दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,786 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की समीक्षा की

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दिल्ली के मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,786 करोड़ रुपए की विकास योजनाओं की समीक्षा की

सारांश

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,786 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की, और सभी विभागों को तेजी से कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। जानिए कैसे ये योजनाएं ग्रामीण और शहरी विकास को प्रभावित करेंगी।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विकास योजनाओं की समीक्षा की
  • परियोजनाओं की कुल लागत 3,786 करोड़ रुपए है
  • बजटीय निधि का उपयोग प्राथमिकता
  • ग्रामीण विकास के लिए 707 योजनाएं मंजूर
  • सड़कों, जल आपूर्ति, और स्ट्रीटलाइट कार्य शामिल

नई दिल्ली, 6 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को 3,786 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की और मानसून से पहले सभी विभागों के अधिकारियों को कार्यों को तेजी से पूरा करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री विकास निधि (सीएमडीएफ), दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड (डीवीडीबी), और ट्रांस-यमुना क्षेत्र विकास बोर्ड (टीवाईएडीबी) के अंतर्गत राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न हिस्सों में चल रहे विकास कार्यों की बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक में डीवीडीबी के अध्यक्ष राजकुमार चौहान, टीवाईएडीबी के अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस बात पर जोर दिया कि विकास कार्यों की गति जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन तीनों विभागों के अंतर्गत अब तक लगभग 3,786 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है।

उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के लिए बजटीय निधि का उपयोग सुनिश्चित करना भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है।

अधिकारियों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत में विकास कार्यों से संबंधित प्रक्रियाओं को जल्द शुरू किया जाए ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर समाप्त हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री विकास निधि योजना के तहत कई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

अब तक, इस योजना के तहत 3,812 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग 1,798.85 करोड़ रुपए है।

इन परियोजनाओं में सड़कों और नालियों का निर्माण, जल आपूर्ति से संबंधित कार्य, स्ट्रीटलाइट लगाना, पार्कों का विकास और अन्य बुनियादी ढांचागत सुविधाएं शामिल हैं।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि ये कार्य दिल्ली नगर निगम (एमसीडी), सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी), लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), दिल्ली राज्य औद्योगिक और अवसंरचना विकास निगम (डीएसआईआईडीसी), और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) सहित विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से किए जा रहे हैं।

अधिकांश परियोजनाएं एमसीडी के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही हैं।

समीक्षा बैठक के बाद, मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए ठोस कदम उठा रही है। इस दिशा में, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के तहत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में 707 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिन पर लगभग 1,557 करोड़ रुपए का व्यय होगा।

मुख्यमंत्री गुप्ता ने आगे बताया कि इन योजनाओं का उद्देश्य गांवों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है।

Point of View

बल्कि राज्य सरकार के लिए भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
NationPress
06/03/2026

Frequently Asked Questions

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कितनी विकास परियोजनाओं की समीक्षा की?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 3,786 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की समीक्षा की।
इन विकास परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इनका उद्देश्य दिल्ली के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में सुधार करना है।
कौन से विभाग इन परियोजनाओं को कार्यान्वित कर रहे हैं?
ये परियोजनाएं एमसीडी, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण विभाग, दिल्ली जल बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, और अन्य एजेंसियों द्वारा कार्यान्वित की जा रही हैं।
कितनी परियोजनाओं को सीएमडीएफ के तहत मंजूरी मिली है?
सीएमडीएफ के तहत 3,812 विकास परियोजनाओं को प्रशासनिक मंजूरी मिल चुकी है।
क्या ग्रामीण क्षेत्रों में भी विकास किया जा रहा है?
हां, दिल्ली ग्राम विकास बोर्ड के तहत 707 विकास परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
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