बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली: बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन से बढ़ी निगरानी

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बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली: बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन से बढ़ी निगरानी

सारांश

बीजिंग में एक नए पहचान नियंत्रण प्रणाली के उभार ने नागरिकों की गोपनीयता पर सवाल उठाए हैं। बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग कर सार्वजनिक स्थलों पर निगरानी की जा रही है, जिससे लोगों की स्वतंत्रता प्रभावित हो रही है।

Key Takeaways

  • बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली तेजी से विकसित हो रही है।
  • बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग हो रहा है।
  • सुरक्षा जांच और आईडी सत्यापन अब अनिवार्य हैं।
  • गोपनीयता और नागरिक स्वतंत्रताओं पर गंभीर चिंताएँ हैं।
  • पर्यटकों के अनुभव से प्रणाली की सख्ती का पता चलता है।

बीजिंग, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। हाल ही में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, चीन की राजधानी बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली तेजी से विकसित हो रही है। सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जा रहा है।

'द एपोक टाइम्स' की एक रिपोर्ट के अनुसार, एक चीनी पर्यटक ने सोशल मीडिया पर साझा किया कि बीजिंग की अपनी हालिया पांच-दिन की यात्रा के दौरान उसे छह बार सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ा और 15 बार अपना राष्ट्रीय पहचान पत्र स्कैन करना पड़ा।

पर्यटक ने 'वीचैट' पर साझा किए गए वीडियो में कहा, "बुनियादी तौर पर, जहां भी आप जाते हैं, आपको अपना आईडी स्कैन करना पड़ता है। पर्यटक स्थलों, मेट्रो स्टेशनों और कई सार्वजनिक स्थानों पर आईडी चेकपॉइंट मौजूद हैं। आपकी यात्रा बार-बार बाधित होती है।"

रिपोर्ट में आगे कहा गया है, "यह अनुभव बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली के तेजी से विस्तार की एक झलक प्रस्तुत करता है। यह प्रणाली शहर में लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखने के लिए बिग डेटा और फेशियल रिकग्निशन टेक्नोलॉजी का संयोजन करती है।"

रिपोर्ट के अनुसार, कई याचिकाकर्ताओं, अधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य व्यक्तियों ने द एपोक टाइम्स से कहा कि यह प्रणाली डेटा-संचालित सामाजिक नियंत्रण की एक व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाती है, जिसके कारण चीन में गोपनीयता और नागरिक स्वतंत्रताओं के बारे में चिंताएँ बढ़ रही हैं। उन्होंने अपनी पहचान गोपनीय रखने या केवल अपने उपनाम का उपयोग करने की शर्त रखी।

बीजिंग में सुरक्षा जांच और आईडी सत्यापन अब लगभग अनिवार्य हो गए हैं। मेट्रो स्टेशनों पर नियमित रूप से बैग की जांच की जाती है, जबकि कई स्थानों पर आईडी स्कैन की आवश्यकता होती है, जो सीधे व्यक्तिगत डेटा प्रणाली से जुड़े होते हैं। कुछ विशेष समूहों के लिए यह प्रणाली और भी अधिक प्रतिबंधात्मक हो सकती है।

'द एपोक टाइम्स' से बात करते हुए, एक महिला जिनका उपनाम ली है, जिन्होंने बार-बार बीजिंग का दौरा किया, ने कहा कि जांचों की संख्या बढ़ गई है।

रिपोर्ट के अनुसार, याचिका एक प्रशासनिक प्रक्रिया है जो लोगों की शिकायतों को सुनती है। हालांकि, मानवाधिकार समूहों का कहना है कि अधिकारियों की ओर से याचिकाओं को अक्सर खारिज कर दिया जाता है और अक्सर उन लोगों को परेशान करते हैं जो शासन के तानाशाही शासन से संतुष्ट नहीं होते हैं।

Point of View

जो नागरिक स्वतंत्रताओं और गोपनीयता के मुद्दों के प्रति गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता को उजागर करती है। यह एक ऐसा विषय है, जिसका प्रभाव न केवल चीन में, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महसूस किया जा सकता है।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

बीजिंग में पहचान नियंत्रण प्रणाली का उद्देश्य क्या है?
इस प्रणाली का उद्देश्य सार्वजनिक स्थलों पर लोगों की गतिविधियों पर निगरानी रखना और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
क्या यह प्रणाली नागरिकों की गोपनीयता को प्रभावित करती है?
हाँ, कई अधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह प्रणाली गोपनीयता और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए खतरा हो सकती है।
क्या यह प्रणाली सिर्फ पर्यटकों पर लागू होती है?
नहीं, यह प्रणाली सभी नागरिकों और पर्यटकों पर समान रूप से लागू होती है।
क्या सुरक्षा जांच अनिवार्य है?
हाँ, बीजिंग में सुरक्षा जांच और आईडी सत्यापन अब लगभग सभी सार्वजनिक स्थानों पर अनिवार्य हो गए हैं।
क्या लोगों को अपनी पहचान गोपनीय रखने का अधिकार है?
जी हाँ, लेकिन कई लोग अपनी पहचान को गोपनीय रखने में असमर्थ हैं, विशेषकर जब उन्हें सरकारी जांचों का सामना करना पड़ता है।
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