मा देवी मंदिर का उद्घाटन करने के बाद मीडिया से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि कांग्रेस को राज्यपालों से संबंधित मुद्दों पर अपने पिछले व्यवहार को याद करना चाहिए ताकि वह अपने ही विरोधाभासों को समझ सके।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विशेष सत्र बुलाकर समय बर्बाद कर रही है। यह पहली बार नहीं है जब किसी राज्यपाल ने भाषण पढ़ने से इनकार किया हो या उसे छोटा किया हो। कुमारस्वामी ने कहा कि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को याद करना चाहिए कि जब वे जेएच पटेल की सरकार में उपमुख्यमंत्री थे, तब क्या हुआ था।
कुमारस्वामी ने यह भी कहा कि क्या ऐसे टकराव से राज्य की समस्याएं हल हो जाएंगी? ‘गवर्नर वापस जाओ’ केवल एक राजनीतिक नाटक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार का इरादा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) का मुद्दा उठाकर केंद्र पर हमला करना है और यही विशेष सत्र बुलाने का कारण है।
उन्होंने सवाल किया कि कांग्रेस बार-बार दलितों का नाम लेकर अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस सरकार ने अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आवंटित निधि को गारंटी योजनाओं को लागू करने में लगा दिया है। क्या यही दलितों का उत्थान है?
कुमारस्वामी ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कई अनियमितताएं हुई हैं।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र के साथ विश्वास बनाए रखने में विफल रही है और केंद्रीय निधियों के संबंध में पारदर्शिता नहीं बरती है। उन्होंने पूछा कि उनकी गलतियों के कारण कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं रद्द कर दी गई हैं। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?
कुमारस्वामी ने किसानों के साथ बार-बार अन्याय करने का आरोप लगाते हुए कहा कि क्या आपने फसल उगाने वाले किसानों की रक्षा की है? आपने केंद्र द्वारा अनुमोदित मानदंडों के अनुसार कितनी फसल की खरीद की है? जब आम के दाम गिरे, तो वे मदद के लिए केंद्र के पास गए। जब मैं मुख्यमंत्री था और आम के दाम गिरे, तब राज्य सरकार ने स्वयं मुआवजा दिया। वे काम करने में असमर्थ हैं, लेकिन केंद्र को दोष देने के बहाने ढूंढते रहते हैं।
उन्होंने कहा कि टकराव से समस्याएं हल नहीं होंगी। मैं राज्य सरकार को केंद्र के साथ विश्वास बनाए रखते हुए मुद्दों को सुलझाने की सलाह देता हूं। वे दावा करते हैं कि वे भारी कर चुकाते हैं, लेकिन कर तो जनता ही चुकाती है। विधानसभा को राज्य की समस्याओं पर चर्चा करनी चाहिए। महज तमाशे से कोई नतीजा नहीं निकलेगा।