मनीष तिवारी का BJP पर निशाना: 'सत्ता में रहते लोकतंत्र बचाने की रैली' अजीब विडंबना
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा पर तीखा प्रहार किया। तिवारी ने इसे एक 'अजीब विडंबना' करार देते हुए सवाल उठाया कि जब सत्ताधारी पार्टी स्वयं रैली निकाल रही है, तो वह वास्तव में किससे लोकतंत्र बचाना चाहती है।
तिवारी का सीधा सवाल
मनीष तिवारी ने कहा, 'यह एक अजीब विडंबना है। आमतौर पर विपक्ष सरकार के गलत कामों के खिलाफ विरोध करता है, लेकिन यहाँ विपक्ष मतदान के अधिकारों की रक्षा के लिए विरोध कर रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'यह भी अनोखी बात है कि सत्ता में बैठे लोग रैली कर रहे हैं। वे किस बात के लिए रैली कर रहे हैं? अगर आप संविधान को बचाना चाहते हैं, तो उन 13 करोड़ लोगों के मतदान के अधिकार बहाल करें, जिन्हें इनसे वंचित रखा गया है। ऐसा करने से संविधान की रक्षा हो जाएगी।'
BJP पदयात्रा का संदर्भ
यह बयान ऐसे समय में आया है जब बुधवार को दिल्ली के चांदनी चौक में BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में यह पदयात्रा निकाली जानी थी। इस मार्च में दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद जताई गई। गौरतलब है कि यह पदयात्रा पार्टी के उस राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है, जो मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को लेकर विपक्ष के विरोध के बीच आयोजित की जा रही है।
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी 'इंडिया' ब्लॉक ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली की घोषणा की है। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के चल रहे SIR में कथित अनियमितताएँ हुई हैं।
पंजाब में नार्को-टेररिज्म पर चिंता
कांग्रेस नेता तिवारी ने पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी गंभीर चिंता जताई। उन्होंने कहा, 'मैंने हमेशा यही कहा है और इस बारे में लिखा भी है कि पंजाब 1995 से ही नार्को-टेररिज्म के दौर से गुजर रहा है। जिस तरह 1980 से 1995 के बीच आतंकवाद का मुकाबला करके उसे खत्म किया गया था, उसी तरह आने वाली पीढ़ियों को बचाने के लिए पंजाब को एकजुट होकर नार्को-टेररिज्म के खिलाफ लड़ना होगा।'
अबोहर मैराथन पर विवाद
इस बीच, पंजाब सरकार ने बुधवार को अबोहर में 'जाखड़ ट्रस्ट' द्वारा आयोजित की जाने वाली सातवीं वार्षिक नशा-विरोधी मैराथन की अनुमति देने से इनकार कर दिया। सरकार ने राज्य की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को कारण बताया। BJP नेता सुनील जाखड़ के परिवार द्वारा संचालित यह ट्रस्ट पिछले सात वर्षों से 'नशों से दूर, खेलों की ओर' नारे के तहत यह कार्यक्रम आयोजित करता रहा है।
आगे क्या
दिल्ली में BJP की पदयात्रा और विपक्ष की 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली के बीच SIR विवाद पर राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है। मतदान के अधिकार और मतदाता सूची पुनरीक्षण का यह मुद्दा आने वाले दिनों में संसद के अंदर और बाहर दोनों जगह गरमाता रहेगा।