मुख्तार अब्बास नकवी का बयान: तथ्यहीन विरोध प्रदर्शन का कोई स्थान नहीं
सारांश
Key Takeaways
- मुख्तार अब्बास नकवी ने उपद्रव की निंदा की।
- तथ्यहीन विरोध प्रदर्शनों का कोई महत्व नहीं।
- एनसीईआरटी मामले में सुधार की आवश्यकता।
- कांग्रेस की स्थिति पर गंभीर सवाल।
- भ्रम और भय का माहौल पैदा करना अनुचित।
नई दिल्ली, 27 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा के प्रमुख नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए उपद्रव पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हम भी छात्र आंदोलन से जुड़े नेता हैं। हमने भी अपने समय में कई मुद्दों पर प्रदर्शन किया। जेल गए, लेकिन कभी भी ऐसे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बने, जिसमें कोई सत्य न हो।
मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत में कहा कि आखिर यह किस प्रकार का प्रदर्शन है, जिसमें न तो किसी प्रकार का तथ्य है और न इसकी अपनी कोई सीमाएँ। ऐसे प्रदर्शन का कोई अर्थ नहीं रह जाता। इस तरह के प्रदर्शनों के माध्यम से पूरे माहौल को खराब करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेता ने एनसीईआरटी मामले पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लिया है और केंद्र सरकार ने इसे सुधारने की दिशा में कदम उठाए हैं। अब मुझे नहीं लगता कि इसे और अधिक तूल देने की आवश्यकता है।
उन्होंने कांग्रेस की वर्तमान स्थिति पर भी प्रकाश डाला। मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि कांग्रेस अब इस स्थिति में नहीं है कि वह जनादेश को स्वीकार कर सके। यही कारण है कि यह पार्टी अब लोकतंत्र के खिलाफ जा चुकी है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
भाजपा नेता ने कहा कि यदि किसी पार्टी की जनादेश के प्रति नाराजगी बढ़ती है, तो वह राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों का सहारा लेकर देश की जनता को गुमराह करने की कोशिश करती है।
उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह गलत है कि वर्तमान समय में यह पार्टी हर मुद्दे पर आम जनता के बीच भ्रम और भय का माहौल पैदा करने का प्रयास कर रही है, जो पूरी तरह से अनुचित है।