मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का 'मां यमुना तट स्वच्छता अभियान': 28 घाटों पर 15 जून को एकसाथ सफाई
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में दिल्ली सरकार 15 जून 2025 (रविवार) को यमुना नदी के 28 घाटों पर एकसाथ 'मां यमुना तट स्वच्छता अभियान' का आयोजन करेगी। 'एक संकल्प-स्वच्छ यमुना' के संदेश के साथ शुरू होने वाला यह महाअभियान यमुना को उसका ऐतिहासिक गौरव लौटाने, नदी तटों की सफाई और पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का रूप देने की दिशा में एक ठोस कदम है।
मुख्यमंत्री गीता कॉलोनी घाट पर करेंगी श्रमदान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं गीता कॉलोनी घाट पर उपस्थित रहकर हजारों नागरिकों के साथ श्रमदान करेंगी। अभियान सुबह 6 बजे से शुरू होगा और पूरे दिन यमुना के विभिन्न घाटों, तटों तथा रिवरफ्रंट क्षेत्रों में स्वच्छता एवं जन-जागरूकता गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। दिल्ली के सांसद, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और गणमान्य व्यक्ति भी विभिन्न स्थलों पर मौजूद रहेंगे।
28 घाटों की पूरी सूची
इस महाअभियान के अंतर्गत चिल्ला गांव घाट, निजामुद्दीन घाट, ठोकर नंबर-14 गीता कॉलोनी घाट, ठोकर नंबर-18 गांधी नगर घाट, पुराना लोहे पुल घाट, सिग्नेचर ब्रिज-वजीराबाद घाट (पूर्वी तट), डेढ़ पुश्ता घाट (सोनिया विहार), चौथा पुश्ता घाट (सोनिया विहार), कर्तव्य कुंज घाट (वेस्ट बैंक), आईटीओ ओल्ड रेलवे ब्रिज हाथी घाट, रामघाट, काली घाट, श्याम घाट, यमुना बैंक, यमुनेश्वर घाट, वजीराबाद यमुना बायोडायवर्सिटी पार्क (दायां किनारा), रेलवे ब्रिज यमुना बैंक, आईटीओ डाउनस्ट्रीम वेस्टर्न बैंक-1 व 2, आईटीओ अपस्ट्रीम राइट बैंक, सराय काले खां आर/बी, ठोकर नंबर-13, कुंडेरिया घाट, निगम बोध घाट, ईस्टर्न बैंक डाउनस्ट्रीम वजीराबाद और कालिंदी कुंज डाउनस्ट्रीम (ईस्टर्न बैंक) सहित प्रमुख स्थल शामिल हैं।
नागरिकों से लिया जाएगा पाँच सूत्री संकल्प
अभियान के दौरान नागरिकों को यमुना संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए पाँच संकल्प दिलाए जाएंगे — पूजा सामग्री, फूल-माला एवं मूर्तियाँ नदी में न प्रवाहित करना; पॉलीथीन एवं सिंगल यूज़ प्लास्टिक का उपयोग न करना; पुराने कपड़े व कचरा यमुना में न फेंकना; नदी तटों को स्वच्छ रखना; और अन्य लोगों को भी यमुना स्वच्छता के प्रति प्रेरित करना। अभियान का उद्देश्य केवल कचरा हटाना नहीं, बल्कि यमुना संरक्षण को एक स्थायी जन-आंदोलन का स्वरूप देना है।
पिछले अभियान में 12 टन से अधिक कचरा एकत्र
यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्ष आयोजित 'मेरी यमुना, मेरा कर्तव्य' अभियान में हजारों स्वयंसेवकों की भागीदारी से 12 टन से अधिक कचरा एकत्र कर उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया गया था। गौरतलब है कि उस अभियान की सफलता ने यह साबित किया कि सरकार और नागरिक समाज के संयुक्त प्रयास से बड़े सकारात्मक परिवर्तन संभव हैं।
व्यापक जनभागीदारी की तैयारी
इस महाअभियान में लगभग 500 सामाजिक, धार्मिक, शैक्षणिक और स्वयंसेवी संगठनों के साथ हजारों स्वयंसेवक और दिल्लीवासी भाग लेंगे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना केवल नदी नहीं, बल्कि दिल्ली की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय धरोहर है और इसका संरक्षण प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'स्वच्छ भारत' संकल्प और प्रकृति संरक्षण के विजन से प्रेरित होकर दिल्ली सरकार यमुना पुनरुद्धार को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में ऐसे अभियानों को नियमित और संस्थागत रूप देने की योजना है।