डीडीए बैठक में एलजी टीएस संधू का निर्देश: 'विकसित दिल्ली' के लिए मास्टर प्लान और जीरो टॉलरेंस नीति
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के उपराज्यपाल टीएस संधू ने 4 जुलाई 2025 को दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) की सलाहकार परिषद की बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें राष्ट्रीय राजधानी के आगामी मास्टर प्लान और सतत शहरी विकास की रूपरेखा पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई और तकनीक-आधारित निगरानी को 'विकसित दिल्ली' के निर्माण की धुरी बताया गया।
बैठक में कौन-कौन रहे मौजूद
बैठक में वरिष्ठ DDA अधिकारियों के साथ-साथ सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी और सांसद सुधांशु त्रिवेदी भी उपस्थित रहे। उपराज्यपाल संधू ने एक्स पर पोस्ट कर बैठक की जानकारी साझा करते हुए कहा, 'बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में सतत शहरी विकास की रूपरेखा की समीक्षा की गई।'
मुख्य घटनाक्रम: जीरो टॉलरेंस और रियल-टाइम निगरानी
अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के मुद्दे पर उपराज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'DDA को निर्देश दिया गया है कि अवैध अतिक्रमण और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए। इसके लिए जमीन और भवनों की रियल-टाइम निगरानी के लिए तकनीक का उपयोग किया जाए, ताकि ऐसे मामलों का तुरंत पता लगाकर त्वरित कार्रवाई की जा सके।'
गौरतलब है कि दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और अतिक्रमण लंबे समय से एक जटिल प्रशासनिक चुनौती रही है। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब DDA अपने नए मास्टर प्लान की रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में है।
सहयोगात्मक और पारदर्शी दृष्टिकोण पर जोर
संधू ने बैठक में 'विकसित दिल्ली' की परिकल्पना को रेखांकित करते हुए कहा, 'मैंने दोहराया कि दिल्ली की बदलती शहरी चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोगात्मक, पारदर्शी और तकनीक आधारित दृष्टिकोण सबसे महत्वपूर्ण है। हमने एक टिकाऊ, मजबूत और रहने योग्य 'विकसित दिल्ली' बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।'
बैठक में दिल्ली के नागरिक और संस्थागत ढाँचे को सुदृढ़ करने तथा शहर के सुनियोजित, समावेशी और भविष्योन्मुखी विकास को सुनिश्चित करने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
एक दिन पहले: ओमान के छात्रों से मुलाकात
इससे एक दिन पहले, गुरुवार को उपराज्यपाल संधू ने ओमान से आए छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। ये छात्र IIT गांधीनगर में विज्ञान भारती द्वारा आयोजित 'शास्त्र प्रतिभा प्रतियोगिता' के विजेता हैं।
संधू ने कहा, 'युवा पीढ़ी में वैज्ञानिक सोच और विश्लेषणात्मक क्षमता का विकास शोध, नवाचार और भविष्य के लिए तैयार समाज की मजबूत नींव रखने के लिए बेहद जरूरी है।' उन्होंने विज्ञान भारती के प्रयासों की सराहना करते हुए सभी विजेताओं को शुभकामनाएँ दीं।
आगे क्या
DDA के मास्टर प्लान की समीक्षा प्रक्रिया जारी रहेगी और तकनीक-आधारित निगरानी तंत्र को कार्यान्वित करने की दिशा में कदम उठाए जाने अपेक्षित हैं। अवैध निर्माणों पर जीरो टॉलरेंस नीति के क्रियान्वयन पर आने वाले हफ्तों में नज़र रहेगी।