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विकसित भारत के लिए जनभागीदारी ज़रूरी: CM रेखा गुप्ता ने सामाजिक सेवकों को किया सम्मानित

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विकसित भारत के लिए जनभागीदारी ज़रूरी: CM रेखा गुप्ता ने सामाजिक सेवकों को किया सम्मानित

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक सम्मान समारोह में साफ कहा — विकसित भारत का रास्ता केवल सरकारी योजनाओं से नहीं, बल्कि 140 करोड़ नागरिकों की रोज़ की एक-एक पहल से बनेगा। पर्यावरण, नशामुक्ति, शिक्षा और पुनर्वास में काम कर रहे सात सामाजिक सेवकों को सम्मानित कर उन्होंने 'कार्यों से नायक' की अवधारणा को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 जुलाई 2026 को सम्मान समारोह में 'विकसित भारत' के लिए जनभागीदारी को अनिवार्य बताया।
उन्होंने कहा — 140 करोड़ नागरिक यदि रोज़ एक सकारात्मक कदम उठाएं, तो भारत प्रतिदिन 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।
मानवी शर्मा (बर्तन बैंक), शाहीन मलिक (एसिड अटैक पीड़ित पुनर्वास), अनूप कुमार (नशामुक्ति), राज संतोष (जेल RJ प्रशिक्षण), अर्चना (पुस्तकालय), राजेंद्र सिंह (दृष्टिबाधित शिक्षा) और श्वेता चौहान (वंचित सहायता) को सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सिंगल यूज़ प्लास्टिक कम करने और अधिक पेड़ लगाने की नागरिकों से अपील की।
देशभक्ति को पुनर्परिभाषित करते हुए कहा — ईमानदारी से काम करना और कर्तव्य पालन भी राष्ट्रसेवा है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 जुलाई 2026 को एक सम्मान समारोह में कहा कि 'विकसित भारत' का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री का संदेश: 140 करोड़ कदम रोज़

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार नागरिकों की भागीदारी पर जोर देते रहे हैं। यदि देश के 140 करोड़ नागरिक प्रतिदिन राष्ट्रहित में एक सकारात्मक कदम उठाएं, तो भारत हर दिन 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।" उन्होंने संयुक्त परिवार की परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार परिवार में जिम्मेदारियाँ साझा होती हैं, उसी तरह राष्ट्र निर्माण में भी समाज को स्वयं आगे आना होगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 करोड़ की आबादी वाले विशाल देश को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी अकेले सरकार की नहीं हो सकती। "जब तक समाज स्वयं आगे नहीं आएगा, तब तक विकास की गति अधूरी रहेगी," उन्होंने कहा।

सम्मानित सामाजिक सेवकों का परिचय

समारोह में मुख्यमंत्री ने कई समाजसेवियों के योगदान की सराहना की। मानवी शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'बर्तन बैंक' की पहल शुरू की है, जो सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में काम करती है। शाहीन मलिक एसिड अटैक पीड़िताओं के पुनर्वास और सम्मान के लिए कार्यरत हैं, जबकि अनूप कुमार नशामुक्ति अभियान से जुड़े हुए हैं।

राज संतोष जेल के कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण देते हैं। अर्चना युवाओं के लिए पुस्तकालय और अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। राजेंद्र सिंह दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए काम करते हैं और श्वेता चौहान जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों और वंचित बच्चों की सहायता करती हैं।

देशभक्ति की व्यापक परिभाषा

मुख्यमंत्री ने देशभक्ति की एक विस्तृत परिभाषा प्रस्तुत करते हुए कहा, "देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। हर नागरिक अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी से काम करके, समाज की सेवा करके, और अपने कर्तव्यों का पालन करके भी राष्ट्रसेवा कर सकता है।" उन्होंने सामाजिक सेवकों को 'कार्यों से नायक' बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।

दिल्ली के विकास में नागरिक भूमिका

नई दिल्ली के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और हरित राजधानी बनाने में सरकार अकेले सफल नहीं हो सकती। कूड़े के पहाड़ खत्म करने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण सुधारने के लिए नागरिकों को स्वयं कूड़ा फैलाने से बचना होगा और अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य चुनें जो देश और समाज के हित में हो।

रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रत्येक नागरिक को यह भावना अपनानी होगी कि यह दिल्ली मेरी है, इसकी जिम्मेदारी मेरी है — और यह भारत मेरा है, इसकी जिम्मेदारी भी मेरी है।" यह आह्वान जन-जागरण की दिशा में दिल्ली सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिन्हें केवल नागरिक-जागरण से नहीं सुलझाया जा सकता। सामाजिक सेवकों को सम्मानित करने की पहल सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि इन व्यक्तिगत प्रयासों को संस्थागत समर्थन और नीतिगत ढाँचा कब मिलेगा। 'कार्यों से नायक' बनाने की बजाय उन्हें टिकाऊ संसाधन देना सरकार की प्राथमिक ज़िम्मेदारी होनी चाहिए।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 'विकसित भारत' के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 जुलाई 2026 को कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तभी साकार होगा जब सरकार के साथ-साथ प्रत्येक नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाए। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ नागरिक यदि रोज़ एक सकारात्मक कदम उठाएं तो भारत प्रतिदिन 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।
सम्मान समारोह में किन सामाजिक सेवकों को सम्मानित किया गया?
समारोह में सात सामाजिक सेवकों को सम्मानित किया गया — मानवी शर्मा (बर्तन बैंक पहल), शाहीन मलिक (एसिड अटैक पीड़ित पुनर्वास), अनूप कुमार (नशामुक्ति), राज संतोष (जेल में RJ प्रशिक्षण), अर्चना (युवाओं के लिए पुस्तकालय), राजेंद्र सिंह (दृष्टिबाधित शिक्षा) और श्वेता चौहान (वंचित परिवारों की सहायता)।
'बर्तन बैंक' पहल क्या है और इसे क्यों सराहा गया?
'बर्तन बैंक' मानवी शर्मा की पर्यावरण संरक्षण पहल है, जो सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में बर्तन उपलब्ध कराती है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इसे प्रेरणादायक बताते हुए कहा कि सिंगल यूज़ प्लास्टिक को कम करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
दिल्ली के विकास में नागरिकों की क्या भूमिका बताई गई?
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और हरित दिल्ली बनाने में सरकार अकेले सफल नहीं हो सकती। नागरिकों को कूड़ा न फैलाने, अधिक पेड़ लगाने और सरकारी योजनाओं में सहयोग करने की अपील की गई।
रेखा गुप्ता ने देशभक्ति को कैसे परिभाषित किया?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि देशभक्ति केवल सीमा पर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। ईमानदारी से काम करना, समाज की सेवा करना और अपने कर्तव्यों का पालन करना भी राष्ट्रसेवा है।
राष्ट्र प्रेस
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