क्या यमुना सफाई अभियान जन आंदोलन में बदल रहा है? दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- यमुना सफाई अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है।
- मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जन भागीदारी की सराहना की।
- युवाओं की भागीदारी को परिवर्तन की ताकत बताया गया।
- पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं।
- सभी का सामूहिक नैतिक दायित्व है यमुना को स्वच्छ रखना।
नई दिल्ली, 4 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को आईटीओ के पास छठ घाट पर आयोजित यमुना सफाई अभियान का निरीक्षण किया और इसमें बढ़ती जनभागीदारी की सराहना की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि इसने जन आंदोलन का रूप ले लिया है।
उन्होंने आगे कहा कि यमुना हमारी आस्था, संस्कृति और सभ्यता की शाश्वत जीवनरेखा है।
कल्चर यूथ फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने फाउंडेशन के स्वयंसेवकों की सराहना की और नागरिकों, युवाओं और यमुना टास्क फोर्स के कर्मियों की सक्रिय भागीदारी को प्रेरणादायक बताया।
उन्होंने कहा कि यमुना स्वच्छता अभियान में रविवार को भी बड़ी संख्या में लोगों की स्वैच्छिक भागीदारी, इस उद्देश्य के प्रति बढ़ती जन जागरूकता और प्रतिबद्धता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी सार्थक सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन के पीछे युवाओं की भागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि राष्ट्र की आस्था, संस्कृति और सभ्यता का जीवंत प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि यमुना को स्वच्छ, निर्मल और निर्बाध बनाए रखना न केवल सरकार का दायित्व है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हम सभी का सामूहिक नैतिक दायित्व है।
मुख्यमंत्री गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार यमुना सफाई अभियान को युद्धस्तर पर, चरणबद्ध, वैज्ञानिक और सुनियोजित तरीके से चला रही है।
उन्होंने कहा कि गाद और अन्य पदार्थों के निपटान, अपशिष्ट प्रबंधन, सीवेज ट्रीटमेंट, बायोलॉजिकल ट्रीटमेंट और मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करके यमुना के पुनरुद्धार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी पर आधारित पहलों को हर संभव सहयोग देगी।
उन्होंने कहा कि स्थायी और सकारात्मक बदलाव तभी संभव है जब समाज और सरकार मिलकर काम करें।
यमुना के संरक्षण और स्वच्छता के लिए नागरिकों से निरंतर जागरूकता, अनुशासन और भागीदारी बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ यमुना, स्वच्छ स्वस्थ और सशक्त दिल्ली का प्रतीक बनेगी।