28 अक्टूबर 2026
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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर विपक्ष का पलटवार, नितिन नवीन ने नई दिल्ली में किया नेतृत्व

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भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा पर विपक्ष का पलटवार, नितिन नवीन ने नई दिल्ली में किया नेतृत्व

सारांश

भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा शुरू होते ही विपक्षी एकजुटता का नज़ारा दिखा — कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और सपा ने भाजपा पर ही संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने और चुनावी दुरुपयोग का आरोप लगाया। यात्रा राजनीतिक है या जनसेवा — यह सवाल अब सड़कों से संसद तक गूँज रहा है।

मुख्य बातें

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता , राज्य मंत्री और भाजपा सांसद यात्रा में शामिल रहे।
कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने भाजपा पर संवैधानिक संस्थाओं को 'अधीन' करने का आरोप लगाया।
एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी ने भाजपा की यात्राओं की परंपरा 1992 में आडवाणी की रथयात्रा से जोड़ी।
सपा नेता योगेश प्रताप सिंह ने विधान परिषद चुनाव में प्रशासन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाया।
इंडिया गठबंधन अपनी प्रति-रैली की तैयारी में है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा का नेतृत्व किया। इस मार्च में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य के मंत्री और भाजपा सांसद भी शामिल रहे। यात्रा के शुरू होते ही विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी और भाजपा पर ही 'अराजकता' फैलाने का आरोप लगाया।

कांग्रेस का पलटवार

कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को अपने अधीन कर रखा है और अब 'लोकतंत्र बचाने' की बात कर रही है। उन्होंने कहा, 'जब भाजपा के लोग विपक्ष में थे तो इंदिरा गांधी के खिलाफ अराजकता फैलाते थे। आज विपक्ष अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की माँग रखता है तो वे हमें अराजक बताते हैं, जबकि असल अराजकता वे खुद फैला रहे हैं।'

कांग्रेस नेता राजेंद्र पाल गौतम ने और आगे जाते हुए कहा कि यदि किसी ने लोकतंत्र की हत्या की है तो वह भाजपा है और अराजकता फैलाने का काम भी भाजपा और उसके सहयोगी कर रहे हैं।

एनसीपी (एसपी) का यात्राओं पर ऐतिहासिक संदर्भ

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) यानी एनसीपी (एसपी) के नेता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि यात्राएँ निकालने में भाजपा माहिर है और इसकी शुरुआत लालकृष्ण आडवाणी ने 1992 में की थी। उन्होंने कहा, 'यात्राओं के बलबूते ही वे सत्ता में आए हैं। राहुल गांधी ने भी यात्रा निकाली, अब नितिन नवीन भी निकाल रहे हैं — लेकिन यात्राओं से शांति और भाईचारे का संदेश जाना चाहिए, नफरत का नहीं।'

इंडिया गठबंधन की तैयारी

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इंडिया (INDIA) गठबंधन की प्रस्तावित रैली का संदर्भ देते हुए कहा कि 'लोकतंत्र की लूट हो रही है, उसी के खिलाफ हमारा आंदोलन है।' यह बयान इस बात का संकेत है कि विपक्षी खेमा अपना एक अलग प्रति-अभियान तैयार कर रहा है।

सपा का विधान परिषद चुनाव पर आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता योगेश प्रताप सिंह ने हाल के विधान परिषद चुनाव परिणामों का ज़िक्र करते हुए कहा कि नतीजे और बेहतर हो सकते थे, लेकिन भाजपा और राज्य के मुख्यमंत्री ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बनाकर जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को काम पर लगा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल प्रबंधकों और शिक्षकों को नोटिस भेजे गए और बार-बार चुनाव आयोग से गुहार लगाने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आगे क्या

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग को लेकर आक्रामक है और इंडिया गठबंधन अपनी अलग रैली की तैयारी कर रहा है। दोनों पक्षों के इस राजनीतिक संघर्ष का असर आने वाले चुनावी कैलेंडर पर पड़ सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि यह असल में एक नैरेटिव की लड़ाई है, नीति की नहीं। आलोचकों का कहना है कि जब तक इन यात्राओं में ठोस नीतिगत माँगें नहीं जुड़तीं, ये जनता को लामबंद करने के बजाय महज राजनीतिक प्रदर्शन बनकर रह जाती हैं। विधान परिषद चुनाव में कथित प्रशासनिक दखल के सपा के आरोप इस पूरी बहस में एक और परत जोड़ते हैं, जिस पर मुख्यधारा की कवरेज कम ध्यान दे रही है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा क्या है?
यह 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में आयोजित एक राजनीतिक पदयात्रा है। इसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, राज्य मंत्री और भाजपा सांसद भी शामिल रहे।
विपक्ष ने इस पदयात्रा पर क्या आपत्ति जताई?
कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और सपा ने भाजपा पर ही लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रवक्ता अतुल लोंढे ने कहा कि भाजपा ने संवैधानिक संस्थाओं को अपने अधीन कर रखा है, इसलिए उसका 'लोकतंत्र बचाओ' का नारा विरोधाभासी है।
नसीम सिद्दीकी ने भाजपा की यात्रा परंपरा के बारे में क्या कहा?
एनसीपी (एसपी) नेता नसीम सिद्दीकी ने कहा कि भाजपा की यात्रा-राजनीति की शुरुआत 1992 में लालकृष्ण आडवाणी ने की थी और इन्हीं यात्राओं के बल पर पार्टी सत्ता में आई। उन्होंने यह भी कहा कि यात्राओं से शांति और भाईचारे का संदेश जाना चाहिए, नफरत का नहीं।
सपा ने विधान परिषद चुनाव में क्या आरोप लगाए?
सपा नेता योगेश प्रताप सिंह ने कहा कि भाजपा और राज्य के मुख्यमंत्री ने विधान परिषद चुनाव को 'प्रतिष्ठा का सवाल' बनाकर जिलाधिकारियों, पुलिस कप्तानों और शिक्षा अधिकारियों का इस्तेमाल किया। उनके अनुसार स्कूल प्रबंधकों व शिक्षकों को नोटिस भेजे गए और चुनाव आयोग से बार-बार गुहार के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली का उद्देश्य क्या है?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के अनुसार इंडिया गठबंधन की रैली 'लोकतंत्र की लूट' के खिलाफ आयोजित की जाएगी। यह भाजपा की पदयात्रा के जवाब में विपक्ष के एकजुट प्रति-अभियान का हिस्सा बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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