पप्पू यादव: भाजपा समाज में विभाजन की जड़

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पप्पू यादव: भाजपा समाज में विभाजन की जड़

सारांश

पप्पू यादव ने भाजपा पर विभाजन उत्पन्न करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और वाराणसी में इफ्तार पार्टी के मुद्दे पर उनकी बातें विचारणीय हैं।

Key Takeaways

  • भाजपा पर विभाजन का आरोप
  • प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा
  • इफ्तार पार्टी में कार्रवाई पर सवाल
  • प्रार्थना के लिए प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं
  • सामाजिक सद्भाव की आवश्यकता

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे, वाराणसी में नाव पर इफ्तार पार्टी समेत कई मुद्दों पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने भाजपा पर समाज में विभाजन उत्पन्न करने का गंभीर आरोप लगाया।

कांग्रेस सांसद बोरदोलोई के इस्तीफे पर पप्पू यादव ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "भाजपा हमेशा विभाजन पैदा करती है। पार्टी इसे गंभीरता से ले रही है और इस्तीफे का महत्व अवश्य है।"

वाराणसी में एक नाव पर इफ्तार पार्टी के दौरान गंगा में मांसाहारी भोजन फेंकने के आरोप में 14 युवकों की गिरफ्तारी पर यादव ने कहा, "कोई भी कहीं भी पूजा-इबादत कर सकता है। समय की कमी के कारण गरीब और मजदूर व्यक्ति पूजा-इबादत के लिए कोई भी स्थान चुन सकते हैं। इफ्तार करना कोई अपराध नहीं है। ऐसे में गरीबों और मजदूरों पर कार्रवाई करने का रवैया यह दर्शाता है कि समाज में कितनी नफरत फैली हुई है। हम इस देश के कानूनों का कितनी बुरी तरह उल्लंघन करते हैं।"

अभिनेत्री सारा अली खान को बद्रीनाथ और केदारनाथ में पूजा करने के लिए हलफनामा जमा करने को कहे जाने पर पप्पू यादव ने कहा, "प्रार्थना और पूजा आस्था का विषय है। किसी भी धर्म के लोग कहीं भी जा सकते हैं, चाहे वह शिरडी साईं बाबा हो या अजमेर शरीफ, इसके लिए प्रमाणपत्र देना भारत में कभी परंपरा नहीं रही है, और मैं इसे उचित नहीं मानता। इस मामले में कोर्ट को संज्ञान लेना चाहिए।"

गौरतलब है कि असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के करीबी सहयोगी प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पार्टी के सभी पदों, विशेषाधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से इस्तीफा देते हुए अपना पत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेजा। इस्तीफे में लिखा गया, "आज बहुत दुख के साथ मैं इंडियन नेशनल कांग्रेस के सभी पदों, खास अधिकारों और प्राइमरी सदस्यता से अपना इस्तीफा दे रहा हूं।"

Point of View

यह बयान भाजपा की राजनीतिक रणनीति को चुनौती देता है। पप्पू यादव की टिप्पणियाँ न केवल वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य को उजागर करती हैं, बल्कि समाज में व्याप्त विभाजन की गंभीरता को भी दर्शाती हैं।
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

पप्पू यादव ने भाजपा पर क्या आरोप लगाए हैं?
पप्पू यादव ने भाजपा पर समाज में विभाजन उत्पन्न करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने क्यों इस्तीफा दिया?
बोरदोलोई ने सभी पदों से इस्तीफा देकर अपनी असंतोष प्रकट किया है जो असम विधानसभा चुनाव से पहले आया है।
इफ्तार पार्टी में गंगा में मांस फेंकने की घटना पर यादव का क्या कहना है?
यादव ने कहा कि इफ्तार करना कोई गुनाह नहीं है और गरीबों पर कार्रवाई नफरत को दर्शाती है।
क्या प्रार्थना के लिए प्रमाण पत्र की आवश्यकता है?
यादव ने कहा कि प्रार्थना आस्था का विषय है और इसके लिए प्रमाण पत्र देना भारत में परंपरा नहीं है।
भाजपा के खिलाफ पप्पू यादव के बयान का क्या प्रभाव पड़ेगा?
उनके बयान से भाजपा की छवि को चुनौती मिल सकती है और समाज में विभाजन पर बहस छिड़ सकती है।
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