मुंबई पुलिस ने अंधेरी ईस्ट से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित किया
सारांश
Key Takeaways
- मुंबई पुलिस की मेहनत से लापता महिला को बरामद किया गया।
- विशेष अभियान के तहत 15 दिन में खोज की गई।
- महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ थी, जिससे खोज में चुनौती थी।
- परिवार ने पुलिस का आभार व्यक्त किया।
- पुलिस लापता लोगों की खोज में गंभीरता से कार्य कर रही है।
मुंबई, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंधेरी पुलिस ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनके दल ने 52 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को सुरक्षित रूप से ढूंढ निकाला और उसे उसके परिवार के पास वापस भेज दिया है। महिला की घर वापसी से परिवार के सदस्य बेहद राहत महसूस कर रहे हैं।
फिर से, मुंबई पुलिस के कमिश्नर देवेन भारती के निर्देश पर लापता महिलाओं और बच्चों की खोज के लिए एक विशेष मुहिम चलायी जा रही है। इसी अभियान के तहत अंधेरी पुलिस ने 15 दिनों की मेहनत के बाद 52 वर्षीय रत्ना धर्मेंद्र यादव को पाया, जो पिछले कई दिनों से लापता थीं।
रत्ना अंधेरी ईस्ट के सैवादी इलाके से गायब हुई थीं। उनकी बेटी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर लापता होने का मामला दर्ज किया गया। इसके बाद, अंधेरी पुलिस ने उनकी खोज के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की।
पुलिस की टीम ने हर छोटी और बड़ी गली, कॉलोनी और आस-पड़ोस की जगहों पर खोजबीन की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच के माध्यम से पता चला कि रत्ना अस्थायी रूप से चेंबूर के एक होमलेस शेल्टर में रह रही थीं।
जांच के दौरान, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि रत्ना मानसिक रूप से अस्वस्थ थीं और वह बोल नहीं सकती थीं। ऐसे में उन्हें सुरक्षित रूप से ढूंढना और वहां से लाना बेहद चुनौतीपूर्ण था। पुलिस ने धैर्य और समझदारी से काम किया और अंततः उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास पहुंचा दिया।
उनकी बेटी और परिवार ने मुंबई पुलिस की प्रशंसा की और कहा कि उनकी मेहनत और लगन से रत्ना की खोज में काफी मदद मिली। इसके लिए उनका परिवार मुंबई पुलिस का आभारी है।
पुलिस का कहना है कि वे लापता महिलाओं और बच्चों का पता लगाने के लिए विशेष अभियान जारी रखेंगे। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस की टीमें जल्द से जल्द लापता व्यक्तियों की खोज में जुट जाती हैं। इसी क्रम में रत्ना को भी सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार को सौंप दिया गया।