क्या लोकतंत्र बचाने के लिए जरूरी है 'वोटर अधिकार यात्रा'?

सारांश
Key Takeaways
- वोट का अधिकार
- लोगों में वोटर अधिकार यात्रा के प्रति उत्साह है।
- भाजपा के खिलाफ बढ़ती आवाजें लोकतंत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।
- राहुल गांधी का समर्थन संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है।
- यह यात्रा जन आशीर्वाद यात्रा में बदल चुकी है।
मोतिहारी, 28 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राजद नेता तेजस्वी यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में बिहार में चल रही वोटर अधिकार यात्रा को लेकर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि यह यात्रा लोकतंत्र को बचाने के लिए है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए कहा कि यह केवल चुनावी गतिविधि नहीं है। यदि वोट नहीं होगा, तो लोकतंत्र कैसे बचेगा? चुनाव लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है और वोट भी इसी प्रक्रिया का एक हिस्सा है। यदि वोट का अधिकार समाप्त हो जाएगा, तो लोकतंत्र का अस्तित्व मिट जाएगा। इसलिए, यह यात्रा लोकतंत्र को बचाने के उद्देश्य से है।
पवन खेड़ा ने आगे कहा कि वोटर अधिकार यात्रा के प्रति लोगों में जबरदस्त उत्साह है। भाजपा-एनडीए के प्रति जनता में चिंता और गुस्सा है। यदि कोई उनकी पहचान चुराने की कोशिश करेगा, तो लोग उसे कैसे माफ करेंगे? हमारी वोटर अधिकार यात्रा का समर्थन लगातार बढ़ रहा है।
वहीं, राजद के सांसद संजय यादव ने कहा कि तेजस्वी यादव रोजाना बेरोजगारी, गरीबी, पलायन और महंगाई पर बात कर रहे हैं। उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर भी चर्चा की। इस कारण भाजपा में डर का माहौल है। स्थानीय लोगों को सड़क, बिजली और स्वास्थ्य की अच्छी व्यवस्था चाहिए। इसके लिए जनता अपने मत का अधिकार प्रयोग करती है और अच्छी सरकार बनाती है। ऐसे में भाजपा उनके मताधिकार को समाप्त करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि जनता के मत के अधिकार की रक्षा के लिए वोटर अधिकार यात्रा निकाली जा रही है। भाजपा की जनविरोधी नीतियों के कारण जनता में आक्रोश है। लोग भाजपा का बहिष्कार कर रहे हैं। वोटर अधिकार यात्रा का अप्रत्याशित परिणाम मिल रहा है। यह अब जन आशीर्वाद यात्रा में परिवर्तित हो चुकी है। लोग संविधान, लोकतंत्र और अपने मताधिकार की रक्षा के लिए राहुल गांधी का समर्थन कर रहे हैं।