विकसित भारत के लिए जनभागीदारी ज़रूरी: CM रेखा गुप्ता ने सामाजिक सेवकों को किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 4 जुलाई 2026 को एक सम्मान समारोह में कहा कि 'विकसित भारत' का लक्ष्य केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी और व्यक्तिगत जिम्मेदारी से ही हासिल किया जा सकता है। उन्होंने समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित करते हुए यह बात कही।
मुख्यमंत्री का संदेश: 140 करोड़ कदम रोज़
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार नागरिकों की भागीदारी पर जोर देते रहे हैं। यदि देश के 140 करोड़ नागरिक प्रतिदिन राष्ट्रहित में एक सकारात्मक कदम उठाएं, तो भारत हर दिन 140 करोड़ कदम आगे बढ़ेगा।" उन्होंने संयुक्त परिवार की परंपरा का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस प्रकार परिवार में जिम्मेदारियाँ साझा होती हैं, उसी तरह राष्ट्र निर्माण में भी समाज को स्वयं आगे आना होगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 140 करोड़ की आबादी वाले विशाल देश को आगे ले जाने की ज़िम्मेदारी अकेले सरकार की नहीं हो सकती। "जब तक समाज स्वयं आगे नहीं आएगा, तब तक विकास की गति अधूरी रहेगी," उन्होंने कहा।
सम्मानित सामाजिक सेवकों का परिचय
समारोह में मुख्यमंत्री ने कई समाजसेवियों के योगदान की सराहना की। मानवी शर्मा ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'बर्तन बैंक' की पहल शुरू की है, जो सिंगल यूज़ प्लास्टिक के विकल्प के रूप में काम करती है। शाहीन मलिक एसिड अटैक पीड़िताओं के पुनर्वास और सम्मान के लिए कार्यरत हैं, जबकि अनूप कुमार नशामुक्ति अभियान से जुड़े हुए हैं।
राज संतोष जेल के कैदियों को रेडियो जॉकी का प्रशिक्षण देते हैं। अर्चना युवाओं के लिए पुस्तकालय और अध्ययन सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। राजेंद्र सिंह दृष्टिबाधित विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए काम करते हैं और श्वेता चौहान जरूरतमंद परिवारों, बुजुर्गों और वंचित बच्चों की सहायता करती हैं।
देशभक्ति की व्यापक परिभाषा
मुख्यमंत्री ने देशभक्ति की एक विस्तृत परिभाषा प्रस्तुत करते हुए कहा, "देशभक्ति केवल सीमा पर जाकर देश की रक्षा करने तक सीमित नहीं है। हर नागरिक अपने दैनिक जीवन में ईमानदारी से काम करके, समाज की सेवा करके, और अपने कर्तव्यों का पालन करके भी राष्ट्रसेवा कर सकता है।" उन्होंने सामाजिक सेवकों को 'कार्यों से नायक' बताते हुए कहा कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को सकारात्मक दिशा देते हैं।
दिल्ली के विकास में नागरिक भूमिका
नई दिल्ली के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वच्छ और हरित राजधानी बनाने में सरकार अकेले सफल नहीं हो सकती। कूड़े के पहाड़ खत्म करने, प्रदूषण कम करने और पर्यावरण सुधारने के लिए नागरिकों को स्वयं कूड़ा फैलाने से बचना होगा और अधिक से अधिक पेड़ लगाने होंगे। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने जीवन में कम से कम एक ऐसा कार्य अवश्य चुनें जो देश और समाज के हित में हो।
रेखा गुप्ता ने कहा, "प्रत्येक नागरिक को यह भावना अपनानी होगी कि यह दिल्ली मेरी है, इसकी जिम्मेदारी मेरी है — और यह भारत मेरा है, इसकी जिम्मेदारी भी मेरी है।" यह आह्वान जन-जागरण की दिशा में दिल्ली सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।