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नीति आयोग बैठक में CM रेखा गुप्ता ने पेश किया दिल्ली का विकास मॉडल, ₹1 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाएं और 500 KM मेट्रो नेटवर्क हाईलाइट

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नीति आयोग बैठक में CM रेखा गुप्ता ने पेश किया दिल्ली का विकास मॉडल, ₹1 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाएं और 500 KM मेट्रो नेटवर्क हाईलाइट

सारांश

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में CM रेखा गुप्ता ने दिल्ली को 'विकसित भारत 2047' की धुरी के रूप में पेश किया — ₹1 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाएं, 500 KM मेट्रो नेटवर्क, 'समर्थ' पहल और 'रानी हाट' जैसे कार्यक्रमों के साथ। यह दिल्ली की नई BJP सरकार का पहला बड़ा राष्ट्रीय मंच पर विजन प्रस्तुति था।

मुख्य बातें

CM रेखा गुप्ता ने नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में PM नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में दिल्ली का विकास मॉडल प्रस्तुत किया।
केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली में ₹1 लाख करोड़ की सड़क अवसंरचना परियोजनाएं विकसित की जा रही हैं।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अब लगभग 500 किलोमीटर तक विस्तारित हो चुका है — देश में सबसे बड़ा।
बालिकाओं के ड्रॉपआउट रोकने के लिए कक्षा 9 की छात्राओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना शुरू।
'समर्थ' पहल के तहत आँगनवाड़ी केंद्रों का 6 स्तंभों पर आधारित व्यापक रूपांतरण किया जाएगा।
महिला उद्यमियों के उत्पादों के लिए 'रानी हाट' आउटलेट्स जल्द शुरू होंगे।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 12 जून 2025 को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की गवर्निंग काउंसिल की 11वीं बैठक में राष्ट्रीय राजधानी का समग्र विकास मॉडल प्रस्तुत किया। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' के निर्माण में दिल्ली की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित करते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढाँचे और सामाजिक कल्याण क्षेत्रों में सरकार की उपलब्धियाँ गिनाईं।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बैठक में स्पष्ट किया कि किसी विकसित राष्ट्र की पहचान केवल आर्थिक या तकनीकी प्रगति से नहीं, बल्कि उसके नागरिकों की क्षमता और उत्पादकता से भी तय होती है। उन्होंने कहा, "दिल्ली देश के परिवर्तन की एक मजबूत प्रेरक शक्ति बनकर उभरी है।" साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल पर दिल्लीवासियों की ओर से शुभकामनाएँ दीं।

बुनियादी ढाँचे में निवेश

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की सहायता से दिल्ली में लगभग ₹1 लाख करोड़ की लागत से सड़क अवसंरचना परियोजनाओं का विकास किया जा रहा है। दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अब लगभग 500 किलोमीटर तक पहुँच चुका है, जो देश के अन्य राज्यों के मेट्रो नेटवर्क से बड़ा है। परिवहन क्षेत्र में आधुनिकीकरण के तहत व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जाँच के लिए तीन नए स्वचालित परीक्षण केंद्र भी विकसित किए जा रहे हैं।

शिक्षा और महिला सशक्तिकरण

शिक्षा के मोर्चे पर रेखा गुप्ता ने बताया कि कक्षा 9 में छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के लिए सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बालिकाओं को मुफ्त साइकिल देने की योजना शुरू की गई है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए सरकार जल्द ही 'महिला हाट आउटलेट्स (रानी हाट)' शुरू करने जा रही है, जो आश्रय गृहों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए स्थायी बाज़ार उपलब्ध कराएगा।

बाल एवं मातृ कल्याण: 'समर्थ' पहल

बच्चों और माताओं के कल्याण के लिए 'समर्थ' नामक एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत आँगनवाड़ी केंद्रों का व्यापक रूपांतरण किया जाएगा। यह मॉडल छह प्रमुख स्तंभों — क्रेच, पोषण, शिक्षा, परिवार सहभागिता और महिलाओं के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण — पर आधारित है। गौरतलब है कि यह पहल आँगनवाड़ी प्रणाली को पारंपरिक पोषण केंद्र से बहुआयामी सामुदायिक संसाधन में बदलने का प्रयास है।

प्रशासनिक सुधार और पर्यावरण

प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के सभी विभागों में ई-फाइल प्रणाली और पूर्ण डिजिटलाइज़ेशन लागू किया गया है। नए कंट्रोल एंड कमांड सेंटर स्थापित किए गए हैं और मिशन कर्मयोगी के तहत अधिकारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पर्यावरण के मोर्चे पर, प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में पड़ोसी राज्यों के साथ एक विशेष समन्वय टीम गठित की गई है, जो यमुना नदी के अविरल प्रवाह को बहाल करने और प्रदूषण समस्या के समाधान के लिए काम कर रही है। यह ऐसे समय में आया है जब यमुना प्रदूषण वर्षों से राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है और पिछली सरकारों पर ठोस कदम न उठाने के आरोप लगते रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि यह PM मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के उत्सव के साथ मेल खाती है। ₹1 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाओं और 500 KM मेट्रो जैसे आँकड़े प्रभावशाली हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश केंद्र-वित्त पोषित हैं — राज्य सरकार की स्वतंत्र नीतिगत पहल का दायरा अभी स्पष्ट नहीं। यमुना सफाई के लिए 'समन्वय टीम' का उल्लेख आशावादी है, मगर यह नदी दशकों से वादों और समितियों की गवाह रही है — ठोस समयसीमा और जवाबदेही तंत्र के बिना यह भी उसी कतार में खड़ा दिखता है।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में CM रेखा गुप्ता ने क्या प्रस्तुत किया?
CM रेखा गुप्ता ने बैठक में दिल्ली का समग्र विकास मॉडल पेश किया, जिसमें ₹1 लाख करोड़ की सड़क परियोजनाएं, 500 KM मेट्रो नेटवर्क, 'समर्थ' पहल और 'रानी हाट' जैसे कार्यक्रम शामिल थे। उन्होंने 'विकसित भारत 2047' में दिल्ली की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
'समर्थ' पहल क्या है और इससे किसे फायदा होगा?
'समर्थ' दिल्ली सरकार की एक नई पहल है जिसके तहत आँगनवाड़ी केंद्रों को क्रेच, पोषण, शिक्षा, परिवार सहभागिता और महिला सशक्तिकरण के छह स्तंभों पर पुनर्गठित किया जाएगा। इससे मुख्य रूप से छोटे बच्चों और उनकी माताओं को लाभ मिलेगा।
दिल्ली में यमुना सफाई के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
CM रेखा गुप्ता के अनुसार, PM मोदी के मार्गदर्शन में पड़ोसी राज्यों के साथ एक विशेष समन्वय टीम गठित की गई है जो यमुना के अविरल प्रवाह को बहाल करने और प्रदूषण कम करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है।
'रानी हाट' क्या है और यह महिलाओं की कैसे मदद करेगा?
'रानी हाट' (महिला हाट आउटलेट्स) एक प्रस्तावित बाज़ार मंच है जो आश्रय गृहों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री के लिए स्थायी बाज़ार उपलब्ध कराएगा। यह जल्द शुरू होने वाला है।
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अभी कितना बड़ा है?
CM रेखा गुप्ता के अनुसार, केंद्र सरकार के सहयोग से दिल्ली मेट्रो नेटवर्क अब लगभग 500 किलोमीटर तक पहुँच चुका है, जो देश के किसी भी अन्य राज्य के मेट्रो नेटवर्क से बड़ा है।
राष्ट्र प्रेस
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