दिल्ली में अवैध निर्माण पर रेखा गुप्ता का जीरो टॉलरेंस: 124 प्रॉपर्टी जाँची, 94 ध्वस्त, 114 सील
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सख्त निर्देश पर राजधानी में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के विरुद्ध व्यापक प्रवर्तन अभियान 6 जून 2026 को जारी रहा। राजस्व विभाग ने विभिन्न जिलों में 124 संपत्तियों का निरीक्षण कर उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध कार्रवाई की, जबकि दिल्ली नगर निगम (MCD) ने 1 जून से 6 जून के बीच 94 संपत्तियाँ ध्वस्त कीं और 114 को सील किया। यह अभियान मुख्यमंत्री की उस नीति का हिस्सा है जिसके तहत नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले किसी भी अनधिकृत निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिलेवार कार्रवाई का ब्यौरा
राजस्व विभाग द्वारा किए गए 124 स्थलों के निरीक्षण में उत्तर जिले में 10, पूर्वी जिले में 10, पश्चिम जिले में 21, दक्षिण-पश्चिम जिले में 13 और मध्य जिला (उत्तर) में 10 स्थलों पर उल्लंघन पाए जाने पर नोटिस जारी किए गए।
दक्षिण जिले में 30 स्थलों के निरीक्षण के दौरान 11 परिसरों को सील किया गया और 19 मामलों में कारण बताओ नोटिस दिए गए। बाहरी उत्तर जिले में भवन उपविधियों के उल्लंघन के चलते तीन अनधिकृत भवन ध्वस्त किए गए। नई दिल्ली जिले में सीलिंग नोटिस और मध्य जिले में क्लोजर नोटिस जारी हुए। पुरानी दिल्ली जिले में अग्निशमन विभाग का एनओसी उपलब्ध था, किंतु भवन स्वीकृति योजना न मिलने पर मामला MCD को भेजा गया। दक्षिण-पूर्व जिले में निरीक्षण के दौरान कोई उल्लंघन नहीं पाया गया।
MCD की छह दिनों की कार्रवाई
1 जून से 6 जून 2026 तक दिल्ली नगर निगम ने अवैध निर्माणों के विरुद्ध कानूनी और भौतिक दोनों मोर्चों पर अभियान तेज़ किया। इस अवधि में 94 संपत्तियाँ ध्वस्त और 114 सील की गईं। इसके साथ ही 84 कारण बताओ नोटिस, 41 सीलिंग नोटिस और 33 ध्वस्तीकरण आदेश जारी किए गए।
गौरतलब है कि यह कार्रवाई केवल संरचनाओं को हटाने तक सीमित नहीं रही — भविष्य में पुनरावृत्ति रोकने के लिए नोटिस और आदेश जारी करने की प्रक्रिया भी समानांतर चलती रही।
मुख्यमंत्री की स्थायी समाधान की रणनीति
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, सरकार केवल तात्कालिक कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्थायी प्रवर्तन तंत्र विकसित करने पर भी काम कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गेस्ट हाउस, नर्सिंग होम और बड़े सार्वजनिक उपयोग वाले भवनों के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस व्यवस्था विकसित करने की संभावनाओं पर गंभीरता से काम किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमा कंपनियाँ तभी कवर देंगी जब संबंधित भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा और आवश्यक मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होगा — इससे भवन स्वामियों पर नियमों के पालन का स्वाभाविक दबाव बनेगा।
अग्निशमन और डिजिटल निगरानी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने यह भी बताया कि दमकल विभाग की रेस्पॉन्स प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग प्रणाली विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह कदम अग्नि सुरक्षा उल्लंघनों की निगरानी को रियल-टाइम आधार पर सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया है।
यह ऐसे समय में आया है जब देश के कई शहरों में अवैध निर्माणों में आगजनी और हादसों की घटनाओं ने नगर प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) को भी अपने प्रवर्तन तंत्र को और मज़बूत करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
सरकार का स्पष्ट संकेत है कि यह अभियान एकबारगी नहीं, बल्कि निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। राजस्व विभाग, MCD और DDA के समन्वित अभियान के साथ थर्ड पार्टी इंश्योरेंस और डिजिटल ट्रैकिंग जैसे संस्थागत सुधारों की रूपरेखा अगले कुछ हफ्तों में स्पष्ट होने की उम्मीद है।