मुख्तार अब्बास नकवी का अखिलेश यादव पर तंज: भविष्यवक्ताओं से बचने की दी सलाह
सारांश
Key Takeaways
- मुख्तार अब्बास नकवी ने अखिलेश यादव के बयान का मजाक उड़ाया।
- ममता बनर्जी पर भी नकवी ने निशाना साधा।
- कांग्रेस की नीतियों पर कटाक्ष किया गया।
- घुसपैठ के मुद्दे पर सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट की गई।
- चुनावी रणनीतियों के बारे में चर्चा की गई।
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की हार का दावा किया था।
नकवी ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा में कहा कि अखिलेश यादव पहले भी ऐसे ही भविष्यवाणियाँ कर चुके हैं। उन्होंने बिहार चुनाव में भी इसी तरह के दावे किए थे कि भाजपा का सफाया हो जाएगा और तेजस्वी यादव की पार्टी सरकार बनाएगी, परंतु नतीजे सबके सामने हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "ऐसे भविष्यवक्ताओं से तो भगवान ही बचाए।"
इसके साथ ही, नकवी ने ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले 'मां, माटी, मानुष' के नारे पर राजनीति करती थीं, लेकिन न तो वह 'मां' की सुरक्षा कर पाईं, न 'मानुष' का सशक्तीकरण कर सकीं और न ही 'माटी' का सम्मान बचा पाईं। चुनाव के करीब आते ही वह 'मीट, माछी और मुसलमान' जैसे मुद्दों को उठाने लगी हैं।
ज्ञात रहे कि ममता बनर्जी ने हाल ही में पुरुलिया में एक रैली के दौरान भाजपा पर 'भोजन की राजनीति' करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो राज्य में लोगों को मछली, मांस और अंडा खाने की आजादी नहीं रहेगी।
नकवी ने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि नक्सलवाद और आतंकवाद के मुद्दे पर पार्टी की नीतियाँ हमेशा विरोधाभासी और भ्रमित रही हैं। इसी कारण ये समस्याएँ देश में लंबे समय तक बनी रहीं।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद स्थिति में बड़ा बदलाव आया है और अब नक्सलवाद और आतंकवाद को जड़ से खत्म करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
इसके अलावा, नकवी ने घुसपैठ के मुद्दे पर भी सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कोई भी देश घुसपैठियों को नजरअंदाज नहीं कर सकता और उनकी पहचान करना सरकार की प्राथमिकता रही है।