2 अक्टूबर 2026
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सीएम रेखा गुप्ता ने आजादपुर में चलाया स्वच्छता अभियान, 'नो मैन्स लैंड' पर जवाबदेही तय करने का आदेश

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सीएम रेखा गुप्ता ने आजादपुर में चलाया स्वच्छता अभियान, 'नो मैन्स लैंड' पर जवाबदेही तय करने का आदेश

सारांश

गांधी जयंती पर दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने आजादपुर की उस जगह को चुना जिसे दो नगर जोन 'अपनी' नहीं मानते — और सीधे नगर आयुक्त को बुलाकर जवाबदेही की माँग कर दी। स्वच्छता यहाँ सिर्फ झाड़ू लगाना नहीं था, बल्कि प्रशासनिक जड़ता को चुनौती थी।

मुख्य बातें

दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती पर आजादपुर में 'सेवा मेरा योगदान' अभियान के तहत स्वच्छता श्रमदान किया।
आजादपुर मंडी के पिछले गेट को मुख्यमंत्री ने जानबूझकर चुना, क्योंकि केशवपुरम और सिविल लाइंस दोनों नगर जोन जिम्मेदारी लेने से इनकार करते थे।
मुख्यमंत्री ने जोन सीमा विवाद सुलझाने और जवाबदेही तय करने के लिए सीधे नगर आयुक्त को बुलाने का आदेश दिया।
पिछले एक साल में इलाके में धूल कम होने और सड़कें न धंसने का दावा; PWD को बधाई दी गई।
यह आयोजन 'सेवा संकल्प अभियान' ( 17 सितंबर से 17 अक्टूबर ) और 'सेवा पखवाड़ा' का हिस्सा है, जो PM मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन के उपलक्ष्य में चल रहा है।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 2 अक्टूबर 2026 को गांधी जयंती के अवसर पर आजादपुर इलाके में 'सेवा मेरा योगदान' अभियान के तहत स्वच्छता श्रमदान में भाग लिया और नागरिकों से स्वच्छ दिल्ली के संकल्प में सहभागी बनने की अपील की। उन्होंने इस अवसर पर नगर निकायों की आपसी खींचतान के कारण बदहाल पड़े इलाके में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए सीधे नगर आयुक्त को बुलाने का निर्णय किया।

क्यों चुना आजादपुर को

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जानबूझकर आजादपुर के मंडी के पिछले गेट को इस कार्यक्रम के लिए चुना, क्योंकि वहाँ स्वच्छता की स्थिति लंबे समय से बदतर बनी हुई थी। उन्होंने कहा, 'यह इलाका नो मैन्स लैंड जैसा है। यहाँ हमेशा भारी मात्रा में कचरा जमा रहता है।'

मुख्यमंत्री के अनुसार, केशवपुरम जोन का कहना था कि यह इलाका उसके अधिकार क्षेत्र से बाहर है, जबकि सिविल लाइंस जोन ने अपनी सीमा से बाहर बताया। दो नगर जोन के बीच इस 'ज़िम्मेदारी के शून्य' के चलते इलाका वर्षों से उपेक्षित रहा।

जवाबदेही पर सख्त रुख

रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा, 'जहाँ कचरे की इतनी गंभीर समस्या है और दोनों जोन जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं, वहाँ मैंने सीधे कमिश्नर को बुलाने का फैसला किया।' उन्होंने यह भी कहा कि शहर को साफ रखने के लिए हर स्तर पर जवाबदेही तय करना अनिवार्य है — 'अगर जिम्मेदारी तय नहीं होगी, तो काम भी नहीं होगा।'

यह वक्तव्य ऐसे समय आया है जब नई दिल्ली नगर पालिका परिषद (NDMC) और दिल्ली नगर निगम (MCD) के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर विवाद पुराने हैं। गौरतलब है कि आजादपुर जैसे बड़े व्यावसायिक बाजारों के आसपास सफाई की समस्या दशकों पुरानी है।

एक साल में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले एक वर्ष में आदर्श नगर क्षेत्र में धूल में कमी आई है और सड़कें पहले की तरह धंसी नहीं हैं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी (PWD) को बधाई देते हुए कहा, 'इस बार यहाँ की सड़कें नहीं धंसीं — यह बदलाव साफ दिखता है।'

हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उनके अपने अवलोकन पर आधारित है।

स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ाव

यह आयोजन 'सेवा मेरा योगदान' अभियान का हिस्सा है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में देशभर में चलाए जा रहे 'सेवा संकल्प अभियान' (17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक) के अंतर्गत आता है। इसी कड़ी में 'सेवा पखवाड़ा' (17 सितंबर से 2 अक्टूबर) के तहत विभिन्न सेवा गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 12 साल पहले शुरू हुआ स्वच्छ भारत मिशन अब केवल प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य और जन आंदोलन बन चुका है।

उपस्थित जनप्रतिनिधि

इस अवसर पर विधायक राजकुमार भाटिया, उत्तरी क्षेत्र वार्ड समिति के अध्यक्ष गुलाब सिंह राठौर, नगर निगम पार्षद मुकेश गोयल, सुमन शर्मा, अजय खटाना और अन्य स्थानीय गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी साझा कीं।

आगे देखें तो मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद नगर आयुक्त का जोन-सीमा संबंधी निर्णय इस 'नो मैन्स लैंड' समस्या के स्थायी समाधान की दिशा तय करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'सेवा मेरा योगदान' अभियान क्या है?
'सेवा मेरा योगदान' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चल रहे 'सेवा संकल्प अभियान' का हिस्सा है, जो 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक देशभर में आयोजित हो रहा है। इसके तहत सामुदायिक सेवा, श्रमदान और जन-भागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
सीएम रेखा गुप्ता ने आजादपुर को ही क्यों चुना?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आजादपुर मंडी के पिछले गेट को इसलिए चुना क्योंकि वहाँ लंबे समय से भारी कचरा जमा रहता है और केशवपुरम व सिविल लाइंस — दोनों नगर जोन इसे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर बताते थे। वे इस 'नो मैन्स लैंड' की समस्या का स्थायी समाधान निकालना चाहती थीं।
नगर निगम की जोन-सीमा विवाद पर क्या फैसला हुआ?
मुख्यमंत्री ने नगर आयुक्त को सीधे बुलाने का आदेश दिया है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आजादपुर का वह हिस्सा किस जोन के अधिकार क्षेत्र में आता है। अभी तक कोई अंतिम आधिकारिक निर्णय सार्वजनिक नहीं हुआ है।
स्वच्छ भारत मिशन कब शुरू हुआ और इसका क्या महत्व है?
स्वच्छ भारत मिशन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगभग 12 साल पहले शुरू हुआ था। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार यह अभियान अब केवल प्रशासनिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नागरिक कर्तव्य और जन आंदोलन बन चुका है।
'सेवा पखवाड़ा' कब से कब तक चला?
'सेवा पखवाड़ा' 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला 15 दिवसीय कार्यक्रम था। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के आसपास होती है और समापन गांधी जयंती पर होता है।
राष्ट्र प्रेस
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