मुख्तार अब्बास नकवी ने कांग्रेस को बताया अर्थहीन संपत्ति, विधानसभा चुनाव पर उठाए सवाल
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
- भाजपा नेताओं ने विधानसभा चुनाव 2026 के लिए रणनीतियाँ साझा की हैं।
- मुख्तार अब्बास नकवी ने कुशासन और भ्रष्टाचार के मुद्दों पर बात की है।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला और भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर कांग्रेस समेत विपक्ष पर हमला बोला है।
पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों पर भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें (ममता बनर्जी) पहले से ही पता है कि चुनाव में हारने वाली हैं। जब ऐसा होगा तो वे चुनाव आयोग के साथ खेल खेलना शुरू कर देंगे। आपको अपने किए का परिणाम भुगतना ही होगा। आज पश्चिम बंगाल की जनता कुशासन, भ्रष्टाचार और अपराध से तंग आ चुकी है। वे अब इस बोझ को सहन नहीं कर पा रहे हैं और इससे बोझिल महसूस कर रहे हैं।"
अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा किए गए हवाई हमलों पर अब्बास नकवी ने कहा, "अफगानिस्तान में जो कुछ भी हुआ है वह बेहद चिंताजनक है। आतंकवाद और क्रूरता में शामिल लोग न केवल राज्य के दुश्मन हैं, बल्कि इस्लाम के सच्चे सिद्धांतों के भी दुश्मन हैं। निर्दोष लोगों की जान जाने की तस्वीरें बेहद विचलित करने वाली हैं और किसी भी संवेदनशील और मानवीय व्यक्ति को चिंतित कर देंगी।"
अब्बास नकवी ने कहा, "कांग्रेस पार्टी एक अर्थहीन संपत्ति की तरह हो गई है, जिसका न तो अंदर कोई मूल्य है और न ही बाहर कोई अहमियत। इसी वजह से यह अपना घर भी नहीं संभाल पा रही है, फिर भी पूरे देश में शोर मचा रही है, 'हमें बचाओ! हमें बचाओ! हमें बचाओ!'"
कांग्रेस से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर नकवी ने कहा, "आप अपना घर संभालने में असमर्थ हैं। आप अपने सीमित संसाधनों की रक्षा करने या उनका सही ढंग से प्रबंधन करने में सक्षम नहीं हैं। आप उनका विश्वास जीतने में विफल रहे हैं।"
वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी एक बार फिर बिखर रही है। कांग्रेस में अब किसी को भी राहुल गांधी पर भरोसा नहीं रहा। यही कारण है कि कांग्रेस के असम सांसद प्रद्युत बोरदोलोई और उपाध्यक्ष नवज्योति दोनों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। दोनों ने कहा कि कोई समन्वय नहीं है, कोई संवाद नहीं है और कोई विचार-विमर्श नहीं है।"
शहजाद पूनावाला ने कहा, "तमिलनाडु में एक बार फिर डीएमके-कांग्रेस वाम गठबंधन में मिशन या विजन की बजाय भ्रम, विभाजन, सत्ता की महत्वाकांक्षा और भ्रष्टाचार की झलक दिखाई दे रही है। वामपंथियों को सिर्फ पांच सीटें मिली हैं और अब उन्होंने डीएमके के खिलाफ बगावत कर दी है। अभी हाल ही में हमने कांग्रेस नेताओं को डीएमके के खिलाफ, कुशासन की कमी और महिलाओं की सुरक्षा के अभाव को लेकर आवाज उठाते देखा है।"