एआई टीचर की जगह नहीं ले सकता: अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन का बड़ा बयान
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी शिक्षा सचिव लिंडा मैकमोहन ने 25 अगस्त 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में स्पष्ट किया कि स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को अपनाना ज़रूरी है, लेकिन यह तकनीक कभी भी क्लासरूम में शिक्षक का विकल्प नहीं बन सकती। उन्होंने कहा कि एआई के इस्तेमाल में सुरक्षा उपाय अनिवार्य हैं और बच्चों के साथ मानवीय संपर्क को बनाए रखना शिक्षा की बुनियादी ज़रूरत है।
मैकमोहन का एआई पर स्पष्ट रुख
मैकमोहन ने कहा, 'हम एआई को अपना रहे हैं — एआई आ चुका है। मैं ऑस्टिन, टेक्सास में अल्फा स्कूल गई हूँ और मैंने इसे काम करते देखा है। लेकिन इस तकनीक को अपनाने के साथ-साथ सुरक्षा होनी चाहिए, क्योंकि यह समझना बहुत ज़रूरी है कि एआई क्लासरूम में टीचर की जगह नहीं ले सकता।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि एआई एक व्यक्तिगत ट्यूटर की भूमिका निभा सकता है — जो छात्र पीछे रह गए हैं उनके लिए पाठ्यक्रम दोहरा सकता है और जो आगे हैं उनके लिए उन्नत सामग्री उपलब्ध करा सकता है।
शिक्षा विभाग को 'हार्ड रीसेट' की ज़रूरत
मैकमोहन ने ट्रंप प्रशासन की उस योजना का भी ज़िक्र किया जिसके तहत संघीय शिक्षा विभाग को समाप्त कर स्कूलों पर नियंत्रण राज्यों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उनसे कहा था कि दशकों के खर्च और लगातार गिरते परीक्षा अंकों के बाद संघीय शिक्षा प्रणाली को 'हार्ड रीसेट' की ज़रूरत है। ट्रंप के अनुसार, '1980 में बने शिक्षा विभाग पर तीन ट्रिलियन डॉलर से अधिक खर्च हो चुके हैं, फिर भी टेस्ट स्कोर लगातार गिरते जा रहे हैं।'
अंतर-एजेंसी समझौते और ज़िम्मेदारियों का हस्तांतरण
मैकमोहन ने बताया कि प्रशासन अंतर-एजेंसी समझौतों के ज़रिए शिक्षा विभाग की कुछ ज़िम्मेदारियाँ अन्य संघीय एजेंसियों को सौंप रहा है। उनका तर्क है कि ये हस्तांतरण कांग्रेस को यह दिखाने के लिए हैं कि कई कार्यक्रम दूसरी एजेंसियों के तहत बेहतर तरीके से चल सकते हैं। उन्होंने कहा, 'आखिर में कांग्रेस को ही शिक्षा विभाग बंद करने के लिए वोट करना होगा — इसलिए मैं इसे साबित करने की प्रक्रिया में हूँ।' इसके अलावा, 1.7 ट्रिलियन डॉलर के छात्र ऋण प्रणाली की निगरानी को चरणबद्ध तरीके से ट्रेजरी विभाग को हस्तांतरित करने के लिए एक समझौता भी किया गया है।
स्कूल चॉइस और टैक्स क्रेडिट
स्कूल चॉइस पर मैकमोहन ने कहा कि ट्रंप के बड़े टैक्स और खर्च वाले कानून में शामिल एक संघीय टैक्स क्रेडिट प्रावधान 'स्कूल चॉइस के अवसर को राष्ट्रीय बनाने के सबसे करीब' है। इस कार्यक्रम के तहत राज्यों के गवर्नर भाग ले सकते हैं और छात्रवृत्ति देने वाले संगठन बना सकते हैं। नागरिक इन संगठनों में योगदान देकर 1,700 डॉलर तक का टैक्स क्रेडिट पा सकते हैं। यह राशि परिवारों को बच्चों को विफल हो रहे या उनकी ज़रूरतें पूरी न करने वाले स्कूलों से निकालने, आफ्टर-स्कूल ट्यूशन और दिव्यांग बच्चों की सहायता में उपयोग की जा सकती है।
ऐतिहासिक संदर्भ
गौरतलब है कि अमेरिकी शिक्षा विभाग 1979 में राष्ट्रपति जिमी कार्टर द्वारा हस्ताक्षरित कानून के तहत कैबिनेट स्तर की एजेंसी बना था और 1980 में कार्य करना शुरू किया था। यह ऐसे समय में आया है जब दुनिया भर में एआई के शैक्षणिक उपयोग को लेकर बहस तेज़ हो रही है और भारत सहित कई देश अपनी शिक्षा नीतियों में तकनीक को एकीकृत करने की दिशा में काम कर रहे हैं। मैकमोहन का यह बयान स्पष्ट करता है कि तकनीकी अपनाव और मानवीय शिक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना अमेरिकी नीति की प्राथमिकता है।